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जब सीएम अखिलेश यादव की टीम ही बन गई बंधक
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 09 Jul 2013 04:24 PM IST
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अलीगढ़ के लोधा स्थित गांव नेहरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सोमवार को सत्यापन के लिए पहुंची मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की विशेष टीम के सामने ही ताबड़तोड़ फायरिंग के साथ तोड़फोड़ की गई।
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यह सब हुआ सीएचसी प्रभारी के दुर्व्यवहार और उनके द्वारा दबंगों के बुलाए जाने पर।
इन दबंगों ने फरियादियों पर सीधे फायरिंग कर दी। हालांकि कोई जख्मी नहीं हुआ, मगर गुस्साई भीड़ ने अस्पताल में घुसकर एएनएम की पिटाई कर दी।
बंधक बनी रही टीम
इस उपद्रव के दौरान विशेष टीम एक घंटे तक बंधक बनी रही। पुलिस के आने पर ही टीम को वहां से निकाला गया। पुलिस ने योगेंद्र व जुगेंद्र को गिरफ्तार किया है। मुख्यमंत्री की विशेष टीम नेहरा सीएचसी पर सत्यापन के लिए पहुंची तो उनके साथ स्वास्थ्य और विकास विभाग के कई अफसर थे।
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ग्रामीणों को भगाना शुरू कर दिया
टीम के सीएचसी पहुंचते ही बाहर वहां अस्पताल और गांव के विकास संबंधी समस्याएं बताने को ग्रामीण पहुंच गए। इसी बीच टीम के साथ प्रधान अंदर चले गए। उन्होंने कुछ समस्याएं बताईं। इस पर सीएचसी प्रभारी डॉ. सत्येंद्र सिंह भड़क गए और उन्होंने ग्रामीणों को भगाना शुरू कर दिया।
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और शुरू हो गया बवाल
इस पर लोगों ने विरोध किया, तो उन्होंने फोन कर अपनी ससुराल गांव जिरौली डोर से कुछ परिचित और रिश्तेदार दबंगों को बुला लिया। आते ही इन लोगों ने भीड़ पर फायरिंग शुरू कर दी। यहां आधा दर्जन राउंड फायर हुए।
तोड़फोड़ पर उतर आए ग्रामीण
इस पर भीड़ भड़क गई और उन्होंने दरवाजे पर तोड़फोड़ करते हुए एक कार की हवा निकाल दी, जबकि जिरौली डोर की रहने वाली सीएचसी में मौजूद एएनएम नीरू की पिटाई कर दी। बाहर पैदा हुए अराजक माहौल को लेकर टीम डर गई और खुद को अंदर बंद कर लिया।
पूरी टीम के चेहरे पर थी दहशत
घटना के दौरान लखनऊ से आई टीम के सदस्यों के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के डीएमओ राहुल कुलश्रेष्ठ, स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मचारी, ऑडिट टीम और विकास विभाग के कर्मचारियों, अधिकारियों ने खुद को अंदर बंद कर लिया। एक घंटे तक वे अंदर ही छिपे रहे।