{"_id":"68a9a1071bcbed81fd0e85c2","slug":"15-elderly-people-suddenly-went-missing-from-the-old-age-home-2025-08-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: छर्रा के वृद्धाश्रम से अचानक लापता हो गए 15 बुजुर्ग, रिकार्ड में 100 दर्ज, मिले 85","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: छर्रा के वृद्धाश्रम से अचानक लापता हो गए 15 बुजुर्ग, रिकार्ड में 100 दर्ज, मिले 85
Sat, 23 Aug 2025 04:38 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Sat, 23 Aug 2025 04:38 PM IST
सार
रिकार्ड के अनुसार वहां कुल 100 बुजुर्गों का रहना दर्ज था। मगर आश्रम में गिनती में सिर्फ 85 बुजुर्ग ही मिले। इस पर वहां स्टाफ व संचालक आदि से सवाल पूछा तो कोई जवाब नहीं दे सके। बस इतना बताया कि सभी अपने अपने परिजनों या रिश्तेदारों के यहां गए हैं।
विज्ञापन
वृदाश्रम के निरीक्षण के दौरान रजिस्टर चेक करती पारूल अत्री,नितिन श्रीवास्तव,महिमा व अन्य
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अलीगढ़ के छर्रा में संचालित आवासीय वृद्धाश्रम से 22 अगस्त को 15 बुजुर्ग गायब पाए गए। यह देख औचक निरीक्षण को पहुंची न्यायिक अधिकारियों की सेल्टर होम समिति दंग रह गई। तमाम प्रयास के बाद आश्रम का स्टाफ सिर्फ एक बुजुर्ग के विषय में यह जवाब दे सका कि उसे उसके परिजन लेकर गए हैं। बाकी के विषय में कोई जवाब उनके पास नहीं था। इस तरह की अव्यवस्थाएं देख समिति वापस आ गई। अब इस मामले में कार्रवाई की संस्तुति सहित डीएम को विस्तृत रिपोर्ट दी जा रही है।
विज्ञापन
शासन द्वारा छर्रा में आवासीय बुजुर्ग आश्रम संचालित है, जिसका संचालन अशर्फी ग्रामोद्योग संस्थान एनजीओ द्वारा किया जाता है। 22 अगस्त को जब न्यायिक अधिकारियों की सेल्टर होम निगरानी संबंधी समिति की अध्यक्ष एडीजे पारुल अत्री, सदस्य विधिक प्राधिकरण सचिव एडीजे नितिन श्रीवास्तव व न्यायिक अधिकारी महिमा चौधरी वहां पहुंचे तो स्टाफ में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पहले तो वहां गंदगी, संसाधनों की कमी आदि पर ही समिति का मूड ऑफ हो गया।
विज्ञापन
बाद में समिति ने जब रजिस्टर देखना शुरू किया तो रिकार्ड के अनुसार वहां कुल 100 बुजुर्गों का रहना दर्ज था। मगर आश्रम में गिनती में सिर्फ 85 बुजुर्ग ही मिले। इस पर वहां स्टाफ व संचालक आदि से सवाल पूछा तो कोई जवाब नहीं दे सके। बस इतना बताया कि सभी अपने अपने परिजनों या रिश्तेदारों के यहां गए हैं। मगर उसका कोई लिखित साक्ष्य या लिखित प्रार्थना पत्र नहीं था।
विज्ञापन
न ये रिकार्ड था कि वे कब गए या कब आएंगे। इन सवालों पर उलझा स्टाफ सिर्फ एक बुजुर्ग के विषय में परिवार द्वारा ले जाने का प्रार्थना पत्र दिखा सका। इसके बाद वहां रसोई, खान पान के इंतजाम, रहने-सोने के इंतजाम देखे। जिनमें गंदगी सबसे बड़ा मुद्दा दिखा। समिति अब इस मामले में जिला प्रशासन के जरिये कार्रवाई कराएगी। इस संबंध में डीएम को संस्तुति सहित पूरी रिपोर्ट दी जा रही है।
16 जुलाई को लापता हुए बुजुर्ग का आज तक नहीं लगा सुराग
समिति में शामिल सदस्य विधिक प्राधिकरण सचिव एडीजे नितिन श्रीवास्तव के अनुसार उन्होंने 16 जुलाई को भी आश्रम का निरीक्षण किया था। तब उन्हें एक बिस्तर पर एक बुजुर्ग नहीं मिले। मगर कुछ दिन पहले वे बुजुर्ग वहां थे। तब भी उन्होंने सवाल किया कि बुजुर्ग कहां हैं तो स्टाफ कोई जवाब नहीं दे पाया था। बस इतना कहा था कि पता नहीं कहां चले गए। इस पर उन्होंने निर्देश देकर बुजुर्ग की गुमशुदगी छर्रा थाने में कराई थी। जिसमें पुलिस आज तक बुजुर्ग की तलाश कर रही हैं। अब शुक्रवार के निरीक्षण की रिपोर्ट में उस घटना का भी उल्लेख किया जाएगा।