ये कैसी दीवानगी: 'पति छोड़ सकती हूं, गुटखा खाना और बुलेट चलाना नहीं' महिला की बात सुन पुलिस भी चकराई
आगरा में थाने पहुंची पत्नी ने कहा कि 'पति को छोड़ सकती हूं, लेकिन गुटखा खाना और बुलेट चलाना नहीं। महिला की बात सुन पुलिस भी चकरा गई।
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उत्तर प्रदेश के आगरा में परिवार परामर्श केंद्र में पहले पति-पत्नी के बीच मोबाइल पर बात करने या घरेलू विवाद के झगड़े सामने आ रहे थे। इन दिनों महिलाओं में गुटखा के प्रति दीवानगी से टकराव के मामले बढ़े हैं। काउंसलर ने दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की। पत्नी द्वारा पति को छोड़ देने लेकिन गुटखा न छोड़ने की बात पर पुलिस भी चकरा गई।
केस-1
आगरा में शिक्षक पति ने पत्नी को एक साल पहले गुटखा खाने की लत से परेशान होकर घर से निकाल दिया था। एक साल मायके में रहने के बाद पुलिस से मदद की गुहार लगाई। मामला परिवार परामर्श केंद्र पहुंचा। काउंसलिंग के दौरान पत्नी ने पति के सामने शर्त रख दी। कहा कि ज्यादा नहीं तो दिन में एक बार गुटखा जरूर खाएगी। वह पति के बिना रह सकती है मगर, गुटखा खाए बिना नहीं। पति के शर्त मानने पर समझौता हुआ।
केस-2
सदर थाना क्षेत्र में जूता कारीगर पत्नी के गुटखा खाने और बुलेट चलाने के खर्च से कर्ज में आ गया। रोक-टोक की तो पत्नी-पत्नी के बीच झगड़ा हो गया। पत्नी मायके आकर रहने लगी। पुलिस से शिकायत की। मामला परिवार परामर्श केंद्र पहुंचा। काउंसलिंग के दौरान पत्नी ने कहा कि वह पति को छोड़ सकती है। गुटखा खाना और बुलेट चलाना नहीं। अगर, पति को फैसला मंजूर हो तो ले चले ससुराल।
काउंसलर डॉ. अमित गौड़ ने बताया कि पहले मोबाइल और सास विवाहिताओं के लिए झगड़े की वजह बनता था। अब गुटखा भी वजह बन रहा है। पति-पत्नी दोनों को समझाने की बहुत कोशिश की जाती है। गुटखे की दीवानगी समझौते पर असर डाल रही है।