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World Hepatitis Day 2020: गर्भस्थ महिलाएं रखें विशेष ध्यान, नवजात के लिए घातक है बीमारी
Tue, 28 Jul 2020 12:48 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 28 Jul 2020 12:48 PM IST
सार
- जन्म के समय संक्रमित मां से बच्चे में संचरित हो सकता है
- नवजात शिशु को परिवार के किसी सदस्य से मिल सकता है वायरस
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हेपेटाइटिस सी वैक्सीन
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
उल्टी-दस्त हैं, बुखार भी आ रहा है। मांसपेशियों में दर्द है तो हेपेटाइटिस की जांच जरूर कराएं। संक्रमण और दूषित खाद्य सामग्री से यह बीमारी आपको लग सकती है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक की स्टडी बताती है कि रक्तदान में जांच करने पर ढाई से तीन फीसदी लोगों में हेपेटाइटिस ए, बी और सी मिलता है। यह संक्रमित रक्त चढ़ने, संक्रमित सुई के उपयोग से बीमारी लग सकती है।
यह हेपेटाइटिस वायरस की वजह से होता है। सीएमओ डॉ. आरसी पांडे ने बताया कि यह बीमारी संक्रमित गर्भवती से नवजात को, संक्रमित व्यक्ति के साथ संबंध बनाने, ड्रग्स के लिए एक ही इंजेक्शन का अलग-अलग उपयोग करने से हो सकता है। इसके लक्षण 15 दिनों से से छह महीने में दिख सकते हैं।
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एसएन मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक की स्टडी बताती है कि रक्तदान में जांच करने पर ढाई से तीन फीसदी लोगों में हेपेटाइटिस ए, बी और सी मिलता है। यह संक्रमित रक्त चढ़ने, संक्रमित सुई के उपयोग से बीमारी लग सकती है।
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यह हेपेटाइटिस वायरस की वजह से होता है। सीएमओ डॉ. आरसी पांडे ने बताया कि यह बीमारी संक्रमित गर्भवती से नवजात को, संक्रमित व्यक्ति के साथ संबंध बनाने, ड्रग्स के लिए एक ही इंजेक्शन का अलग-अलग उपयोग करने से हो सकता है। इसके लक्षण 15 दिनों से से छह महीने में दिख सकते हैं।
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यह करें:-
- टैटू गुदवाने से बचें, स्टरलाइज निडिल का उपयोग करें।
- टूथपेस्ट और सेविंग बनाने वाले रेजर को दूसरों से साझा न करें।
- साफ शौचालय का उपयोग करें, गंदगी से बचें, सफाई का ख्याल रखें।
इन बीमारियों का रहता है खतरा
हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई होते हैं। इससे क्रॉनिक लिवर बीमारी, लिवर सिरोसिस, लिवर-किडनी फेल्योर का खतरा बढ़ जाता है। जीवनीमंडी स्वास्थ्य केंद्र की डॉ. मेघना शर्मा ने बताया कि हेपेटाइटिस से बचाव के लिए बच्चों का टीकाकरण जरूर करवाएं। यह टीका डेढ़ महीने, ढाई महीने और तीन माह पर पेंटा वैक्सीन लगाई जाती है।
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- टूथपेस्ट और सेविंग बनाने वाले रेजर को दूसरों से साझा न करें।
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इन बीमारियों का रहता है खतरा
हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई होते हैं। इससे क्रॉनिक लिवर बीमारी, लिवर सिरोसिस, लिवर-किडनी फेल्योर का खतरा बढ़ जाता है। जीवनीमंडी स्वास्थ्य केंद्र की डॉ. मेघना शर्मा ने बताया कि हेपेटाइटिस से बचाव के लिए बच्चों का टीकाकरण जरूर करवाएं। यह टीका डेढ़ महीने, ढाई महीने और तीन माह पर पेंटा वैक्सीन लगाई जाती है।