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Agra News: शाॅल से पैर बांधे, दो सिपाहियों ने डंडे से उल्टा लटकाकर पीटा

Wed, 24 Dec 2025 03:15 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 24 Dec 2025 03:15 AM IST
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With their feet bound with a shawl, two soldiers beat them while they were hanging upside down.
पीड़ित किसान राजू 
आगरा। एसओ ने दोनों चाचा के साथ मुझे और मेरे पिता को थाने बुलाया था। चारों से हत्या के बारे में जानकारी ली। पिता और चाचा को जाने के लिए कहा और मुझे पकड़ लिया। इसके बाद एक कमरे में ले जाकर मेरे ही शॉल से पैर बांध दिए। दो सिपाहियों ने पैरों के बीच में डंडा फंसाया और ऊपर लटकाकर डंडे से मारा। एक ही बात बोल रहे थे कि हत्या कबूल कर लें। नहीं तो ठीक नहीं होगा। वह गिड़गिड़ाता रहा। पिटाई से बेहोश हो गया। आंख खुली तो अस्पताल में खुद को पाया।
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यह कहते हुए राजू शर्मा दहशत में आते हैं। हरीपर्वत क्षेत्र के अस्पताल में भर्ती राजू से मंगलवार को अमर उजाला टीम ने बात की। उन्होंने बताया कि वह अब ठीक से चल पाएंगे या नहीं यह पता नहीं है। पुलिस ने बेरहमी से पीटा। उनका कोई कसूर नहीं था। गांव के पूर्व फौजी की हत्या में उनका कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने गांव के कुछ लोगों के कहने पर परिवार को परेशान करना शुरू कर दिया। उन्हें नहीं पता था कि पुलिस इतना पीटेगी। पिता राधेश्याम ने बताया कि पुलिस की पिटाई से परिवार डरा हुआ है। फिर से ऐसा न हो, इसलिए पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराना चाहते हैं। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
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आयोग से निष्पक्ष जांच और प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग
मानवाधिकार आयोग से शिकायत, सुरक्षा मांगी
इस मामले में अधिवक्ता नरेश पारस ने मानवाधिकार आयोग को शिकायत भेजी है। इसमें कहा है कि राजू शर्मा को थाने में थर्ड डिग्री दी गई। पिटाई में पांच डंडे टूट गए। पुलिस ने जबरन हत्या कबूल करने के लिए दबाव बनाया। राजू के अनुसार, लकड़ी के चार और प्लास्टिक का एक डंडा टूट गया। उसके दोनों पैरों में सूजन है। घटना की निष्पक्ष जांच के लिए आयोग की ओर से टीम गठित कर पीड़ित के बयान दर्ज कराए जाएं। थर्ड डिग्री देने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए। पीड़ित को इलाज और सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
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