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DBRAU: परास्नातक में क्या पढ़ाना है, यह अभी तक तय नहीं, 22 अगस्त से ही शुरू की जानी थीं कक्षाएं
Fri, 14 Oct 2022 12:05 AM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 14 Oct 2022 12:05 AM IST
सार
कॉलेजों के प्राचार्यों का कहना है कि विषयवस्तु देर से उपलब्ध कराए जाने का असर सत्र पर पड़ेगा। कक्षाओं के संचालन में दिक्कत आएगी। स्नातक प्रथम वर्ष की कक्षाएं शुरू करा दी गई हैं।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने परास्नातक पाठ्यक्रमों में भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप सेमेस्टर व्यवस्था लागू कर दी है। सत्र 2022-23 में सेमेस्टर व्यवस्था के अनुरूप पढ़ाई होनी है। लेकिन अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन कॉलेजों को विषयवस्तु उपलब्ध नहीं करा सका है। अभी विषय वस्तु तय नहीं हो सकी है। शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार कक्षाएं 22 अगस्त से ही लगाई जानी थीं।
विश्वविद्यालय प्रशासन पाठ्यक्रमों में पढ़ाए जाने वाले विषयों की विषयवस्तु तैयार करने के लिए अभी बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठकें करा रहा है। बोर्ड ऑफ स्टडीज के प्रस्ताव को पहले विद्या परिषद, फिर कार्य परिषद में रखा जाएगा। कार्य परिषद की मंजूरी के बाद कॉलेजों को पढ़ाने के लिए विषय वस्तु उपलब्ध कराई जा सकेगी। इसके बाद ही कक्षाएं शुरू हो पाएंगी।
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विश्वविद्यालय प्रशासन पाठ्यक्रमों में पढ़ाए जाने वाले विषयों की विषयवस्तु तैयार करने के लिए अभी बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठकें करा रहा है। बोर्ड ऑफ स्टडीज के प्रस्ताव को पहले विद्या परिषद, फिर कार्य परिषद में रखा जाएगा। कार्य परिषद की मंजूरी के बाद कॉलेजों को पढ़ाने के लिए विषय वस्तु उपलब्ध कराई जा सकेगी। इसके बाद ही कक्षाएं शुरू हो पाएंगी।
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पढ़ाई पर पड़ेगा असर
कॉलेजों के प्राचार्यों का कहना है कि विषयवस्तु देर से उपलब्ध कराए जाने का असर सत्र पर पड़ेगा। कक्षाओं के संचालन में दिक्कत आएगी। स्नातक प्रथम वर्ष की कक्षाएं शुरू करा दी गई हैं। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह का कहना है कि बोर्ड ऑफ स्टडीज लगातार कराई जा रही है। यह काम पूरा होते ही प्रस्तावों को विद्या परिषद और कार्य परिषद में रखकर पास कराया जाएगा और कॉलेजों को उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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