बेटा निकला पहलवान का हत्यारा, बोला-आशिकी में महिला पर रुपये लुटा रहा था पिता
- शमसाबाद के पहलवान हत्याकांड का खुलासा, तमंचा किया बरामद
- जिसने केस दर्ज कराया, पुलिस की जांच में वही निकला आरोपी
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आगरा के थाना शमसाबाद क्षेत्र के गांव हिरनेर में घर के बाहर सो रहे नारायण पहलवान की हत्या उनके छोटे बेटे योगेंद्र उर्फ सोनू ने ही गोली मारकर की थी। पुलिस ने आरोपी बेटे को 14 दिन बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, योगेंद्र का कहना था कि पिता एक महिला से आशिकी में रुपये लुटा रहा था, इससे नाराज होकर उसने हत्या की।
23 जून की रात को शमसाबाद के गांव हिरनेर में नारायण पहलवान की घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मृतक के बेटे योगेंद्र की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। जांच में वही आरोपी निकला।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि घटना वाले दिन शव को देखने पर लगा कि सिर में प्रहार से हत्या की गई है। मगर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में गोली लगने से मौत की पुष्टि हुई। जांच में सभी बातें हत्या में परिवार के व्यक्ति का हाथ होने की ओर संकेत कर रही थीं। योगेंद्र पर शक गहराया।
आरोपी ने कबूला पिता का खून
बुधवार को मृतक के बेटे योगेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया। उसने पिता की हत्या करना कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर गांव शंकरपुर में प्राथमिक विद्यालय के पास तालाब से हत्या में प्रयुक्त देसी तमंचा, वोटर आईडी, एक आधार कार्ड, एक राशन कार्ड, बैंक पासबुक बरामद किए।
महिला को 15 लाख देने की बात सुनी तो बनाई हत्या की योजना
योगेंद्र से पुलिस पूछताछ में पता चला कि नारायण के 22 साल से ताजगंज की एक महिला से संबंध थे। कॉल डिटेल से भी महिला के साथ नारायण के संपर्क का पता चला। महिला के बैंक खातों में पति की जगह नारायण का नाम था।
योगेंद्र के अनुसार वर्ष 2013 में नारायण ने उसे टीडीआई मॉल के पास प्लॉट दिलवाया और मकान बनवाया। वो इससे गुस्से में था। घटना वाले दिन पिता और महिला के बीच बातचीत में 15 लाख रुपये आलू बेचकर देने के बारे में सुना तो हत्या का प्लान बनाया। पुलिस ने महिला के नाम हुए बेनामे के कागजात भी बरामद किए हैं।
बेटों को खर्च के पैसे नहीं देते थे
14 वें दिन की आरोपी की गिरफ्तारी
घटना वाले दिन नारायण खाना खाने के बाद घर के बाहर ही सो रहे थे। तभी योगेंद्र घर के पिछले गेट से आया और पिता के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद घर में ही चला गया। नारायण के भाई पास में ही रहते हैं।
उन्होंने गोली की आवाज सुनी, लेकिन वो समझ नहीं पाए। वो वापस सो गए। पुलिस को योगेंद्र पर शक एक दिन बाद से ही हो गया था। पुख्ता सुबूत मिलने पर उसे पकड़ा। वह पिता की तेरहवीं कर चुका था। 14 दिन बाद पुलिस ने पकड़ लिया।