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आठ साल बाद आया फैसला: बच्ची से दुष्कर्म में दूल्हा बने रिश्ते के चाचा को 10 साल की सजा, यह है मामला
Thu, 13 Jun 2024 10:40 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Thu, 13 Jun 2024 10:40 PM IST
सार
बच्ची अपनी दादी संग रिश्तेदारी में शादी में गई थी। वहां से बरात आने के बाद वह उसी घर में रुकी थी। दिन में अधिकांश लोग सोए हुए थे। वह भी बेड पर सो रही थी। तभी रिश्ते के उसी चाचा ने उसके साथ दुष्कर्म किया, जो शादी करके लौटा था।
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सजा
- फोटो : प्रतीकात्मक
विस्तार
अलीगढ़ जनपद में अतरौली के गांव कंदौली में रिश्तेदारी में शादी में शामिल होने आई आठ वर्ष की बच्ची से दुष्कर्म में दूल्हा बने रिश्ते के चाचा बाल अपचारी को दस वर्ष कैद की सजा सुनाई गई है। यह फैसला एडीजे तृतीय पॉक्सो वीरेंद्र नाथ पांडेय की अदालत ने सुनाया है। साथ में 25 हजार रुपये अर्थदंड भी निर्धारित किया है। यह पूरी राशि पीड़ित पक्ष को दी जाएगी। सजा के साथ-साथ जेल के वरिष्ठ अधीक्षक को भी कारागार में नियमानुसार निरुद्ध रखने संबंधी आदेश लिखा गया है।
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घटना जुलाई वर्ष 2016 की है। अतरौली थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए बच्ची के पिता ने बताया कि उनकी बेटी अपनी दादी संग गांव कंदौली में रिश्तेदारी में शादी में गई थी। वहां से बरात आने के बाद वह उसी घर में रुकी थी। दिन में अधिकांश लोग सोए हुए थे। वह भी बेड पर सो रही थी। तभी रिश्ते के उसी चाचा ने उसके साथ दुष्कर्म किया, जो शादी करके लौटा था।
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उसी कमरे में दुल्हन चाची भी गहरी नींद में सोई हुई थी। इस पर उसके गंभीर चोट आई। बाद में आरोपी की मां ने बच्ची का उपचार भी कराया और घर भेज दिया। घर आने पर बच्ची ने मां को पूरा वाकया बताया तो पुलिस को तहरीर दी गई। मामले में पुलिस ने मुकदमा, अदालत में बयान आदि प्रक्रिया पूरी कराई गई और चार्जशीट दायर की गई।
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अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी द्वय संजय शर्मा व लव बंसल ने बताया कि अदालत में सत्र परीक्षण के दौरान आरोपी को बाल अपचारी तय किया गया। मामले में सत्र परीक्षण के बाद साक्ष्यों व बच्ची के बयान सहित अन्य गवाहों की गवाही के आधार पर सजा सुनाई गई है। साथ में वरिष्ठ जेल अधीक्षक को जेल में बिताई गई अवधि को सजा में शामिल कर अब जेल में नियमानुसार निरुद्ध रखा जाए।