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Agra News: जेल में गुमसुम रूबी, काउंसलिंग के बाद भेजी गई बैरक
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पुलिस की गिरफ्त में रूबी
आगरा। पति सुरेंद्र शर्मा की हत्या के बाद बाथरूम में शव दफनाने के बाद पत्नी रूबी भले ही जेल चली गई है लेकिन पुलिस हत्याकांड में साक्ष्य संकलन जुटा रही है। रूबी रविवार को जेल में गुमसुम रही। जेल प्रशासन ने उसकी काउंसलिंग कराई और उसके बाद बैरक में भेज दिया। उसकी दोनों बेटियां ताऊ के घर पर रह रही है। वह मां से मिलने को तैयार नहीं हैं।
आरोपी रूबी को शनिवार को जेल भेजा गया था। जेल जाते ही वो गुमसुम हो गई। वह कुछ भी नहीं बोल रही थी। रात में खाना भी नहीं खाया। रविवार को जेल कर्मियों ने उससे बात की। काउंसलर के पास ले जाया गया। उससे घटना की जानकारी ली गई। उसे बताया कि वह विधिक राय ले सकती है। पैरवी के लिए कोई नहीं है तो जेल प्रशासन को बता सकती है। परिजन भी मुलाकात के लिए आ सकते हैं। इसके बाद वो कुछ सामान्य हुई। तब उसे बैरक में पहुंचा दिया गया।
जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा ने बताया कि गंभीर अपराध के मामले में जेल में आने वाले बंदियों की काउंसलिंग की जाती है। वहीं मृतक सुरेंद्र शर्मा की दोनों बेटियां सिद्धि और प्राची ताऊ अनिल शर्मा के पास रह रही हैं। ताऊ ऑटो चालक हैं। अनिल ने बताया कि दोनों बेटियों का लालन-पालन करेंगे। उनका पिता अब दुनिया में नहीं हैं लेकिन उन्होंने पूरी जिम्मेदारी उठा ली है। उन्होंने बताया कि वह मां से बेटियों को मिलाना चाहते थे। वो इतना नाराज हैं कि उन्होंने मां से मिलने के लिए मना कर दिया। कहा कि उन्होंने पिता की जान ली है। उनसे नहीं मिलना चाहती हैं। वह अब घर भी लौटना नहीं चाहती हैं।
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हत्यारोपी रूबी की कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस
पुलिस हत्यारोपी रूबी के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही है। रेणुका धाम काॅलोनी सिकंदरा निवासी सुरेंद्र शर्मा की 18 मई को गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। पत्नी रूबी ने बताया था कि पति कहीं चले गए हैं। उनका कोई सुराग नहीं है। जेठ रूबी की पूछताछ में रूबी ने पति की हत्या की बात कबूल की थी। यह बताया था कि उसने खीर में नींद की गोलियां खिला दी थी। पति के मरने की पुष्टि के बाद शव को घर के बाथरूम में दबा दिया था। इसके ऊपर पक्का फर्श भी कर दिया था। विवेचक और थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि वह हत्याकांड से जुड़े हर पहलू की जांच में जुटे हैं। प्राथमिक पूछताछ में रूबी ने यही कहा है कि पति को नींद की गोलियां उसे मजबूरी में खिलानी पड़ी थीं। वह उसे पीटता था। इस वजह से वह परेशान हो चुकी थी। वह शव को बाहर नहीं ले जा सकती है। इसलिए घर में ही दफनाने की योजना बनाई थी। पुलिस ने मोबाइल को कब्जे में लिया है। यह देखा जा रहा है कि रूबी ने कहीं किसी के कहने या फिर किसी की मदद से पूरे घटनाक्रम को अंजाम नहीं दिया। इसलिए कॉल डिटेल निकाली गई है।
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रिश्तेदारों से लड़कर आया था सुरेंद्र
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घटना से कुछ दिन पहले ही पति भरतपुर रिश्तेदार के घर गया था। वहां पर झगड़ा करके आया था। घर आकर भी झगड़ा किया था। उसने सोच लिया कि अब उसे नहीं छोड़ेगी। पति ने खाने के लिए मीठा मांगा था। तब ही उसने खीर बनाई और नींद की गोलियां मिलाकर पति को खिला दी।
भाई की है स्कूल ड्रेस की दुकान, नहीं आया
रूबी का मायका इटावा के बकेवर का है। उसके भाई की कारगिल पर स्कूल ड्रेस की दुकान है। हत्याकांड की जानकारी के बाद भी मायके वाले नहीं आए हैं। पुलिस का कहना है कि जरूरत पड़ने पर भाई को बुलाया जाएगा। पूछताछ में यही पता चला है कि सुरेंद्र की हरकतों की वजह से मायके वालों ने भी आना बंद कर दिया था। घटना के बाद भी बहन से मिलने नहीं आया।
हड्डियों को भेजेंगे फोरेंसिक लैब, होगी डीएनए जांच
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि घटना का खुलासा 45 दिन बाद हुआ है। मृतक का सिर्फ कंकाल मिला है। कड़े और रुद्राक्ष की माला से उसकी पहचान कर ली गई। अब फोरेंसिक लैब में हड्डियां भेजी जाएगी, जिससे डीएनए जांच की जा सके। मृतक के परिजन से सैंपल लिया जाएगा। मौत का कारण पता नहीं चल सका है क्योंकि विसरा जांच नहीं हुई है। जांच के लिए वैज्ञानिकों के पास पेट, आंत, यकृत, गुर्दे तरल पदार्थ भी होना चाहिए। इस मामले में इनमें से कुछ भी नहीं मिला है।
पड़ोसी, मिस्त्री और मिट्टी विक्रेता की गवाही होगी अहम
रूबी ने पड़ोसी महिला तुलसी की मदद से मिट्टी डालने वाले शारदा विहार निवासी राकेश को बुलाया था। वह 400 रुपये में उसके घर पर मिट्टी देकर गया था। इसके साथ ही घर में प्लास्टर करने के लिए गोविंद धाम कॉलोनी निवासी रवि कुमार और दहतोरा निवासी दिनेश आए थे। पुलिस ने चारों के ही बयान दर्ज किए हैं। इनकी गवाही दर्ज की जाएगी। इससे केस में शामिल किया जाएगा। उनकी गवाही अहम होगी।
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आरोपी रूबी को शनिवार को जेल भेजा गया था। जेल जाते ही वो गुमसुम हो गई। वह कुछ भी नहीं बोल रही थी। रात में खाना भी नहीं खाया। रविवार को जेल कर्मियों ने उससे बात की। काउंसलर के पास ले जाया गया। उससे घटना की जानकारी ली गई। उसे बताया कि वह विधिक राय ले सकती है। पैरवी के लिए कोई नहीं है तो जेल प्रशासन को बता सकती है। परिजन भी मुलाकात के लिए आ सकते हैं। इसके बाद वो कुछ सामान्य हुई। तब उसे बैरक में पहुंचा दिया गया।
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जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा ने बताया कि गंभीर अपराध के मामले में जेल में आने वाले बंदियों की काउंसलिंग की जाती है। वहीं मृतक सुरेंद्र शर्मा की दोनों बेटियां सिद्धि और प्राची ताऊ अनिल शर्मा के पास रह रही हैं। ताऊ ऑटो चालक हैं। अनिल ने बताया कि दोनों बेटियों का लालन-पालन करेंगे। उनका पिता अब दुनिया में नहीं हैं लेकिन उन्होंने पूरी जिम्मेदारी उठा ली है। उन्होंने बताया कि वह मां से बेटियों को मिलाना चाहते थे। वो इतना नाराज हैं कि उन्होंने मां से मिलने के लिए मना कर दिया। कहा कि उन्होंने पिता की जान ली है। उनसे नहीं मिलना चाहती हैं। वह अब घर भी लौटना नहीं चाहती हैं।
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हत्यारोपी रूबी की कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस
पुलिस हत्यारोपी रूबी के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही है। रेणुका धाम काॅलोनी सिकंदरा निवासी सुरेंद्र शर्मा की 18 मई को गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। पत्नी रूबी ने बताया था कि पति कहीं चले गए हैं। उनका कोई सुराग नहीं है। जेठ रूबी की पूछताछ में रूबी ने पति की हत्या की बात कबूल की थी। यह बताया था कि उसने खीर में नींद की गोलियां खिला दी थी। पति के मरने की पुष्टि के बाद शव को घर के बाथरूम में दबा दिया था। इसके ऊपर पक्का फर्श भी कर दिया था। विवेचक और थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि वह हत्याकांड से जुड़े हर पहलू की जांच में जुटे हैं। प्राथमिक पूछताछ में रूबी ने यही कहा है कि पति को नींद की गोलियां उसे मजबूरी में खिलानी पड़ी थीं। वह उसे पीटता था। इस वजह से वह परेशान हो चुकी थी। वह शव को बाहर नहीं ले जा सकती है। इसलिए घर में ही दफनाने की योजना बनाई थी। पुलिस ने मोबाइल को कब्जे में लिया है। यह देखा जा रहा है कि रूबी ने कहीं किसी के कहने या फिर किसी की मदद से पूरे घटनाक्रम को अंजाम नहीं दिया। इसलिए कॉल डिटेल निकाली गई है।
रिश्तेदारों से लड़कर आया था सुरेंद्र
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घटना से कुछ दिन पहले ही पति भरतपुर रिश्तेदार के घर गया था। वहां पर झगड़ा करके आया था। घर आकर भी झगड़ा किया था। उसने सोच लिया कि अब उसे नहीं छोड़ेगी। पति ने खाने के लिए मीठा मांगा था। तब ही उसने खीर बनाई और नींद की गोलियां मिलाकर पति को खिला दी।
भाई की है स्कूल ड्रेस की दुकान, नहीं आया
रूबी का मायका इटावा के बकेवर का है। उसके भाई की कारगिल पर स्कूल ड्रेस की दुकान है। हत्याकांड की जानकारी के बाद भी मायके वाले नहीं आए हैं। पुलिस का कहना है कि जरूरत पड़ने पर भाई को बुलाया जाएगा। पूछताछ में यही पता चला है कि सुरेंद्र की हरकतों की वजह से मायके वालों ने भी आना बंद कर दिया था। घटना के बाद भी बहन से मिलने नहीं आया।
हड्डियों को भेजेंगे फोरेंसिक लैब, होगी डीएनए जांच
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि घटना का खुलासा 45 दिन बाद हुआ है। मृतक का सिर्फ कंकाल मिला है। कड़े और रुद्राक्ष की माला से उसकी पहचान कर ली गई। अब फोरेंसिक लैब में हड्डियां भेजी जाएगी, जिससे डीएनए जांच की जा सके। मृतक के परिजन से सैंपल लिया जाएगा। मौत का कारण पता नहीं चल सका है क्योंकि विसरा जांच नहीं हुई है। जांच के लिए वैज्ञानिकों के पास पेट, आंत, यकृत, गुर्दे तरल पदार्थ भी होना चाहिए। इस मामले में इनमें से कुछ भी नहीं मिला है।
पड़ोसी, मिस्त्री और मिट्टी विक्रेता की गवाही होगी अहम
रूबी ने पड़ोसी महिला तुलसी की मदद से मिट्टी डालने वाले शारदा विहार निवासी राकेश को बुलाया था। वह 400 रुपये में उसके घर पर मिट्टी देकर गया था। इसके साथ ही घर में प्लास्टर करने के लिए गोविंद धाम कॉलोनी निवासी रवि कुमार और दहतोरा निवासी दिनेश आए थे। पुलिस ने चारों के ही बयान दर्ज किए हैं। इनकी गवाही दर्ज की जाएगी। इससे केस में शामिल किया जाएगा। उनकी गवाही अहम होगी।