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Yamuna Expressway: बीते साल कोहरे ने छीनीं 49 जिंदगियां, मथुरा में ही हुए 23 हादसे
कुशल प्रताप/अमर उजाला मांट (मथुरा)
Updated Wed, 08 Nov 2017 04:40 PM IST
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कोहरे के कारण हादसों की ये कहानी नई नहीं है
- फोटो : अमर उजाला
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यमुना एक्सप्रेसवे पर कोहरे के कारण हादसों की ये कहानी नई नहीं है। हर साल आधा सैकड़ा लोगों की जान केवल कोहरे में हुए हादसों के कारण जाती है। इसके बाद भी पुलिस और एक्सप्रेसवे प्रशासन ने इससे निपटने के इंतजाम नहीं किए हैं।
बता दें कि मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर राया क्षेत्र से लेकर नौहझील तक बीते साल सर्दियों के दिनों में कोहरे के कारण कई भयानक हादसे हुए थे। जिनमें करीब 49 लोगों ने अपनी जान गंवाई। हादसों में कई जिंदगियां जाने के बावजूद भी एक्सप्रेसवे और पुलिस प्रशासन ने अभी तक कोहरे से बचाव के लिए कोई बंदोबस्त नहीं किया है।
हाई प्रोफाइल रुट वाले इस एक्सप्रेसवे पर मार्कर और रिफलेक्टर भी नहीं लगाए गए हैं। लोग राम भरोसे ही सफर कर रहे हैं। अब जबकि सर्दियां शुरू हो गई हैं और सुबह के समय हल्का कोहरा भी पड़ने लगा है। फिर भी प्रशासन के कान पर जूं नहीं रेंगी और बुधवार को पहले कोहरे में ही बड़ा हादसा हो गया।
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बता दें कि मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर राया क्षेत्र से लेकर नौहझील तक बीते साल सर्दियों के दिनों में कोहरे के कारण कई भयानक हादसे हुए थे। जिनमें करीब 49 लोगों ने अपनी जान गंवाई। हादसों में कई जिंदगियां जाने के बावजूद भी एक्सप्रेसवे और पुलिस प्रशासन ने अभी तक कोहरे से बचाव के लिए कोई बंदोबस्त नहीं किया है।
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हाई प्रोफाइल रुट वाले इस एक्सप्रेसवे पर मार्कर और रिफलेक्टर भी नहीं लगाए गए हैं। लोग राम भरोसे ही सफर कर रहे हैं। अब जबकि सर्दियां शुरू हो गई हैं और सुबह के समय हल्का कोहरा भी पड़ने लगा है। फिर भी प्रशासन के कान पर जूं नहीं रेंगी और बुधवार को पहले कोहरे में ही बड़ा हादसा हो गया।
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इस एरिया में ज्यादा हादसे
यमुना एक्सप्रेसवे
- फोटो : अमर उजाला
कोहरा पड़ने पर हादसे न हों इस संबंध में कई बार सामाजिक संगठन भी एक्सप्रेस-वे प्रशासन से जरूरी इंतजाम करने की मांग कर चुके हैं। बता दें कि ग्रेटर नोएडा से आगरा तक 165 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेसवे पर मथुरा जिले में 63 माइल स्टोन से लेकर 111 माइल स्टोन तक सर्दियों में अधिकतर हादसे होते हैं।
बीते साल ही घने कोहरे में करीब 23 हादसे हुए थे। इनमें 49 लोगों की मौत हो गई थी और एक सैकड़ा से अधिक घायल लोग घायल हुए थे। इसके बाद भी पुलिस और एक्सप्रेसवे प्रशासन नहीं चेता और गंभीर हादसा हो गया।
बीते साल ही घने कोहरे में करीब 23 हादसे हुए थे। इनमें 49 लोगों की मौत हो गई थी और एक सैकड़ा से अधिक घायल लोग घायल हुए थे। इसके बाद भी पुलिस और एक्सप्रेसवे प्रशासन नहीं चेता और गंभीर हादसा हो गया।