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शादीपुर में वेश दबलकर रहे थे भगत सिंह

Sat, 23 Mar 2019 01:46 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 23 Mar 2019 01:46 AM IST
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शादीपुर में वेश दबलकर रहे थे भगत सिंह

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केशव मालान, हजियापुर (अलीगढ़)

हजियापुर। अलीगढ़ जनपद में जट्टारी क्षेत्र के गांव शादीपुर में शहीद भगत सिंह ने शिक्षा रूपी पौधा रोपित कर बच्चों को देशभक्ति का पाठ पढ़ाया था। वह अपनी पहचान बदलकर बलवंत सिंह के नाम से शादीपुर गांव में 18 माह तक रुके थे। यहां पर उन्होंने अंग्रेज सैनिकों से मोर्चा लेने के लिए लोगों को बम बनाना भी सिखाया करते थे। हालांकि भगत सिंह की ओर से रोपा गया शिक्षा का पौधा उदासीनता के चलते सूख चुका है।


गांव के निवासी सेवानिवृत्त प्रवक्ता चौधरी लक्ष्मण सिंह और अध्यापक योगेश कुमार के अनुसार सरदार भगत सिंह सन् 1928 में गणेश शंकर विद्यार्थी के पास कानपुर पहुंचे थे। कानपुर क्रांतिकारियों का गढ़ था। शादीपुर गांव के निवासी स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर टोडर सिंह भी कानपुर गए थे जहां उनकी उनकी मुलाकात भगत सिंह से हुई थी। कानपुर में पुलिस का खतरा बढ़ता देख स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर टोडर सिंह अनुरोध कर भगत सिंह को अपने साथ अलीगढ़ और फिर तकीपुर रजवाहा होते हुए अपने गांव शादीपुर ले आए थे। यहां भगत सिंह ने दाढ़ी, बाल कटवा लिया था और टोडर सिंह ने बलवंत सिंह के रूप में ग्रामीणों का उनका परिचय दिया था।
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ठा. टोडर सिंह के यहां रहते हुए गांव से करीब 800 मीटर बाहर एक बगीचे में भगत सिंह बच्चों को पढ़ाते थे। रामशरण उसरह, नत्थन सिंह जलालपुर, रघुवीर सिंह मढ़ा हबीपुर, हरिशंकर आजाद, खैर और गांव के नारायण सिंह आदि ने भगत सिंह से शिक्षा के साथ देशभक्ति का भी पाठ पढ़ा था। वह शाम के समय कुश्ती भी सिखाते थे। 23 मार्च 1931 को फांसी दिए जाने के बाद से शादीपुर गांव के लोग शहीद दिवस मनाते आ रहे हैं। शनिवार को भी गांव में शहीद दिवस मनाया जाएगा, जिसमें मंडलायुक्त अजयदीप सिंह शामिल होंगे। यह जानकारी ग्राम प्रधान भानुप्रकाश सिंह ने दी है।
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सरकार स्कूल खोले, हम देंगे जमीन
हजियापुर। भगत सिंह को गांव शादीपुर लाने वाले स्वतंत्रता सेनानी ठा. टोडर सिंह के नाती राजेंद्र सिंह कहते हैं कि गर्व होता है जब शहीद भगत सिंह की जीवन गाथा के साथ हमारे दादा ठा. टोडश्र सिंह का नाम जोड़ते हुए गांव शादीपुर का जिक्र होता है। इन यादों को हम हमेशा जिंदा रखना चाहते हैं। शहीद के स्थल को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए प्रशासन, शासन भी आगे आए। जहां पर सरदार भगत सिंह 18 माह तक वेश बदलकर रहे उस जगह पर सरकार कन्या इंटर कॉलेज अथवा गोशाला खोले तो वहां पर मौजूद करीब तीन एकड़ जमीन हम दान कर देंगे। ग्रामीणों ने किसी भी एक सड़क का नाम टोडर सिंह मार्ग, अलीगढ़-पलवल मार्ग पर भगत सिंह के नाम पर द्वार, शादीपुर गांव में भगत सिंह पार्क के सौंदर्यीकरण और संपूर्ण विकास के लिए गांव को गोद लिए जाने की मांग की।
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