Agra: 50 फीट गहरे बोरवेल में गिरा राष्ट्रीय पक्षी मोर, वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम ने बचाई जान
खुले कुआं और बोरवेल वन्यजीवों के लिए लगातार खतरनाक साबित हो रहे हैं। आगरा के एक गांव में राष्ट्रीय पक्षी मोर 50 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया, जिससे उसकी जान खतरे में पड़ गई।
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आगरा के ताजगंज क्षेत्र स्थित गंगौर गांव में 50 फीट गहरे बोरवेल में गिरे राष्ट्रीय पक्षी मोर को वाइल्डलाइफ एसओएस रैपिड रिस्पांस यूनिट ने सुरक्षित बाहर निकाला। मौके पर ही चिकित्सीय परीक्षण एवं उपचार प्रदान करने के बाद मोर को वापस जंगल में छोड़ दिया गया।
बुधवार दोपहर को ताजगंज क्षेत्र के गंगौर गांव में खेत पर काम कर रहे किसानों ने एक मोर को 50 फीट गहरे बोरवेल में गिरा देखा। पक्षी की सुरक्षा को लेकर चिंतित ग्रामीणों ने सहायता के लिए हेल्पलाइन पर वाइल्डलाइफ एसओएस रैपिड रिस्पांस यूनिट को सूचना दी।
वन्यजीव संरक्षण संस्था से दो सदस्यीय बचाव दल को आवश्यक बचाव उपकरण और गिरने के दौरान लगी किसी भी चोट के इलाज के लिए चिकित्सकीय सहायता के साथ तुरंत भेजा गया। करीब एक घंटे तक चले बचाव अभियान में टीम ने मोर को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला। पक्षी को मौके पर ही चिकित्सकीय परीक्षण और इलाज प्रदान करने के बाद सुरक्षित आवास में छोड़ दिया गया।
खुले कुएं और बोरवेल ढंके जाएं
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि खुले कुएं और बोरवेल को ढंकने की तत्काल आवश्यकता है। विशेष रूप से वो जो मानव बस्तियों के निकट हैं। उन्होंने कहा कि वाइल्डलाइफ एसओएस रैपिड रिस्पांस यूनिट मोर जैसे संकटग्रस्त पक्षियों को सहायता प्रदान करने के लिए चौबीसों घंटे काम करती है।
वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स बैजुराज एमवी ने बताया कि इतने गहरे बोरवेल कभी-कभी जंगली पशु-पक्षियों के लिए जानलेवा बन जाते हैं। ऐसे में हमारी रेस्क्यू टीम को अत्यधिक सावधानी बरतते हुए मोर को सुरक्षित बाहर निकालना था। हम स्थानीय ग्रामीणों को भी धन्यवाद देना चाहते हैं, जिन्होंने तुरंत कार्रवाई की और हमारी हेल्पलाइन पर सूचना दी।