{"_id":"5f42876f8ebc3e4adb19997d","slug":"yogita-gautam-agra-murder-case-news-inspector-transferred-after-negligence-in-duty","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"डॉक्टर योगिता हत्याकांड : दरोगा पर गिरी गाज, शव की शिनाख्त में बरती थी लापरवाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डॉक्टर योगिता हत्याकांड : दरोगा पर गिरी गाज, शव की शिनाख्त में बरती थी लापरवाही
Sun, 23 Aug 2020 08:43 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 23 Aug 2020 08:43 PM IST
सार
- पुलिस की लापरवाही से नौ घंटे देरी से हुई थी शव की पहचान, दरोगा का तबादला
- पुलिस के व्हाट्स एप ग्रुप पर था शव का फोटो, दरोगा ने देखा ही नहीं
विज्ञापन
जूनियर डॉक्टर योगिता गौतम (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा में जूनियर डॉक्टर योगिता गौतम की लाश की शिनाख्त में पुलिस लापरवाही के कारण नौ घंटे की देरी के मामले में दरोगा गंगा प्रसाद का तबादला बाह थाना कर दिया गया है। डॉ. योगिता का शव मिलने के बाद इसका फोटो पुलिस के व्हाट्सएप ग्रुप पर सीओ फतेहाबाद ने डाल दिया था।
विज्ञापन
एमएम गेट थाना की पुलिस ने न तो व्हाट्स एप ग्रुप देखा। न ही एसएन मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में जाकर शव देखे। डौकी थाना से लाकर यहीं पर डॉ. योगिता का शव रखा था। अगर पुलिस ग्रुप देख लेती या मोर्चरी चली जाती तो तुरंत ही पहचान हो जाती।
विज्ञापन
18 अगस्त की शाम तकरीबन साढ़े सात बजे योगिता लेडी लॉयल (महिला जिला अस्पताल) के सामने स्थित अपने किराए के घर से निकली थीं। 19 अगस्त की सुबह आठ बजे डौकी के बमरौली गांव में शव मिला।
विज्ञापन
योगिता के परिजन सुबह नौ बजे एमएम गेट थाने पर आ गए थे। इसके बावजूद थाना एमएम गेट पुलिस सक्रिय नहीं हुई। डॉ. योगिता के भाई डॉ. मोहिंदर गौतम ने अपहरण की तहरीर दी थी। थाना के प्रभारी निरीक्षक छुट्टी पर थे। इस पर ग्रुप पर देखने की जिम्मेदारी प्रभारी एसएसआई गंगाप्रसाद की थी।
100 मीटर की दूरी पर एसएन मेडिकल कालेज के पोस्टमार्टम हाउस में जाकर भी शव नहीं देखा गया। शाम तकरीबन छह बजे शनाख्त हो सकी थी। इस मामले में एडीजी अजय आनंद ने एसएसपी काो जांच के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए थे। एसएसपी बबलू कुमार ने रविवार को एसएसआई गंगाप्रसाद का तबादला बाह थाना के एसएसआई पद पर कर दिया गया है।
100 मीटर की दूरी पर एसएन मेडिकल कालेज के पोस्टमार्टम हाउस में जाकर भी शव नहीं देखा गया। शाम तकरीबन छह बजे शनाख्त हो सकी थी। इस मामले में एडीजी अजय आनंद ने एसएसपी काो जांच के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए थे। एसएसपी बबलू कुमार ने रविवार को एसएसआई गंगाप्रसाद का तबादला बाह थाना के एसएसआई पद पर कर दिया गया है।
सोमवार को आरोपी की रिमांड पर फैसला
डॉ. योगिता के हत्यारोपी डॉ विवेक तिवारी को पुलिस रिमांड पर दिए जाने की याचिका पर सोमवार को फैसला आ सकता है। उसका रिमांड मिलने पर पुलिस उससे 25 सवाल करेगी। इनकी लिस्ट तैयार कर ली गई है। हत्या की साजिश से लेकर साक्ष्य मिटाने तक केबारे में पूछताछ होगी। पुलिस की कोशिश उसकी निशानदेही पर वह रिवाल्वर इस्तेमाल करने की होगी जिससे हत्या की गई। खून से सने उसके कपड़े भी नहीं मिले हैं।