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शहर के खुले नाले, कर सकते हैं मौत के हवाले
Updated Fri, 20 Apr 2018 02:28 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
शहर में करीब 92 किलोमीटर से भी अधिक लंबाई के नाले राहगीरों, वाहन चालकों और खासतौर से बच्चों के लिए बेहद खतरनाक बने हुए हैं। इनसे जान का खतरा तो है ही साथ ही खुला होने के कारण इनमें कूड़ा करकट भी जमा होता है और यह डस्टबिन की तरह इस्तेमाल होते हैं। इससे यह ब्लाक हो जाते हैं, जिससे बारिश में जलभराव की स्थिति बन जाती है।
खुले नाले मौत का मुंह
रामघाट रोड, जीटी रोड बन्ना देवी, अचल तालाब, डीएस कॉलेज के सामने सराय रहमान से होकर गुजर रहा बड़ा नाला, गूलर रोड नाला, खैर रोड पर अधबना नाला। यह सभी वह नाले हैं जो खुले हुए हैं और हादसे का सबब बन सकते हैं।
कई जगह तो खत्म ही हो गए नाले
कई जगह पर कूड़ा करकट भरा होने के कारण नाले का अस्तित्व ही समाप्त होने की स्थिति में आ गया है। मसूदाबाद चौराहे पर सिटी हाई स्कूल के सामने के नाले की यही स्थिति है। दुबे के पड़ाव, एसपी सिटी आफिस के सामने रेलवे की वाउंड्री से लगा, आमिर निशा की ओर डिग्गी रोड, मैरिस रोड चौराहे, लूइजा सोल्स स्कूल के सामने आदि कई ऐसी जगह हैं जहां पर कूड़ा डालकर नाले को पाट दिया गया है या पाटने की तैयारी की जा रही है।
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10 लोगों का गैंग चलाएगा सुपर सकर मशीन
अलीगढ़। नाला सफाई के लिए नगर निगम में आई सुपर सकर मशीन को 10 लोगों का गैंग मिलकर चलाएगा। अभी तक नगर निगम प्रत्येक वर्ष सीवर आदि को खोलने के लिए किराए की सकर मशीन लाता था, जिसका किराया ही एक करोड़ रुपये से ऊपर तक पहुंच जाता था। हालांकि नगर निगम के पूर्व कार्यकारिणी सदस्य और कुछ मौजूदा पार्षदों को शंका है कि सफाई के खेल में पैसे की सफाई का काम नहीं रुकेगा। सकर मशीन सीवर लाइनों को खोलने में मदद करेगी। नगर निगम कार्यकारिणी के पूर्व उप सभापति कुलदीप पांडेय कहते हैं कि डस्ट स्वीपिंग मशीन कागजों पर तीन दिन और सड़क पर एक दिन चलती है। यही हाल सकर मशीन का होगा। इसके अलावा शहर के अधिकांश नए बने नालों का स्लोब सही नहीं है। इस तरह समस्या वही ढाक के तीन बात वाली रही।
यह हैं शहर के कुछ प्रमुख नाले जिन पर पूरी आबादी का ड्रेनेज निर्भर करता है।
- इगलास रोड पंपिंग स्टेशन से लाल डिग्गी पोखर तक 6.5 किलोमीटर
- आईटीआई रोड से अलीगढ़ ड्रेन तक 1.5 किलोमीटर की लंबाई
- राम घाट रोड से स्टेडियम तक 2.3 किलोमीटर की लंबाई
- दोदपुर जाकिर हुसैन के सामने से होते हुए लाल डिग्गी तक 1 किलोमीटर की लंबाई
- मेडिकल रोड पर एक किलोमीटर की लंबाई
- जफर इकबाल रोड से मेडिकल रोड से जाफरी ड्रेन तक 1 किलोमीटर की लंबाई
-जीवन गढ़ रोड पर 1.5 किलोमीटर की लंबाई का नाला
- समद रोड से रामघाट रोड क्वार्सी पीएसी तक 1.7 किलोमीटर की लंबाई का नाला
- रामबाग से अतरौली अड्डा तक 2 किलोमीटर की लंबाई का नाला
- जीटी रोड तहसील से सूतमिल तक 1.7 किलोमीटर की लंबाई का नाला
- स्लाटर हाउस रोड पर दोनों और नाले की लंबाई 3.4 किलोमीटर
- आगरा रोड सासनी गेट चौराहे से एडीए कॉलोनी तक दोनों साइड 1 किलोमीटर
- रावणटीला से क्वार्सी बाईपास तक 2.2 किलोमीटर का नाला
- खैर रोड चौराहे से नादा बंबे तक दोनों ओर 4.5 किलोमीटर लंबा नाला
नाला सफाई का काम कहीं भी शुरू नहीं हुआ है। जनता के साथ बहुत बड़ा धोखा हो रहा है। जनता पार्षदों से जवाब मांग रही है। अधिकारी उदासीन पड़े हैं। अभी तक तो नालों की तलीझाड़ सफाई हो जानी चाहिए थी। यही नहीं सफाई के काम में एक व्यक्ति का काकस है इसको तोड़ना जरूरी है।
- पुष्पेंद्र जादौन, उप सभापति, नगर निगम कार्यकारिणी
मशीन आ गई स्वास्थ्य अधिकारी को पता नहीं
अमर उजाला ने गुरुवार को जब नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शिवकुमार से पूछा कि नालों की सुपर सकर मशीन से सफाई कब शुरू हो जाएगी तो उन्होेंने कहा कि जल्द ही मशीन आ जाएगी और उसके बाद सफाई भी शुरू हो जाएगी, जबकि सकर मशीन आ चुकी है और नगर निगम परिसर में ही खड़ी है। नाला सफाई पर उन्होंने कहा कि 20 दिन से नालों की सफाई शुरू हो चुकी है, लेकिन उप सभापति कार्यकारिणी ने उनके इस दावे को नकार दिया। नाले ढकने पर उन्होंने कहा कि इसमें कोई तकनीकी समस्या नहीं है। बीच-बीच में मैनहोल छोड़ा जा सकता है। नालों को ढका जा सकता है। इस पर व्यापक रूप से विचार करने की जरूरत है। इसके अलावा गुरुवार को नगर स्वास्थ्य अधिकारी गूलर रोड पर उस नाले पर भी गए, जिसमें बालक की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि दो घरों के बीच में नाला है। इस पर अतिक्रमण कर लिया गया है।
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शहर में करीब 92 किलोमीटर से भी अधिक लंबाई के नाले राहगीरों, वाहन चालकों और खासतौर से बच्चों के लिए बेहद खतरनाक बने हुए हैं। इनसे जान का खतरा तो है ही साथ ही खुला होने के कारण इनमें कूड़ा करकट भी जमा होता है और यह डस्टबिन की तरह इस्तेमाल होते हैं। इससे यह ब्लाक हो जाते हैं, जिससे बारिश में जलभराव की स्थिति बन जाती है।
खुले नाले मौत का मुंह
रामघाट रोड, जीटी रोड बन्ना देवी, अचल तालाब, डीएस कॉलेज के सामने सराय रहमान से होकर गुजर रहा बड़ा नाला, गूलर रोड नाला, खैर रोड पर अधबना नाला। यह सभी वह नाले हैं जो खुले हुए हैं और हादसे का सबब बन सकते हैं।
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कई जगह तो खत्म ही हो गए नाले
कई जगह पर कूड़ा करकट भरा होने के कारण नाले का अस्तित्व ही समाप्त होने की स्थिति में आ गया है। मसूदाबाद चौराहे पर सिटी हाई स्कूल के सामने के नाले की यही स्थिति है। दुबे के पड़ाव, एसपी सिटी आफिस के सामने रेलवे की वाउंड्री से लगा, आमिर निशा की ओर डिग्गी रोड, मैरिस रोड चौराहे, लूइजा सोल्स स्कूल के सामने आदि कई ऐसी जगह हैं जहां पर कूड़ा डालकर नाले को पाट दिया गया है या पाटने की तैयारी की जा रही है।
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10 लोगों का गैंग चलाएगा सुपर सकर मशीन
अलीगढ़। नाला सफाई के लिए नगर निगम में आई सुपर सकर मशीन को 10 लोगों का गैंग मिलकर चलाएगा। अभी तक नगर निगम प्रत्येक वर्ष सीवर आदि को खोलने के लिए किराए की सकर मशीन लाता था, जिसका किराया ही एक करोड़ रुपये से ऊपर तक पहुंच जाता था। हालांकि नगर निगम के पूर्व कार्यकारिणी सदस्य और कुछ मौजूदा पार्षदों को शंका है कि सफाई के खेल में पैसे की सफाई का काम नहीं रुकेगा। सकर मशीन सीवर लाइनों को खोलने में मदद करेगी। नगर निगम कार्यकारिणी के पूर्व उप सभापति कुलदीप पांडेय कहते हैं कि डस्ट स्वीपिंग मशीन कागजों पर तीन दिन और सड़क पर एक दिन चलती है। यही हाल सकर मशीन का होगा। इसके अलावा शहर के अधिकांश नए बने नालों का स्लोब सही नहीं है। इस तरह समस्या वही ढाक के तीन बात वाली रही।
यह हैं शहर के कुछ प्रमुख नाले जिन पर पूरी आबादी का ड्रेनेज निर्भर करता है।
- इगलास रोड पंपिंग स्टेशन से लाल डिग्गी पोखर तक 6.5 किलोमीटर
- आईटीआई रोड से अलीगढ़ ड्रेन तक 1.5 किलोमीटर की लंबाई
- राम घाट रोड से स्टेडियम तक 2.3 किलोमीटर की लंबाई
- दोदपुर जाकिर हुसैन के सामने से होते हुए लाल डिग्गी तक 1 किलोमीटर की लंबाई
- मेडिकल रोड पर एक किलोमीटर की लंबाई
- जफर इकबाल रोड से मेडिकल रोड से जाफरी ड्रेन तक 1 किलोमीटर की लंबाई
-जीवन गढ़ रोड पर 1.5 किलोमीटर की लंबाई का नाला
- समद रोड से रामघाट रोड क्वार्सी पीएसी तक 1.7 किलोमीटर की लंबाई का नाला
- रामबाग से अतरौली अड्डा तक 2 किलोमीटर की लंबाई का नाला
- जीटी रोड तहसील से सूतमिल तक 1.7 किलोमीटर की लंबाई का नाला
- स्लाटर हाउस रोड पर दोनों और नाले की लंबाई 3.4 किलोमीटर
- आगरा रोड सासनी गेट चौराहे से एडीए कॉलोनी तक दोनों साइड 1 किलोमीटर
- रावणटीला से क्वार्सी बाईपास तक 2.2 किलोमीटर का नाला
- खैर रोड चौराहे से नादा बंबे तक दोनों ओर 4.5 किलोमीटर लंबा नाला
नाला सफाई का काम कहीं भी शुरू नहीं हुआ है। जनता के साथ बहुत बड़ा धोखा हो रहा है। जनता पार्षदों से जवाब मांग रही है। अधिकारी उदासीन पड़े हैं। अभी तक तो नालों की तलीझाड़ सफाई हो जानी चाहिए थी। यही नहीं सफाई के काम में एक व्यक्ति का काकस है इसको तोड़ना जरूरी है।
- पुष्पेंद्र जादौन, उप सभापति, नगर निगम कार्यकारिणी
मशीन आ गई स्वास्थ्य अधिकारी को पता नहीं
अमर उजाला ने गुरुवार को जब नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शिवकुमार से पूछा कि नालों की सुपर सकर मशीन से सफाई कब शुरू हो जाएगी तो उन्होेंने कहा कि जल्द ही मशीन आ जाएगी और उसके बाद सफाई भी शुरू हो जाएगी, जबकि सकर मशीन आ चुकी है और नगर निगम परिसर में ही खड़ी है। नाला सफाई पर उन्होंने कहा कि 20 दिन से नालों की सफाई शुरू हो चुकी है, लेकिन उप सभापति कार्यकारिणी ने उनके इस दावे को नकार दिया। नाले ढकने पर उन्होंने कहा कि इसमें कोई तकनीकी समस्या नहीं है। बीच-बीच में मैनहोल छोड़ा जा सकता है। नालों को ढका जा सकता है। इस पर व्यापक रूप से विचार करने की जरूरत है। इसके अलावा गुरुवार को नगर स्वास्थ्य अधिकारी गूलर रोड पर उस नाले पर भी गए, जिसमें बालक की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि दो घरों के बीच में नाला है। इस पर अतिक्रमण कर लिया गया है।