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होली में बिखरेंगे आस्था के रंग: ठाकुरजी को चढ़ाए गए फूलों से हर्बल गुलाल बना रहीं वृंदावन की विधवा माताएं

Tue, 22 Feb 2022 07:40 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 22 Feb 2022 07:40 PM IST
सार

होली पर कान्हा के भक्त ठाकुर श्रीबांकेबिहारी महाराज के शृंगार के फूलों से तैयार हर्बल गुलाल से होली खेलेंगे। वृंदावन के आश्रय सदन में रहने वाली निराश्रित एवं विधवा माताएं इन फूलों से हर्बल गुलाल को बना रही हैं। 

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Widow Women Making Herbal Gulal With Flowers Offered In Banke Bihari Temple In Vrindavan
बांकेबिहारी मंदिर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मथुरा के वृंदावन में रहने वाली विधवा और निराश्रित महिलाएं होली की तैयारी में जुट गईं हैं। आश्रय सदन की माताएं ठाकुर बांकेबिहारी महाराज को अर्पित किए गए फूलों से हर्बल गुलाल बना रहीं हैं। फूलों से करीब पांच कुंतल गुलाल तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। 

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वृंदावन के चैतन्य विहार स्थित महिला आश्रय सदन में बृज गंधा प्रसार समिति कई निराश्रित महिलाओं का बसेरा बनी है। इसमें ज्यादातर विधवा महिलाएं अपनी छोटी व अलग सी दुनिया में रहती हैं। 

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रोज 50 किलो फूल आते हैं 

ब्रजगंधा प्रसाद समिति के प्रोडक्ट कॉर्डिनेटर विक्रम शिवपुरी ने बताया कि अपनी सुविधा के अनुसार यहां रह रही विधवा एवं निराश्रित माताएं समय निकाल कर फूलों से हर्बल गुलाल तैयार करने का काम कर रही हैं। वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में चढ़ने वाला फूल सबसे ज्यादा आता है। प्रतिदिन करीब 50 किलो फूल आते हैं। 

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चढ़ावे के फूलों की सबसे पहले सफाई जैसे धागा व अन्य कूड़ा करकट निकलने और छंटाई का काम आश्रय सदन की माताएं करती हैं। उसके बाद फूलों को सुखाया जाता है और फिर पीसकर उनका पाउडर तैयार कर होली पर हर्बल गुलाल तैयार किया जाता है। इस बार इन फूलों से चार-पांच कुंतल गुलाल तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

सावित्री देवी ने बताया कि हम पहले फूलों को छांटते हैं, फिर उन्हें सुखाते हैं, सब का अलग-अलग काम है। सुखाने के बाद इसे पीसकर छानते हैं, इसमें कोई मिलावट नहीं करते, पूरी तरह से प्राकृतिक रहता है। इसे बनाने में बहुत अच्छा लगता है।

आशा सागर ने कहा कि हमारी बेरंग जीवन में यह रंग नया उत्साह और उमंग लेकर आते हैं। गुलाल बनाने के दौरान हमारा समय भी व्यतीत हो जाता है और काम भी पूरा हो जाता है। 

महिलाओं को मिलती है सरकारी पेंशन

प्रोबेशन अधिकारी अनुराग श्याम रस्तोगी ने कहा कि वृंदावन स्थित चैतन्य विहार के महिला आश्रय सदन की वृद्ध माताओं को सरकार की ओर से पेंशन तो मिलती ही है लेकिन गुलाल बनाने के बदले इन माताओं को इनके काम के समय के मुताबिक मेहनताना भी दिया जाता है। इन दिनों गुलाल बनाने के काम में वे अपनी सुविधा और समय के अनुसार ही काम करती हैं। समय के हिसाब से उन्हें बाकायदा इसके लिए पारिश्रमिक भी दिया जाता है।

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