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Agra News: तीन साल से अधूरी टंकी पर चढ़कर महिलाओं ने फोड़े मटके
Fri, 15 May 2026 02:51 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Fri, 15 May 2026 02:51 AM IST
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सामरा में अधूरी पड़ी पानी की टंकी को दिखाते हुए मुकेश डागुर
- फोटो : samvad
फतेहपुर सीकरी। गांव सामरा में बृहस्पतिवार को पेयजल संकट और सरकारी उपेक्षा के खिलाफ ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। पिछले तीन वर्षों से अधूरी पड़ी पानी की टंकी को लेकर आक्रोशित महिलाओं ने टंकी पर चढ़कर मटके फोड़कर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, गेहूं खरीद केंद्र पर किसानों से अवैध वसूली का मामला भी गरमाया रहा।
ग्रामीणों का आरोप है कि जल जीवन मिशन के तहत बन रही पानी की टंकी तीन साल बीत जाने के बाद भी सफेद हाथी साबित हो रही है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया पीने के पानी के लिए उन्हें चिलचिलाती धूप में 2 से 3 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। टंकी का ढांचा खड़ा है, लेकिन पाइप लाइन और सप्लाई का काम अधर में लटका है। पानी की टंकी का निर्माण नहीं होने से सामरा सहित आसपास के करीब 50 गांवों में पानी की भारी किल्लत है। प्रदर्शन की सूचना पर किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मुकेश डागुर गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की व्यथा सुनी और कहा, राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण जनता प्यासी है। यदि जल्द ही टंकी चालू नहीं हुई, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। पीने के पानी के विरोध के बाद मामला सामरा साधन सहकारी समिति स्थित गेहूं खरीद केंद्र पर पहुंचा। यहां किसानों ने क्रय केंद्र प्रभारियों पर गंभीर आरोप लगाए कि किसानों से प्रति क्विंटल 30 रुपये नकद मांगे जा रहे हैं। छनाई के नाम पर किसानों से प्रति क्विंटल एक किलोग्राम अतिरिक्त गेहूं जबरन लिया जा रहा है। किसानों ने इसे नियम विरुद्ध बताते हुए प्रशासनिक संरक्षण में ‘खुली लूट’ करार दिया। प्रदर्शन के दौरान अतर सिंह, राममूर्ति, पुरुषोत्तम, रामजीत, विजय सिंह, सोमेश, लाला प्रधान, केशव सरपंच, सुरेश, हरिभजन जाटव, प्रवीण, सोरमती, ममता, भागवती समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
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ग्रामीणों का आरोप है कि जल जीवन मिशन के तहत बन रही पानी की टंकी तीन साल बीत जाने के बाद भी सफेद हाथी साबित हो रही है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया पीने के पानी के लिए उन्हें चिलचिलाती धूप में 2 से 3 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। टंकी का ढांचा खड़ा है, लेकिन पाइप लाइन और सप्लाई का काम अधर में लटका है। पानी की टंकी का निर्माण नहीं होने से सामरा सहित आसपास के करीब 50 गांवों में पानी की भारी किल्लत है। प्रदर्शन की सूचना पर किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मुकेश डागुर गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की व्यथा सुनी और कहा, राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण जनता प्यासी है। यदि जल्द ही टंकी चालू नहीं हुई, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। पीने के पानी के विरोध के बाद मामला सामरा साधन सहकारी समिति स्थित गेहूं खरीद केंद्र पर पहुंचा। यहां किसानों ने क्रय केंद्र प्रभारियों पर गंभीर आरोप लगाए कि किसानों से प्रति क्विंटल 30 रुपये नकद मांगे जा रहे हैं। छनाई के नाम पर किसानों से प्रति क्विंटल एक किलोग्राम अतिरिक्त गेहूं जबरन लिया जा रहा है। किसानों ने इसे नियम विरुद्ध बताते हुए प्रशासनिक संरक्षण में ‘खुली लूट’ करार दिया। प्रदर्शन के दौरान अतर सिंह, राममूर्ति, पुरुषोत्तम, रामजीत, विजय सिंह, सोमेश, लाला प्रधान, केशव सरपंच, सुरेश, हरिभजन जाटव, प्रवीण, सोरमती, ममता, भागवती समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
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