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महिला के हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा
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मैनपुरी। थाना बिछवां क्षेत्र में चार साल पहले महिला की गोली मारकर हत्या करने वाले को जिला जज अनिल कुमार ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। दोषी को जेल भेजा गया है।
बिछवां गांव निवासी सुशील कुमार की बहन सुमन की बरात 6 मार्च 2018 को आई थी। रात एक बजे जब शादी की रस्में हो रही थीं तभी गांव निवासी विनोद कुमार कठेरिया वहां पहुंचा और गालियां देना शुरू कर दिया। सुशील की पत्नी शोभारानी ने जब विरोध किया तो विनोद ने तमंचे से उसे गोली मार दी और तमंचा लेकर भाग गया। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान शोभारानी की मौत हो गई। पति सुशील ने विनोद के खिलाफ हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने चार्ज शीट कोर्ट में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई जिला जज की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक व गवाहों के बयान हुए। साक्ष्य और गवाही के आधार पर विनोद को शोभारानी की हत्या करने का दोषी पाया गया। डीजीसी (फौजदारी) वीरेंद्र कुमार मिश्रा ने आरोपी को कड़ी सजा देने की दलील दी। मुकदमे के दौरान विनोद की जमानत किसी अदालत से मंजूर नहीं हुई। उसे पूरा मुकदमा जेल में रहकर लड़ना पड़ा। सोमवार को उसको जेल से अदालत में लाया गया।
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तमंचा रखने में बरी
पुलिस ने विनोद कुमार के पास से तमंचा बरामद करने का दावा करते हुए उसके चार्जशीट कोर्ट में भेज दी थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान विनोद के खिलाफ तमंचा रखने का आरोप साबित नहीं हुआ। उसे इस आरोप से बरी कर दिया है।
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बिछवां गांव निवासी सुशील कुमार की बहन सुमन की बरात 6 मार्च 2018 को आई थी। रात एक बजे जब शादी की रस्में हो रही थीं तभी गांव निवासी विनोद कुमार कठेरिया वहां पहुंचा और गालियां देना शुरू कर दिया। सुशील की पत्नी शोभारानी ने जब विरोध किया तो विनोद ने तमंचे से उसे गोली मार दी और तमंचा लेकर भाग गया। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान शोभारानी की मौत हो गई। पति सुशील ने विनोद के खिलाफ हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने चार्ज शीट कोर्ट में भेज दी।
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मुकदमे की सुनवाई जिला जज की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक व गवाहों के बयान हुए। साक्ष्य और गवाही के आधार पर विनोद को शोभारानी की हत्या करने का दोषी पाया गया। डीजीसी (फौजदारी) वीरेंद्र कुमार मिश्रा ने आरोपी को कड़ी सजा देने की दलील दी। मुकदमे के दौरान विनोद की जमानत किसी अदालत से मंजूर नहीं हुई। उसे पूरा मुकदमा जेल में रहकर लड़ना पड़ा। सोमवार को उसको जेल से अदालत में लाया गया।
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तमंचा रखने में बरी
पुलिस ने विनोद कुमार के पास से तमंचा बरामद करने का दावा करते हुए उसके चार्जशीट कोर्ट में भेज दी थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान विनोद के खिलाफ तमंचा रखने का आरोप साबित नहीं हुआ। उसे इस आरोप से बरी कर दिया है।