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खेतों में बिछ गई सफेद चादर, पारा रह 4 डिग्री
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ासगंज के इटौआ गांव में फसलों में जमा पाला
- फोटो : KASGANJ
कासगंज। मौसम के तेवर बुधवार को और तल्ख हो गए। न्यूनतम पारा गिरकर चार डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। खेतों में पाला जमने से सफेद चादर बिछी नजर आई। बुधवार को दिनभर बर्फीली हवा चलती रही। वातावरण में धुंध रहने से धूप की चमक फीकी पड़ गई। इससे लोगों को ठंड से राहत नहीं मिल सकी। लोगों ने ठंड से राहत पाने के लिए अलाव का सहारा लिया।
जिले में मंगलवार रात ठंड के तेवर काफी तल्ख हो गए। मध्यरात्रि में पारा तेजी से नीचे आया और रात एक बजे पारा 4 डिग्री रह गया। यह स्थिति तड़के 5 बजे तक बनी रही। पारा नीचे आ जाने से ठंड काफी बढ़ गई। ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड का असर अधिक रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय पाला जम गया। सुबह के समय ग्रामीणों को खेतों में सफेद चादर बिछी नजर आई।
हालांकि सुबह छह बजे से पारा चढ़ना शुरू हुआ। हालांकि दिन भर 18 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलती रहीं। तेज हवा के कारण लोगों को ठंड से राहत नहीं मिली। बुधवार दोपहर दो बजे अधिकतम पारा 17 डिग्री तक ही पहुंच सका। इसके बाद आसमान में हल्के बादल घिरना शुरू हो गए। जिससे पारा फिर सेे नीचे आने लगा।
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आलू-मटर की फसल प्रभावित
कासगंज। रात के समय पाला पड़ने की शुरुआत होने से आलू और मटर उत्पादक किसान चिंतित है। खेतों में पाले की चादर जमने से फसलों के प्रभावित होने की संभावना है। यदि ऐसे ही हालत बने रहे तो आलू और मटर की फसलों को नुकसान हो सकता है।
दो जनवरी को हो सकती है बूंदाबांदी
कासगंज। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में और भी ठंड बढ़ने की संभावना है। दो जनवरी का बूंदाबंादी होने की संभावना भी जताई जा रही है।
पाला आलू की फसल के लिए काफी नुकसानदायक होता है। आलू की फसल में झुलसा रोग लगने की संभावना बढ़ जाती है।
- श्री किशन, किसान, सुल्तानपुर
पाला पड़ने से मटर की फसल की पैदावार प्रभावित हो जाती है। पाले के असर से फली तो फूल जाती है लेकिन उसमें दाना नहीं पड़ता।
- होती लाल किसान सुल्तानपुर
रात के समय पाला पड़ने से फसल पर सफेद चादर बिछ जाती है। इससे आलू की फसल को काफी नुकसान होगा।
श्योराज सिंह, किसान इटउआ
पिछले कई दिनों से काफी ठंड पड़ रही है। पाला जमने से मटर की फसल को काफी नुकसान हो चुका है।
-जयवीर सिंह किसान इटउआ
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जिले में मंगलवार रात ठंड के तेवर काफी तल्ख हो गए। मध्यरात्रि में पारा तेजी से नीचे आया और रात एक बजे पारा 4 डिग्री रह गया। यह स्थिति तड़के 5 बजे तक बनी रही। पारा नीचे आ जाने से ठंड काफी बढ़ गई। ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड का असर अधिक रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय पाला जम गया। सुबह के समय ग्रामीणों को खेतों में सफेद चादर बिछी नजर आई।
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हालांकि सुबह छह बजे से पारा चढ़ना शुरू हुआ। हालांकि दिन भर 18 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलती रहीं। तेज हवा के कारण लोगों को ठंड से राहत नहीं मिली। बुधवार दोपहर दो बजे अधिकतम पारा 17 डिग्री तक ही पहुंच सका। इसके बाद आसमान में हल्के बादल घिरना शुरू हो गए। जिससे पारा फिर सेे नीचे आने लगा।
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आलू-मटर की फसल प्रभावित
कासगंज। रात के समय पाला पड़ने की शुरुआत होने से आलू और मटर उत्पादक किसान चिंतित है। खेतों में पाले की चादर जमने से फसलों के प्रभावित होने की संभावना है। यदि ऐसे ही हालत बने रहे तो आलू और मटर की फसलों को नुकसान हो सकता है।
दो जनवरी को हो सकती है बूंदाबांदी
कासगंज। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में और भी ठंड बढ़ने की संभावना है। दो जनवरी का बूंदाबंादी होने की संभावना भी जताई जा रही है।
पाला आलू की फसल के लिए काफी नुकसानदायक होता है। आलू की फसल में झुलसा रोग लगने की संभावना बढ़ जाती है।
- श्री किशन, किसान, सुल्तानपुर
पाला पड़ने से मटर की फसल की पैदावार प्रभावित हो जाती है। पाले के असर से फली तो फूल जाती है लेकिन उसमें दाना नहीं पड़ता।
- होती लाल किसान सुल्तानपुर
रात के समय पाला पड़ने से फसल पर सफेद चादर बिछ जाती है। इससे आलू की फसल को काफी नुकसान होगा।
श्योराज सिंह, किसान इटउआ
पिछले कई दिनों से काफी ठंड पड़ रही है। पाला जमने से मटर की फसल को काफी नुकसान हो चुका है।
-जयवीर सिंह किसान इटउआ