फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Yamuna river water level increased due to release of water from Hathnikund barrage

ब्रज में यमुना का रौद्र रूप: आठ फीट बढ़ा नदी का जलस्तर, आगरा-मथुरा में बाढ़ का खतरा

Sat, 31 Jul 2021 10:46 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 31 Jul 2021 10:46 AM IST
सार

लगातार हो रही बारिश के कारण हथिनीकुंड बैराज से यमुना में पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।  

विज्ञापन
Yamuna river water level increased due to release of water from Hathnikund barrage
बटेश्वर में उफान पर बह रही यमुना - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लगातार हो रही बारिश और हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से छोडे़ गए पानी के चलते आगरा में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। बाह बटेश्वर में यमुना की लहरें डरावनी हो गई है। शिव मंदिर शृंखला के घाट पर आठ फीट पानी बढ़ा है। मंदिर के पुराने घाटों पर खतरे को लेकर ग्रामीणों की आवाजाही बंद हो गई है। उधर, मथुरा-वृंदावन के खादर में बसी कॉलोनियों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। 

विज्ञापन


नदी किनारे के भरतार, बुढैरा, रामपुर चन्द्रसैनी, कांकर, बलाई, बटेश्वर,भौंर, सिधावली, कोट, बडापुरा, रुदमुली, सुंसार, विक्रमपुर, चौरंगाबीहड, कमतरी, फकीरे की मढैया, खिलावली, पुरा बीरबल आदि गांवों के कछार के खेतों में पानी भरने लगा है। किसानों का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर और बढ़ता है तो कछार की फसलें जलमग्न होने से नष्ट होने का खतरा बढ़ जाएगा। 
विज्ञापन


यमुना की गंदी हुई साफ
यमुना का जलस्तर में बढ़ने से खादर और किनारे बसे कई परिवार अभी से सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर चुके हैं। जबकि हजारों परिवार अब भी यमुना किनारे रहने को मजबूर हैं। वहीं यमुना में जल स्तर बढ़ने से खुद की साफ-सफाई हो गई। यमुना किनारे जमा गंदगी भी बह गई और कीचड़ आदि अब दिखाई नहीं देता, इससे यमुना भक्त खुश हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

दो दिन में पांच मीटर घटा चंबल का जलस्तर
चंबल नदी में बाढ़ का खतरा टल गया है। दो दिन में नदी का जलस्तर 5 मीटर घटकर 122.50 मीटर से 117.50 मीटर रह गया है। उफनाई नदी किनारे के बीहड़ के खादर में दलदल छोड़ गई है। किसानों की कछार की फसल भी नष्ट हो गई है। 

राजस्थान मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश और काली सिंध से छोडे़ गए पानी के चलते चंबल नदी का 24 घंटे में 12.50 मीटर से 122.50 मीटर जलस्तर हो गया था। जिससे बाह में नदी किनारे के 38 गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया था। 

गुरुवार को नदी का जलस्तर दो मीटर घटकर 120.50 मीटर तथा शुक्रवार को नदी का जलस्तर 3 मीटर घटकर 117.50 मीटर रह गया है। मऊ की मढैया, मुकुटपुरा, क्यारी, गुढा, गोहरा, रानीपुरा, भटपुरा, पुराडाल, क्योरी पुरा, उमरैठा पुरा आदि गांवों के कछार की फसलें नष्ट हो गई है। बाढ़ का खतरा टलने से बीहड़ गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed