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हम काम करते हैं, दिखावा नहीं: अखिलेश
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Wed, 06 Jan 2016 02:23 AM IST
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अमर प्रेम के प्रतीक ताजमहल के साए में आगरा को 438 करोड़ रुपये की सौगात देेते वक्त मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि ‘हम काम करते हैं, दिखावा नहीं। हम चाहते तो बड़ी राजनीतिक सभा करके भी शिलान्यास कर सकते थे। आगरा में अभी और गुंजाइश है। यहां दुनिया भर के लोग आते हैं।’
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पहल की, उम्मीद नहीं थी प्रवासी दिवस में इतने लोग आएंगे। इंतजाम कम था, रजिस्ट्रेशन रोकने पड़े। जो मेहमान आए हैं वे अच्छा संदेश लेकर जाएंगे। दुनिया में प्रदेश की छवि बदलेगी।
इनके सहयोग से विकास की यात्रा को आगे बढ़ाया जाएगा। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार ने रोजगार के अवसर बढ़ाए हैं। शहर और गांवों के बीच संतुलन बनाया है। 45 लाख समाजवादी पेंशन, 102 और 108 एंबुलेंस सेवा चलाई है, इसे और बढ़ाने जा रहे हैं। इतना बड़ा एक्सप्रेस वे बन रहा है।
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सांसद डिंपल ने भी देखा ताज
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मंगलवार को सबसे पहले ताजमहल का दीदार करने गए थे। उनके साथ प्रवासी भारतीय और नियोजन मंत्री अभिषेक मिश्रा थे। इसके बाद मुख्यमंत्री की पत्नी सांसद डिंपल यादव बेटी के साथ ताजमहल देखने पहुंची। डीआईजी लक्ष्मी सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट रेखाएस चौहान भी उनके साथ थीं। इसके बाद डिंपल यादव एसिड पीड़ित महिलाओं की ओर से चलाए जा रहे कैफे शीरोज हैंगआउट में भी गईं।
लवर्स बेंच पर फोटो खिंचवाने की होड़
आगरा। होटल ताजखेमा के टीले पर बनी लवर्स बेंच पर फोटो खिंचवाने के लिए भीड़ लगी रही। सीएम के जाने के बाद पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह, प्रमुख सचिव पर्यटन नवनीत सहगल व अन्य अफसर और मीडियाकर्मी भी फोटो खिंचवाते नजर आए।
पंचायत पर कुछ नहीं बोले सीएम
आगरा। होटल ताज खेमा में आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के संबंध में सवाल पूछे तो वह सवालों को टाल गए। कहा कि आप सब जानते हैं, मुझे इस संबंध में कुछ नहीं कहना।
मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा दे सरकार
एनआरआई ने सरकार से सवाल किया कि मेडिकल टूरिज्म को क्यों बढ़ावा नहीं दिया जा रहा है? इसके लिए काम करने की जरूरत है। इसमें प्रदेश के लोगों का भी भला है और सरकार का भी। यह टूरिज्म बढ़ेगा, तो मेडिकल सेक्टर तेजी से विकास करेगा। सरकार को चाहिए कि देहाती क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाए।
स्वास्थ्य एवं शिक्षा के सत्र में मेडिकल टूरिज्म ही फोकस में रहा। इसमें चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के प्रमुख सचिव अरविंद कुमार, टीनेसिटी ग्रुप की सीईओ नंदिनी टंडन, क्लीयर पाथ हेल्थकेयर सर्विस के सीईओ डा. अटाट खान, संस्था जीओपीआईओ के वाइज प्रेजिडेंट आगरा निवासी पियूष अग्रवाल, सेंटर फोर अस्थमा एंड एलर्जी एंड पारिख वर्ल्डवाइड मीडिया के चेयरमैन डा. सुधीर पारिख, फिजी की यूूनिवर्सिटी ऑफ साउथ पेसिफिक के वाइस चांसलर प्रोफेसर रमेश चंद्रा ने शिरकत की।
अरविंद कुमार के सामने सभी ने यही सवाल प्रमुखता से रखा कि मेडिकल टूरिज्म को बढ़ाने पर प्रदेश सरकार दिलचस्पी क्यों नहीं दिखा रही है? अगर स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर की जाएं तो पश्चिमी और खाड़ी देशों से बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए यहां आ सकते हैं।
अरविंद कुमार ने बताया कि हेल्थ सेक्टर पर भी फोकस किया जा रहा है। जल्द ही सरकारी अस्पताल पीपीपी मॉडल पर दिए जाएंगे। इनमें बिल्डिंग सरकार की होगी, मरीजों के उपचार का खर्च भी सरकार देगी। सभी मंडलों में डायलसिस सेंटर खोले जा रहे हैं, इनमें भी मरीज से कोई पैसा नहीं लिया जाएगा। यह सुविधा मुहैय्या कराने वालों को खर्च सरकार से मिलेगा। इसके अलावा मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू की जा रही हैं। संपूर्ण क्लीनिक के माध्यम से जिला मुख्यालयों पर महिलाओं की हर बीमारी की जांच होगी। मथुरा के डा. हरीश श्रीवास्तव ने देहात में स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाने के लिए कहा।
कमिश्नर बोले, इसका जवाब हम देंगे
आगरा। सत्र के दौरान कई लोग गैर जरूरी सवाल भी कर रहे थे। एक युवक ने पूछा कि पढ़ाई पूरी होते ही नौकरी दिलाने के लिए सरकार क्या उपाय कर रही है? इस पर मंडलायुक्त प्रदीप भटनागर अपनी सीट से खड़े होकर बोले, ऐसे सवाल न किए जाएं। अगर किसी के मन में जिज्ञासा है, तो बाद में उनसे पूछ लें।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पहल की, उम्मीद नहीं थी प्रवासी दिवस में इतने लोग आएंगे। इंतजाम कम था, रजिस्ट्रेशन रोकने पड़े। जो मेहमान आए हैं वे अच्छा संदेश लेकर जाएंगे। दुनिया में प्रदेश की छवि बदलेगी।
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इनके सहयोग से विकास की यात्रा को आगे बढ़ाया जाएगा। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार ने रोजगार के अवसर बढ़ाए हैं। शहर और गांवों के बीच संतुलन बनाया है। 45 लाख समाजवादी पेंशन, 102 और 108 एंबुलेंस सेवा चलाई है, इसे और बढ़ाने जा रहे हैं। इतना बड़ा एक्सप्रेस वे बन रहा है।
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सांसद डिंपल ने भी देखा ताज
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मंगलवार को सबसे पहले ताजमहल का दीदार करने गए थे। उनके साथ प्रवासी भारतीय और नियोजन मंत्री अभिषेक मिश्रा थे। इसके बाद मुख्यमंत्री की पत्नी सांसद डिंपल यादव बेटी के साथ ताजमहल देखने पहुंची। डीआईजी लक्ष्मी सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट रेखाएस चौहान भी उनके साथ थीं। इसके बाद डिंपल यादव एसिड पीड़ित महिलाओं की ओर से चलाए जा रहे कैफे शीरोज हैंगआउट में भी गईं।
लवर्स बेंच पर फोटो खिंचवाने की होड़
आगरा। होटल ताजखेमा के टीले पर बनी लवर्स बेंच पर फोटो खिंचवाने के लिए भीड़ लगी रही। सीएम के जाने के बाद पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह, प्रमुख सचिव पर्यटन नवनीत सहगल व अन्य अफसर और मीडियाकर्मी भी फोटो खिंचवाते नजर आए।
पंचायत पर कुछ नहीं बोले सीएम
आगरा। होटल ताज खेमा में आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के संबंध में सवाल पूछे तो वह सवालों को टाल गए। कहा कि आप सब जानते हैं, मुझे इस संबंध में कुछ नहीं कहना।
मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा दे सरकार
एनआरआई ने सरकार से सवाल किया कि मेडिकल टूरिज्म को क्यों बढ़ावा नहीं दिया जा रहा है? इसके लिए काम करने की जरूरत है। इसमें प्रदेश के लोगों का भी भला है और सरकार का भी। यह टूरिज्म बढ़ेगा, तो मेडिकल सेक्टर तेजी से विकास करेगा। सरकार को चाहिए कि देहाती क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाए।
स्वास्थ्य एवं शिक्षा के सत्र में मेडिकल टूरिज्म ही फोकस में रहा। इसमें चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के प्रमुख सचिव अरविंद कुमार, टीनेसिटी ग्रुप की सीईओ नंदिनी टंडन, क्लीयर पाथ हेल्थकेयर सर्विस के सीईओ डा. अटाट खान, संस्था जीओपीआईओ के वाइज प्रेजिडेंट आगरा निवासी पियूष अग्रवाल, सेंटर फोर अस्थमा एंड एलर्जी एंड पारिख वर्ल्डवाइड मीडिया के चेयरमैन डा. सुधीर पारिख, फिजी की यूूनिवर्सिटी ऑफ साउथ पेसिफिक के वाइस चांसलर प्रोफेसर रमेश चंद्रा ने शिरकत की।
अरविंद कुमार के सामने सभी ने यही सवाल प्रमुखता से रखा कि मेडिकल टूरिज्म को बढ़ाने पर प्रदेश सरकार दिलचस्पी क्यों नहीं दिखा रही है? अगर स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर की जाएं तो पश्चिमी और खाड़ी देशों से बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए यहां आ सकते हैं।
अरविंद कुमार ने बताया कि हेल्थ सेक्टर पर भी फोकस किया जा रहा है। जल्द ही सरकारी अस्पताल पीपीपी मॉडल पर दिए जाएंगे। इनमें बिल्डिंग सरकार की होगी, मरीजों के उपचार का खर्च भी सरकार देगी। सभी मंडलों में डायलसिस सेंटर खोले जा रहे हैं, इनमें भी मरीज से कोई पैसा नहीं लिया जाएगा। यह सुविधा मुहैय्या कराने वालों को खर्च सरकार से मिलेगा। इसके अलावा मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू की जा रही हैं। संपूर्ण क्लीनिक के माध्यम से जिला मुख्यालयों पर महिलाओं की हर बीमारी की जांच होगी। मथुरा के डा. हरीश श्रीवास्तव ने देहात में स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाने के लिए कहा।
कमिश्नर बोले, इसका जवाब हम देंगे
आगरा। सत्र के दौरान कई लोग गैर जरूरी सवाल भी कर रहे थे। एक युवक ने पूछा कि पढ़ाई पूरी होते ही नौकरी दिलाने के लिए सरकार क्या उपाय कर रही है? इस पर मंडलायुक्त प्रदीप भटनागर अपनी सीट से खड़े होकर बोले, ऐसे सवाल न किए जाएं। अगर किसी के मन में जिज्ञासा है, तो बाद में उनसे पूछ लें।