ताजमहल खुलने से जरदोजी को मिले कद्रदान, सात दिन में 10 लाख रुपये का कारोबार
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ताजमहल खुलने के बाद जरदोजी के कद्रदानों में फिर से इजाफा होने लगा है। करीब 100 कारखानों में काम शुरू हो गया है। यहां से तैयार सामान की सैलानियों द्वारा खरीदारी होने लगी है। सात दिन में अनुमानित 10 लाख रुपये का कारोबार हो चुका है। हालांकि सामान्य दिनों की तुलना में ये आंकड़ा एक तिहाई बैठेगा।
ताजनगरी में जरी कला मुगलकालीन बताया जाती है। मगर, यह अस्तित्व में बीते 50 वर्षों में आई है। इसके करीब एक हजार छोटे-बड़े कारखाने हैं। एक लाख लोगों का रोजगार जुड़ा है। यहां से तैयार होकर सामान शोरूम में सजने लगा है। बीते कुछ दिनों में 10 लाख रुपये की खरीदारी हुई है।
सामान्य दिनों की तुलना में एक तिहाई कारोबार
जरदोजी एसोसिएशन के संस्थापक फैजानुद्दीन ने बताया कि ताजमहल खुलने के बाद 100 कारखानों में काम शुरू हो गया है। सात दिनों के अंतराल में अनुमानित 10 लाख रुपये का कारोबार हुआ है। यह सामान्य दिनों की तुलना में एक तिहाई है।
कारोबारी सनी मांगलिक ने बताया कि शोरूम पर सैलानियों का आवागमन बढ़ा है। ये आसपास के शहरों के अधिक हैं। यातायात व्यवस्था सुचारु होने के बाद कारोबार मुख्यधारा में लौटेगा।
रोजी-रोटी की जुगाड़ लायक काम मिलने लगा
बुनकर शाहिद ने कहा कि लगभग छह माह बाद दोबारा काम मिलना शुरू हो गया है। हालांकि अधिक काम हाथ में नहीं है, फिर भी रोजी रोटी की जुगाड़ लायक काम मिलने लगा है।
आंकड़े
- 1000 कारखाने।
- 500 करोड़ का टर्नओवर।
- 100000 लोगों को रोजगार ।