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खतरे के निशान के करीब पहुंची यमुना, बाढ़ के पानी में डूबे कई इलाके, लोग भयभीत

Fri, 03 Aug 2018 10:36 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा Updated Fri, 03 Aug 2018 10:36 AM IST
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Yamuna water level near dangerous mark in mathura
कालोनी में घुसा बाढ़ का पानी - फोटो : अमर उजाला
मथुरा में यमुना का जल स्तर धीमी रफ्तार से बढ़ते हुए अब खतरे के निशान के करीब जा पहुंचा है। प्रयागघाट पर खतरे का निशान अब सिर्फ 30 सेंटीमीटर ऊपर है। विश्रामघाट पर यमुना जल ने आरती स्थल को छू लिया है। 
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संभावना जताई जा रही है शुक्रवार को जल स्तर में कमी देखने को मिलेगी। पिछले 24 घंटे से यमुना के जल में धीमी रफ्तार से वृद्धि लगातार जारी है। गुरुवार को एक सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से जल स्तर बढ़ा। 
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प्रयागघाट पर यमुना का जल स्तर 165.65 मीटर पर था, जो दोपहर 12 बजे बढ़कर 165.70 मीटर पर पहुंच गया। दो बजे यह आंकड़ा खतरे के निशान से सिर्फ 30 सेंटीमीटर नीचे रह गया।
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शुक्रवार से पानी घटने की संभावना

Yamuna water level near dangerous mark in mathura
बाढ़ के पानी में होकर चाट की ठेले ले जाते युवक - फोटो : अमर उजाला
इसका असर गोकुल बैराज पर भी साफ नजर आया। आगरा के लिए पानी का डिस्चार्ज 77 हजार क्यूसेक को पार कर गया। इससे गोकुल बैराज पर जल स्तर 164.20 मीटर दर्ज हुआ है। 

सिंचाई अधिकारियों का मानना है कि मध्य रात्रि तक पानी में वृद्धि के बाद शुक्रवार को जल स्तर में कमी देखने को मिलेगी। पिछले तीन दिन से ताजेवाला और ओखला से भी बहुत कम मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। 

कई परिवारों ने किया पलायन

यमुना के खादर में बसी कालोनियों के कई परिवार पलायन कर गए हैं। किसी ने रिश्तेदार के घर डेरा डाल लिया है तो किसी ने मित्र के घर में आसरा ले लिया है। अनेक परिवार अब भी पानी कम होने की आस लगाए घरों में ही रह रहे हैं।  

यमुना का जल स्तर पिछले पांच दिन से लगातार बढ़ रहा है। यमुना खादर की कालोनियों को इस पानी ने पूरी तरह से अपने घेरे में ले लिया है। ग्रीन बैली प्रथम और द्वितीय पूरी तरह से पानी की चपेट में आ गई हैं। 

खादर में बसी इन दोनों कालोनियों में करीब 500 से ज्यादा परिवारों रहते हैं, जबकि गणेशधाम और इसके आसपास की तीन कालोनियों की की सड़के भी यमुना के पानी में डूब चुकी हैं। लोग आने जाने के लिए नावों का सहारा ले रहे हैं।     
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