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World Piles Day: तनाव, अव्यवस्थित जीवनशैली से हो रही बवासीर की बीमारी, इन बातों पर रखें ध्यान
Sun, 20 Nov 2022 02:05 PM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 20 Nov 2022 02:05 PM IST
सार
एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ आगरा के आंकड़ों के अनुसार 50 वर्ष या अधिक उम्र का हर दूसरा व्यक्ति बवासीर की बीमारी से पीड़ित है। 75 फीसदी लोगों को कभी न कभी समस्या होती है, लेकिन देर से डॉक्टर के पास आते हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : iStock
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विस्तार
तनाव में रहने, अव्यवस्थित जीवनशैली व खानपान से लोग बवासीर (पाइल्स) के रोगी बन रहे हैं। बीमारी का पता चलने पर भी लोग डॉक्टर को दिखाने में संकोच करते हैं। शुरुआती स्तर पर इसे छिपाते हैं। बाद में मुश्किलें बढ़ जाती हैं। असहनीय दर्द और रक्तस्राव होने पर डॉक्टर के पास पहुंचते हैं।
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एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ आगरा के अध्यक्ष डॉ. सुनील शर्मा ने बताया कि बवासीर आम बीमारी हो चुकी है। संस्था के पास उपलब्ध आंकड़े कहते हैं कि 50 वर्ष या अधिक की उम्र का हर दूसरा व्यक्ति बवासीर का शिकार हो रहा है। 75 फीसदी लोगों को कभी न कभी इस समस्या का सामना करना पड़ता है।
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उन्होंने बताया कि बवासीर जीवनशैली से जुड़ी बीमारी है। हमारी जीवनशैली अव्यवस्थित हो रही है। भागमभाग की जिंदगी में न खाने के लिए समय है और न सोने के लिए। यही बीमारी का प्रमुख कारण है। साथ ही अत्यधिक तनाव, फास्ट फूड का सेवन करने से कब्ज की समस्या होती है। पानी कम पीने से भी समस्या होती है।
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महिलाओं की स्थिति अधिक खराब
डॉ. शर्मा ने बताया कि देश में महिलाओं की स्थित अधिक खराब है। महिलाएं बवासीर की समस्या को छुपाए रहती हैं। जब समस्या बहुत बढ़ जाती है तो ऑपरेशन के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचता है। दवाई व छोटे प्रयास असफल हो जाते हैं।लक्षण
बवासीर के शुरुआती लक्षणों में गुदा में खुजली होना, मल में खून आना, शौच करते समय मस्से बाहर निकलने का अनुभव होना है।एफ फार्मूला अपनाएं
- फाइबर में सेब, पपीता, केला, दाल व जौ का सेवन करें।- फ्लूड में हर रोज 3 से 4 लीटर पानी का सेवन करें।
- फिटनेस में नियमित 40 मिनट व्यायाम जरूर करें।
रखें ध्यान
- तीन मिनट से ज्यादा टॉयलेट में न बैठें।- टॉयलेट शौच आने पर ही जाएं।
- टॉयलेट में मोबाइल का इस्तेमाल न करें।
- नॉनवेज और रेड मीट का सेवन न करें।
- तेज मिर्च-मसाले का सेवन न करें।