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मथुरा मुठभेड़ः अफसरों को पता नहीं, दरोगा सिपाही चला रहे थे गोलियां
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 18 Jan 2018 10:14 AM IST
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घटनास्थल की तस्वरी सबकुछ कर रही बयां
- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा में दरोगा और सिपाही मोहनपुर अड़ूकी गांव में गोलियां चला रहे थे, लेकिन किसी अधिकारी को इस दबिश का पता तक नहीं था। न एसएसपी को इसकी जानकारी दी गई और न ही सीओ को।
एसएसपी को भी तब बताया गया जब बच्चे के गोली लग गई। इससे साफ है कि इस समय पुलिस खौफ पैदा करने के लिए निर्दोष और मासूमों पर गोलियां चला रही है।
मथुरा में बढ़ते क्राइम को रोकने में फेल पुलिस अब बदमाशों में खौफ पैदा करने के लिए गोलियां चला रही है। मुठभेड़ की जा रही है। लेकिन अब तो मुठभेड़ के नाम पर निर्दोषों की जान ली जा रही है।
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एसएसपी को भी तब बताया गया जब बच्चे के गोली लग गई। इससे साफ है कि इस समय पुलिस खौफ पैदा करने के लिए निर्दोष और मासूमों पर गोलियां चला रही है।
मथुरा में बढ़ते क्राइम को रोकने में फेल पुलिस अब बदमाशों में खौफ पैदा करने के लिए गोलियां चला रही है। मुठभेड़ की जा रही है। लेकिन अब तो मुठभेड़ के नाम पर निर्दोषों की जान ली जा रही है।
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हाईवे थाना क्षेत्र के गांव मोहनपुर अड़ूकी में दो दरोगा और चार सिपाही बदमाशों की लोकेशन मिलने पर गए थे। खास बात यह है कि जब पुलिस किसी आपरेशन के लिए थाने से निकलती है तो आला अफसरों की संज्ञान में मामले को लाया जाता है।
यहां तो सीओ तक को नहीं बताया गया। जब बच्चे के गोली लग गई और अस्पताल में भर्ती हो गया तब पुलिस कप्तान को बताया गया है। एसएसपी स्वप्निल ममगाई ने बताया कि पुलिस वालों ने दबिश की बात किसी को नहीं बताई थी।
इस मामले की जांच भी कराई जा रही है। लेकिन यहां सवाल यह उठता है कि जब अधिकारी जान रहे हैं कि दरोगा और सिपाही बिना बताए गांव गए थे तो फिर कार्रवाई में इतना विलंब क्यों हो रहा है।
यहां तो सीओ तक को नहीं बताया गया। जब बच्चे के गोली लग गई और अस्पताल में भर्ती हो गया तब पुलिस कप्तान को बताया गया है। एसएसपी स्वप्निल ममगाई ने बताया कि पुलिस वालों ने दबिश की बात किसी को नहीं बताई थी।
इस मामले की जांच भी कराई जा रही है। लेकिन यहां सवाल यह उठता है कि जब अधिकारी जान रहे हैं कि दरोगा और सिपाही बिना बताए गांव गए थे तो फिर कार्रवाई में इतना विलंब क्यों हो रहा है।
बोले सीओ, मेरे संज्ञान में नहीं था मामला
पुलिस क्षेत्राधिकारी रिफाइनरी विनय सिंह ने बताया कि दो दरोगा और चार सिपाही अडू़की गांव में गए थे। लेकिन इन लोगों ने मुझे नहीं बताया था।
हमें तो घटना की जानकारी तब हुई जब बच्चे के गोली लग गई। सीओ ने बताया कि दरोगा वीरेंद्र यादव और सौरभ शर्मा चार सिपाहियों को साथ लेकर अड़ूकी गांव में गए थे।
हमें तो घटना की जानकारी तब हुई जब बच्चे के गोली लग गई। सीओ ने बताया कि दरोगा वीरेंद्र यादव और सौरभ शर्मा चार सिपाहियों को साथ लेकर अड़ूकी गांव में गए थे।