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मथुरा: संदिग्ध हालात में डॉक्टर की मौत पर पत्नी ने उठाए सवाल, सीएमएस समेत दो लोगों को बताया जिम्मेदार
Thu, 28 Oct 2021 06:57 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 28 Oct 2021 06:57 PM IST
सार
मथुरा में 25 अक्तूबर को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की कायाकल्प योजना के मैनेजर डॉ. विनोद पंवार की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। वह मध्यप्रदेश के बैतूल के रहने वाले थे। मौत के तीन दिन बाद उनकी पत्नी ने सीएमएस व एक अन्य डॉक्टर पर आरोप लगाए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मथुरा जिला अस्पताल के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की कायाकल्प योजना के मैनेजर की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतक डॉक्टर की पत्नी ने अस्पताल के सीएमएस और डॉक्टर के दबाव में फंदा लगाए जाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। मृतक की पत्नी ने मध्यप्रदेश के बैतूल पुलिस को तहरीर दी है।
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थाना हाईवे के गोवर्धन रोड स्थित शिवाशा एस्टेट में किराए के मकान में परिवार के साथ रहने वाले बीएचएमएस डॉ. विनोद पंवार की बीते सोमवार की शाम संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई थी। अस्पताल के स्टॉप के मुताबिक डॉ. विनोद ने आत्महत्या करने से पहले पत्नी को सूचित कर दिया था।
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स्थानीय पुलिस को बिना सूचना दिए परिजन घटना के बाद शव लेकर मध्यप्रदेश के बैतूल के नहद गांव चले गए थे। मृतक की पत्नी मोना पंवार का कहना है कि विनोद का बैतूल में ही पोस्टमार्टम कराया गया और इसकी तहरीर भी थाना कोतवाली में दी गई है। मामला मथुरा से जुड़ा होने के कारण बैतूल कोतवाली पुलिस द्वारा केस डायरी मथुरा भेजी जा रही है।
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आरोप- मैनेजमेंट के दबाव में कर रहे थे काम
मृतक की पत्नी मोना पंवार ने कहा कि डॉ. विनोद पिछले काफी समय से मैनेजमेंट के भारी दबाव में काम कर रहे थे। अस्पताल में कोई नया अधिकारी तैनात हुआ था जो कामकाज को लेकर उन्हें तंग कर रहा था। उसी के दबाव के चलते उन्होंने आत्महत्या की है।
उन्होंने सीएमएस डॉ. मुकुंद बंसल और डॉ. अमन को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उधर, डॉ. अमन ने कहा मेरे ऊपर लगे सभी आरोप झूठे हैं, मैं हर जांच के लिए तैयार हूं। थाना हाईवे के कोतवाल अनुज कुमार ने बताया कि एमपी से रिपोर्ट आने के बाद जांच की जाएगी।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. मुकुंद बंसल ने कहा कि सभी आरोप निराधार हैं। वह हर जांच के लिए तैयार हैं। अगर डॉ. विनोद पंवार दबाव में थे तो उन्होंने पनी पत्नी को पहले सारी बात क्यों नहीं बताईं। जिस दिन उन्होंने आत्महत्या की, उस दिन सुबह से लेकर शाम तक अस्पताल में थे और कई बैठकों में शामिल भी हुए।
मृतक की पत्नी मोना पंवार ने कहा कि डॉ. विनोद पिछले काफी समय से मैनेजमेंट के भारी दबाव में काम कर रहे थे। अस्पताल में कोई नया अधिकारी तैनात हुआ था जो कामकाज को लेकर उन्हें तंग कर रहा था। उसी के दबाव के चलते उन्होंने आत्महत्या की है।
उन्होंने सीएमएस डॉ. मुकुंद बंसल और डॉ. अमन को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उधर, डॉ. अमन ने कहा मेरे ऊपर लगे सभी आरोप झूठे हैं, मैं हर जांच के लिए तैयार हूं। थाना हाईवे के कोतवाल अनुज कुमार ने बताया कि एमपी से रिपोर्ट आने के बाद जांच की जाएगी।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. मुकुंद बंसल ने कहा कि सभी आरोप निराधार हैं। वह हर जांच के लिए तैयार हैं। अगर डॉ. विनोद पंवार दबाव में थे तो उन्होंने पनी पत्नी को पहले सारी बात क्यों नहीं बताईं। जिस दिन उन्होंने आत्महत्या की, उस दिन सुबह से लेकर शाम तक अस्पताल में थे और कई बैठकों में शामिल भी हुए।