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हम खेलना चाहते हैं पर विदेश जाने के लिए नहीं है पैसे
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आगरा। राष्ट्रीय स्तर पर खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले ताजनगरी के दो खिलाड़ी आर्थिक तंगी के चलते विदेश खेलने नहीं जा पा रहे हैं। इस कारण इन दिनों दोनों खिलाड़ी मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं। इनका कहना है कि वह खेलना चाहते हैं, पर उनके पास जाने के लिए पैसे नहीं हैं।
क्रिकेटर प्रशांत सिकरवार के पास इतने पैसे नहीं है कि वह इंग्लैंड जाकर माइनर काउंटी खेलने के लिए ट्रायल दे सके। बैडमिंटन खिलाड़ी आयुष अग्रवाल को दो माह पहले जर्मनी में हुई अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप में शामिल होने के लिए अपने साथियों से आर्थिक सहायता लेनी पड़ी थी। इस बार आयुष को दिसंबर में होने वाली बांग्लादेश इंटरनेशनल चैंपियनशिप में खेलना है। लेकिन उनके पास जाने के लिए पैसे तक नहीं हैं।
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18 साल के बैडमिंटन खिलाड़ी आयुष अग्रवाल को एक दिसंबर से पांच दिसंबर तक बांग्लादेश में बांग्लादेश इंटरनेशनल बैडमिंटन चैलेंजर ट्रॉफी में प्रतिभाग करना है। भारतीय टीम में सीनियर वर्ग में चयनित आयुष को ढाका जाने के लिए आर्थिक तंगी आड़े आ रही है। आयुष का कहना है कि उनके पिता प्राइवेट नौकरी करते हैं। ढाका जाने के लिए थोड़ी जमा पूंजी थी। यह पूंजी भी पापा के इलाज में लग गई है। उनके पिता को पिछले दिनों हार्ट अटैक हुआ था।
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18 साल के क्रिकेटर प्रशांत सिकरवार ने इसलिए अपना पासपोर्ट बनवाया, क्योंकि उन्हें माइनर काउंटी खेलने के लिए ट्रायल का अवसर मिल रहा था। प्रशांत के पिता धर्मपाल सिकरवार प्राइवेट नौकरी करते हैं। प्रशांत कहते हैं कि इंग्लैंड की काउंटी में खेलने का हमेशा सपना रहा है। यह अवसर मिला था, लेकिन आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने के कारण ट्रायल देने नहीं जा रहा हूं। प्रशांत इस साल अंडर-19 का ट्रायल भी दे चुके हैं।
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जिला बैडमिंटन संघ के सचिव राहुल पालीवाल का कहना है कि संघ आयुष की बांग्लादेश की यात्रा का खर्र्च वहन करेगा। इसके अलावा अन्य खर्चों को भी पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी खिलाड़ियों की तरक्की में आड़े नहीं आने दी जाएगी।
डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ आगरा (डीसीएए) के संयुक्त सचिव तपेश शर्मा का कहना है कि क्रिकेटर प्रशांत के ट्रायल में आ रही आर्थिक बाधा को दूर किया जाएगा। इसके लिए डीसीएए के अध्यक्ष पूरन डावर को अवगत कराया जाएगा। शहर के किसी भी क्रिकेटर को आर्थिक तंगी के चलते मैदान से दूर नहीं होने दिया जाएगा।
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क्रिकेटर प्रशांत सिकरवार के पास इतने पैसे नहीं है कि वह इंग्लैंड जाकर माइनर काउंटी खेलने के लिए ट्रायल दे सके। बैडमिंटन खिलाड़ी आयुष अग्रवाल को दो माह पहले जर्मनी में हुई अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप में शामिल होने के लिए अपने साथियों से आर्थिक सहायता लेनी पड़ी थी। इस बार आयुष को दिसंबर में होने वाली बांग्लादेश इंटरनेशनल चैंपियनशिप में खेलना है। लेकिन उनके पास जाने के लिए पैसे तक नहीं हैं।
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18 साल के बैडमिंटन खिलाड़ी आयुष अग्रवाल को एक दिसंबर से पांच दिसंबर तक बांग्लादेश में बांग्लादेश इंटरनेशनल बैडमिंटन चैलेंजर ट्रॉफी में प्रतिभाग करना है। भारतीय टीम में सीनियर वर्ग में चयनित आयुष को ढाका जाने के लिए आर्थिक तंगी आड़े आ रही है। आयुष का कहना है कि उनके पिता प्राइवेट नौकरी करते हैं। ढाका जाने के लिए थोड़ी जमा पूंजी थी। यह पूंजी भी पापा के इलाज में लग गई है। उनके पिता को पिछले दिनों हार्ट अटैक हुआ था।
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18 साल के क्रिकेटर प्रशांत सिकरवार ने इसलिए अपना पासपोर्ट बनवाया, क्योंकि उन्हें माइनर काउंटी खेलने के लिए ट्रायल का अवसर मिल रहा था। प्रशांत के पिता धर्मपाल सिकरवार प्राइवेट नौकरी करते हैं। प्रशांत कहते हैं कि इंग्लैंड की काउंटी में खेलने का हमेशा सपना रहा है। यह अवसर मिला था, लेकिन आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने के कारण ट्रायल देने नहीं जा रहा हूं। प्रशांत इस साल अंडर-19 का ट्रायल भी दे चुके हैं।
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जिला बैडमिंटन संघ के सचिव राहुल पालीवाल का कहना है कि संघ आयुष की बांग्लादेश की यात्रा का खर्र्च वहन करेगा। इसके अलावा अन्य खर्चों को भी पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी खिलाड़ियों की तरक्की में आड़े नहीं आने दी जाएगी।
डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ आगरा (डीसीएए) के संयुक्त सचिव तपेश शर्मा का कहना है कि क्रिकेटर प्रशांत के ट्रायल में आ रही आर्थिक बाधा को दूर किया जाएगा। इसके लिए डीसीएए के अध्यक्ष पूरन डावर को अवगत कराया जाएगा। शहर के किसी भी क्रिकेटर को आर्थिक तंगी के चलते मैदान से दूर नहीं होने दिया जाएगा।