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दुर्गा मसले पर अखिलेश ने जताया अफसोस
लखनऊ/नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Thu, 08 Aug 2013 04:18 PM IST
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आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन को लेकर आलोचनाओं से घिरे यूपी के सीएम अखिलेश अपने फैसले को जायज ठहराने के लिए हर रोज नया बयान दे रहे हैं।
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अखिलेश ने इस बार अमेरिकी अखबार द वाल स्ट्रीट जनरल को दिए इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने दुर्गा को ग्रेटर नोएडा में तैनात कर गलती की।
अखिलेश ने कहा, 'दुर्गा शक्ति के पति ने हमसे उन्हें ग्रेटर नोएडा में तैनाती देने का अनुरोध किया था। अब इस फैसले पर हमें पछतावा हो रहा है कि हमने उन्हें वहां क्यों भेजा।
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इससे पहले सीएम ने कहा था कि दुर्गा को एलआईयू की रिपोर्ट पर निलंबित किया गया। हालांकि बाद में यह बात सामने आई कि एलआईयू की रिपोर्ट में दुर्गा का नाम ही नहीं था।
अखिलेश का कहना है कि अगर आप अपना काम ठीक से नहीं करते हैं तो इसमें एक मुख्यमंत्री के तौर पर हम क्या कर सकते हैं?
'दुर्गा जैसे अफसरों को सस्पेंड नहीं, सलाम करना चाहिए'
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘यूपी में जहां भी अवैध खनन के मामले देखे गए वहां सरकार कार्रवाई कर रही है। मैंने कभी दुर्गा शक्ति के कामकाज में दखल नहीं दिया। हम यह नहीं जानते हैं कि उन्होंने अवैध खनन रोकने के लिए क्या कदम उठाए थे। उनके निलंबन का अवैध खनन मुद्दे से कुछ भी लेना देना नहीं है।’
प्रदेश सरकार ने दुर्गा शक्ति को आरोप पत्र दे दिया है अब इस मामले में उन्हें जवाब देना है। सरकार इस मामले की जांच करा रही है।
यूपी के हालात को समझना जरूरी
एक सवाल के जवाब में अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश के हालात को समझना जरूरी है। यहां पिछले पांच महीनों में कई घटनाएं हुई हैं, जिनसे हिंसा भड़की।
पिछले हफ्ते मेरठ में कुछ लोग हिंदू भजन सुन रहे थे, कुछ लोगों ने उसी जगह नमाज पढ़ना चाहा, जिसके बाद झड़प हुई और गोलियां चलीं। मौके पर ही दो लोग मारे गए।
सहारनपुर में भी दो मुसलमानों के बीच शुरू हुए विवाद ने एक बड़ी हिंसा का रूप ले लिया। इसी तरह रमजान के महीने में इबादतगाह की दीवार गिराए जाने से भी हालात बिगड़ सकते थे, उसका कौन जिम्मेदार होता। मैंने इस मामले को शांत रखने के लिए कार्रवाई की।