{"_id":"5980a4b64f1c1bb4728b473e","slug":"woman-in-mathura-doing-this-to-prevent-hair-cut","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चोटी कटने की अफवाह के बाद मथुरा में ये सब कर रहीं महिलाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चोटी कटने की अफवाह के बाद मथुरा में ये सब कर रहीं महिलाएं
पुनीत शर्मा/अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 01 Aug 2017 09:26 PM IST
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चोटी कटने की घटनाएं
- फोटो : अमर उजाला
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अब इसे किसी की शरारत कहें या फिर तंत्र-मंत्र में घिरे लोगों की करतूत। जो भी हो लेकिन महिलाओं में जबरदस्त दहशत है। राजस्थान और हरियाणा से सटे उत्तर प्रदेश के जनपदों में भी अचानक चोटी कटने की घटनाएं सामने आने लगी हैं। मथुरा में ही छह महिलाओं की चोटी कट चुकी है।
अब चोटी बचाने के लिए औरतों ने खेतों पर अकेले जाना बंद कर दिया है। समूह बनाकर जा रही हैं। चोटी की जगह जूड़ा बांधने लगी हैं। वहीं गांव के मर्द भी निगरानी में जुट गए हैं।
हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में तो महिलाओं की चोटी कटने के मामले सामने आ रहे थे लेकिन उत्तर प्रदेश में इस तरह की घटनाएं सुनने को नहीं मिल रही थीं। लेकिन अब उत्तर प्रदेश और राजस्थान से सटे मथुरा जिले के इलाकों में भी चोटी कटने लगी है।
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मथुरा के नंदगांव में सबसे पहली घटना 30 जुलाई को हुई थी। यहां नंदगांव के पड़ोस में भड़ौखर गांव में एक महिला की चोटी कट गई थी। 31 जुलाई को नंदगांव क्षेत्र के लौहरबारी गांव में हल्ली सिंह की पत्नी कृष्णा की चोटी कट गई। इन दो मामलों से क्षेत्र में दहशत है। महिलाओं ने चोटी की जगह जूड़ा बांधना शुरू कर दिया है। खेतों पर काम करने के लिए समूह बनाकर जा रही हैं।
महराना, गिडोर, बदनगढ़, संकेत, रीठोरा गांव में तो संदिग्ध लोगों की निगहबानी शुरू हो गई है। अगर कोई अनजान व्यक्ति गांव में दिखता है तो उससे पूछताछ की जाती है। ग्रामीण भी जंगल में घूमकर चोटी कटने की घटनाओं की हकीकत जानने में लगे हैं।
वेदपाल, खुशी सिंह, रामौतार और प्रदीप ने बताया कि ऐसे किसी की चोटी कैसे कट सकती है। इसके पीछे कुछ तो है। लिहाजा सभी लोग मिलकर नजर रखे हुए हैं। फरह, कोसीकलां और सौंख क्षेत्र में दहशत के मारे महिलाएं घरों से बाहर निकलने में भी डर रही हैं।
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अब चोटी बचाने के लिए औरतों ने खेतों पर अकेले जाना बंद कर दिया है। समूह बनाकर जा रही हैं। चोटी की जगह जूड़ा बांधने लगी हैं। वहीं गांव के मर्द भी निगरानी में जुट गए हैं।
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हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में तो महिलाओं की चोटी कटने के मामले सामने आ रहे थे लेकिन उत्तर प्रदेश में इस तरह की घटनाएं सुनने को नहीं मिल रही थीं। लेकिन अब उत्तर प्रदेश और राजस्थान से सटे मथुरा जिले के इलाकों में भी चोटी कटने लगी है।
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मथुरा के नंदगांव में सबसे पहली घटना 30 जुलाई को हुई थी। यहां नंदगांव के पड़ोस में भड़ौखर गांव में एक महिला की चोटी कट गई थी। 31 जुलाई को नंदगांव क्षेत्र के लौहरबारी गांव में हल्ली सिंह की पत्नी कृष्णा की चोटी कट गई। इन दो मामलों से क्षेत्र में दहशत है। महिलाओं ने चोटी की जगह जूड़ा बांधना शुरू कर दिया है। खेतों पर काम करने के लिए समूह बनाकर जा रही हैं।
महराना, गिडोर, बदनगढ़, संकेत, रीठोरा गांव में तो संदिग्ध लोगों की निगहबानी शुरू हो गई है। अगर कोई अनजान व्यक्ति गांव में दिखता है तो उससे पूछताछ की जाती है। ग्रामीण भी जंगल में घूमकर चोटी कटने की घटनाओं की हकीकत जानने में लगे हैं।
वेदपाल, खुशी सिंह, रामौतार और प्रदीप ने बताया कि ऐसे किसी की चोटी कैसे कट सकती है। इसके पीछे कुछ तो है। लिहाजा सभी लोग मिलकर नजर रखे हुए हैं। फरह, कोसीकलां और सौंख क्षेत्र में दहशत के मारे महिलाएं घरों से बाहर निकलने में भी डर रही हैं।
बच्चों की जेब में रख रहे माचिस और लोहे का टुकड़ा
चोटी कटने की घटनाएं
- फोटो : अमर उजाला
अभी तक चोटी कटने की घटनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में ही हुई हैं। जिस महिला की भी चोटी कटी है उसके परिवार वाले उसे लेकर तांत्रिक के पास पहुंच रहे हैं। तांत्रिक कहीं चोटी को जमीन में गढ़वा रहे हैं तो कहीं नदियों में प्रवाहित करने को कह रहे हैं।
चोटी कटने की घटनाएं बढ़ने के बाद घबराए लोग स्कूल जाने वाले बच्चों की जेब में माचिस और लोहे का टुकड़ा रखकर भेज रहे हैं। लोगों का कहना है कि इससे बुरी शक्तियां बच्चों से दूर रहती हैं। बच्चों को भी घर वालों ने कह दिया है वह सीधे घर पहुंचे।
डर के मारे लोग तंत्र-मंत्र में भी फंसने लगे हैं। किसी ने घर के बाहर नीबू टांगना शुरू कर दिया है तो किसी ने कील का टुकड़ा। हल्दी के छापे भी घरों के बाहर लगाए जा रहे हैं। नंदगांव, कोसीकलां, ओल और फरह के साथ कई स्थानों पर यह देखने को मिल रहा है।
चोटी कटने की घटनाएं बढ़ने के बाद घबराए लोग स्कूल जाने वाले बच्चों की जेब में माचिस और लोहे का टुकड़ा रखकर भेज रहे हैं। लोगों का कहना है कि इससे बुरी शक्तियां बच्चों से दूर रहती हैं। बच्चों को भी घर वालों ने कह दिया है वह सीधे घर पहुंचे।
डर के मारे लोग तंत्र-मंत्र में भी फंसने लगे हैं। किसी ने घर के बाहर नीबू टांगना शुरू कर दिया है तो किसी ने कील का टुकड़ा। हल्दी के छापे भी घरों के बाहर लगाए जा रहे हैं। नंदगांव, कोसीकलां, ओल और फरह के साथ कई स्थानों पर यह देखने को मिल रहा है।
डीएम-एसएसपी ने कहा अफवाहों पर ध्यान न दें
मथुरा के जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा का कहना है कि महिलाओं की चोटी कटने के शोर के पीछे अंधविश्वासी लोगों का हाथ हो सकता है। उन्होंने लोगों से कहा कि वह अफवाहों पर ध्यान न दें। अगर कोई तांत्रिक या दूसरा कोई व्यक्ति ऐसी बातें करता है तो उसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दी जाए।
एसएसपी स्वप्निल ममगाई का कहना है कि जिले में इस प्रकार की घटनाओं के सामने आने के बाद पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। गांव के चौकीदारों से कहा गया है कि वह लोगों को समझाएं। उन्हें बताएं कि यह सब अफवाहें हैं। अगर किसी को शक है तो वह पुलिस को सूचना दे सकता है।
एसएसपी स्वप्निल ममगाई का कहना है कि जिले में इस प्रकार की घटनाओं के सामने आने के बाद पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। गांव के चौकीदारों से कहा गया है कि वह लोगों को समझाएं। उन्हें बताएं कि यह सब अफवाहें हैं। अगर किसी को शक है तो वह पुलिस को सूचना दे सकता है।