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Gandhi Jayanti 2025: खादी पहनें, विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार करें...गांधी जी ने आगरा से दिया था ये संदेश

Thu, 02 Oct 2025 10:14 AM IST
धीरेन्द्र सिंह ममता त्रिपाठी, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
ममता त्रिपाठी, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 02 Oct 2025 10:14 AM IST
सार

राष्ट्र पिता महात्मा गांधी का आगरा से गहरा नाता रहा। उन्होंने 1929 में पालीवाल पार्क में जनसभा संबोधित की थी। इस जनसभा में राष्ट्र पिता जूलूस निकालने, सजावट करने और अनुशासनहीनता की कड़ी शब्दों में निंदा की थी। 

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Wear Khadi boycott foreign clothes Mahatma Gandhi Bapu gave this message from Agra
राष्ट्र पिता महात्मा गांधी - फोटो : अमर उजाला आर्काइव

विस्तार

क्या आपको पता है राष्ट्र पिता महात्मा गांधी और आगरा के बीच एक सदी से भी पुराना संबंध है। बापू यहां एक नहीं दो-दो बार आए। 105 साल पहले 1920 में गांधी जी पहली बार आगरा आए और सार्वजनिक सभा को संबोधित किया। दूसरी बार 1929 में स्वास्थ्य लाभ के लिए उन्होंने करीब 10 दिन तक शहर में प्रवास किया और आस-पास के इलाकों में भ्रमण भी किया।
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बात उन दिनों की है, जिस समय देश आजादी के लिए संघर्ष कर रहा था। पूरे देश को एकता के सूत्र में बांधने के लिए महात्मा गांधी शहर-शहर भ्रमण कर रहे थे। 23 नवंबर 1920 को मौलाना मोहम्मद अली के भाई शौकत अली के साथ आए। तब उन्हें बेलनगंज स्थित गिरधारीलाल वकील के आवास पर ठहराया गया था। मौलाना आजाद की अध्यक्षता में आयोजित सभा में उन्होंने जलियांवाला बाग का जिक्र करते हुए वेदना प्रकट की। तब उन्होंने जूलूस निकालने, सजावट करने और अनुशासनहीनता की कड़ी शब्दों में निंदा की थी। इस सभा में उन्होंने यंग इंडिया के 6 अक्तूबर 1920 में प्रकाशित लेख को भी पढ़कर सुनाया था। इस भाषण का शहरवासियों पर जबरदस्त प्रभाव पड़ा था। अमर उजाला आर्काइव में 1992 और 19994 में इस संबंध में लेख भी प्रकाशित हुए थे।

 
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इसके बाद 11 सितंबर 1929 को एक बार फिर गांधी जी आगरा आए। लेकिन तब वह स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। अपनी सेहत में सुधार के लिए यमुना नदी के किनारे एत्माउदौला स्मारक से सटी बृजमोहन दास मेहरा की बगीची में प्रवास किया था। आगरा के प्रसिद्ध वैद्य से उन्होंने स्वास्थ्य परामर्श लिया और पेट दर्द की समस्या के निदान के लिए यमुना किनारे स्थित कुएं का पानी भी पिया था। तब उनके साथ कस्तूरबा, आचार्य कृपलानी, मीरा बहन, जय प्रकाश नारायन की पत्नी प्रभावती ने भी प्रवास किया था। तब गांधीवादी और प्रसिद्ध नेता उनसे मिलने के लिए आश्रम पहुंचते थे। हालांकि तीसरी यात्रा का कहीं-कहीं जिक्र मिलता है, तीसरी बार वह 1938 में जब वह आगरा आए तो उन्होंने यहां छात्रों से मुलाकात की।

 
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पालीवाल पार्क में किया था सभा को संबोधित
अपने दूसरे भ्रमण के दौरान गांधी जी ने पालीवाल पार्क, जो उस समय व्हीवेट पार्क कहलाता था एक जनसभा भी की थी। इस सभा में उन्होंने कहा कि मैं यहां असहयोग की शक्ति में अपने विश्वास की पुनर्घोषणा करने आया हूं। उन्होंने शहरवासियों को खादी के जरिए विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार, मादक द्रव्य निषेध और हिंदुओं को अस्पृश्यता (छूआछूत) को त्यागने के लिए प्रेरित किया था।

 

देश के पहले कुष्ठ आश्रम बृथला का भी किया था भ्रमण
महात्मा गांधी ने न केवल यमुना नदी किनारे कुएं का पानी का सेवन किया था बल्कि वो खेरागढ़ तहसील के (सैंया ब्लॉक) इरादत नगर स्थित बृथला गांव गए थे। सिविल सोसाइटी के सदस्य और वरिष्ठ पत्रकार राजीव सक्सेना बताते हैं कि देश का पहला कुष्ठाश्रम वृथला में ही संचालित था। बापू ने इस आश्रम वे साथ यहां स्थापित लीला विलास कुंड (वृथला कुंड) का भ्रमण भी किया।

 

आगरा में लिया गया साक्षात्कार पूरे देश में रहा था चर्चा का विषय
आगरा में महात्मा गांधी का एकमात्र इंटरव्यू सन 1944 में तत्कालीन कम्यूनिस्ट नेता महादेव नारायण टंडन ने आगरा कैंट स्टेशन के विश्रामालय में लिया था। महादेव नारायण टंडन के सुपुत्र और प्रख्यात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. जेएन टंडन बताते हैं कि इस इंटरव्यू की चर्चा पूरे देश में रही थी। 17 जुलाई 1944 को वायसराय की स्पेशल ट्रेन में गांधी जी शिमला से वर्धा जा रहे थे। ट्रेन का समय और गांधीजी की यात्रा को पूरी तरह गुप्त रखा गया। लेकिन ट्रेड यूनियन के नेता होने के चलते महादेव नारायण टंडन को इसकी जानकारी मिल गई। गांधी जी का आगरा कैंट स्टेशन के विश्रामालय में महादेव नारायण टंडन ने इंटरव्यू लिया जो लोकयुद्ध हिंदुस्तानी कम्यूनिस्ट पार्टी के साप्ताहिक पत्र में रविवार 5 अगस्त 1945 को प्रकाशित हुआ। बाद में इस इंटरव्यू का गांधी शांति सेंटर दिल्ली से दोबारा विनोचन भी करवाया गया।
 
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