{"_id":"f7cd3a6c-7a62-11e2-8deb-d4ae52bc57c2","slug":"akhilesh-presented-budget-of-uttar-pradesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी बजटः लड़कियों को फ्री शिक्षा, किसानों का कर्ज माफ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी बजटः लड़कियों को फ्री शिक्षा, किसानों का कर्ज माफ
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Tue, 19 Feb 2013 08:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्य विपक्षी दल बसपा के विरोध के बीच यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को विधानसभा में वर्ष 2013-14 के लिए 2,21,201 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह पिछले साल के बजट के मुकाबले 10.5 फीसदी अधिक है। सरकार ने अपने चुनावी एजेंडे को धार देते हुए बजट में गरीबों, किसानों, नौजवानों, मुसलमानों और महिलाओं का खास ख्याल रखा है।
विज्ञापन
इसमें कृषि, शिक्षा, बिजली, अल्पसंख्यक और कमजोर वर्गों के कल्याण पर खास जोर दिया गया है। कृषि क्षेत्र के बजट में भारी बढ़ोतरी करते हुए 17,174 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जबकि अल्पसंख्यकों के कल्याण और विकास के लिए पिछले बजट के मुकाबले 29.5 फीसदी अधिक धन का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्रालय भी देख रहे मुख्यमंत्री अखिलेश ने जहां राजधानी में मेट्रो रेल चलाने की घोषणा की, वहीं लड़कियों को स्नातक तक मुफ्त शिक्षा देने का भी ऐलान किया।
विज्ञापन
सपा सरकार बनने के बाद से चल रही कन्या विद्याधन, हमारी बेटी उसका कल, टैबलेट-लैपटॉप, बेरोजगारी भत्ता और किसानों की कर्ज माफी जैसी योजनाओं को अगले वित्त वर्ष में भी जारी रखने की घोषणा की गई है। इसके अलावा रिक्शा चालकों को बैटरी चलित रिक्शे देने की योजना के तहत इस बार बजट में चौगुनी बढ़ोतरी करते हुए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
विज्ञापन
इसी तरह गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन कर रही 18 साल से ऊपर की महिलाओं को साल में दो साड़ी और 65 साल से अधिक उम्र के वृद्धों को एक-एक कंबल के लिए 600 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दावा किया कि बजट प्रदेश में न केवल विकास की गति तेज करेगा बल्कि समाज के सभी वर्गों तक इसका लाभ भी पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि कैपिटल क्रि एशन के जरिये विकास की रफ्तार और निवेश बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
बसपा ने बजट को बताया बेमानी
विधानसभा में मुख्यमंत्री ने जैसे ही बजट भाषण शुरू किया, बसपा सदस्य अपनी सीट से खड़े हो गए और नारेबाजी करने लगे। सदन में विपक्ष के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य अपनी सीट पर खड़े होकर सरकार पर आरोप लगाने लगे कि अभी तक पिछले बजट का धन ही खर्च नहीं किया गया है, लिहाजा नया बजट बेमानी है। उनकी पार्टी इस बेईमानी में सत्ता पक्ष का साझीदार नहीं बनना चाहती।
वहीं भाजपा, कांग्रेस, रालोद और अन्य दलों के सदस्य अपनी सीटों पर शांत बैठे रहे। विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने बसपा सदस्यों से शांति बनाए रखने की गुजारिश की। उन्होंने कहा कि बजट पेश करते समय विरोध करने की परंपरा नहीं रही है, लेकिन बसपा सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर गए। उधर, बसपा के जबर्दस्त विरोध और शोर-शराबे के बीच विधान परिषद में सदन के नेता अहमद हसन ने बजट पेश किया।
खास बातें
--किसी नए टैक्स का ऐलान नहीं।
--लखनऊ में मेट्रो रेल परियोजना की घोषणा।
--लड़कियों के लिए स्नातक तक मुफ्त शिक्षा।
--अल्पसंख्यकों के बजट में 29.5 फीसदी वृद्धि।
--किसानों की ऋण माफी के लिए 750 करोड़।
--3 लाख तक के किसान ऋण 3 फीसदी ब्याज पर।
--गरीबों को साड़ी-कंबल के लिए 600 करोड़।
--गरीब महिलाओं को साल में दो साड़ियां।
--65 साल से अधिक के गरीब वृद्धों को दो कंबल।
--बेरोजगारी भत्ते के लिए 1200 करोड़ आवंटित।
--टैबलेट-लैपटॉप और कन्या विद्याधन योजना जारी रहेगी।
--कृषि क्षेत्र के लिए बजट में भारी बढ़ोतरी।
बजट मृग मरीचिका की तरह है। जब इस साल का ही पूरा बजट नहीं खर्च हो पाया है तो नए बजट से क्या उम्मीद करें। यह निराश करने वाला है क्योंकि आधी आबादी (महिलाओं) के लिए कोई खास प्रावधान नहीं किया गया है।- प्रदीप माथुर, नेता, कांग्रेस विधानमंडल दल
बजट में सिर्फ तुष्टिकरण का खेल खेला गया है। सिर्फ अल्पसंख्यकों के लिए सरकारी खजाने का मुंह खोलना मजहबी भेदभाव का प्रत्यक्ष प्रमाण है। पिछली बार बजट के आकार में 18 प्रतिशत बढ़ोतरी थी, इस बार यह बढ़ोतरी 10.5 प्रतिशत तक ही सिमट गई है।-हुकुम सिंह, नेता, भाजपा विधानमंडल दल