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सावधान ! सेब खाने से पहले करें ये काम, नहीं तो किडनी में हो सकता है संक्रमण
चंद्रमोहन शर्मा, अमर उजाला, आगरा
Updated Thu, 20 Sep 2018 01:40 PM IST
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वैक्स कोटिंग वाले सेब
- फोटो : अमर उजाला
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अंग्रेजी में कहावत है, एन एप्पल इन अ डे, कीप द डॉक्टर अवे यानी एक सेब रोज खाओ तो डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं होती। कहावत अपनी जगह दुरुस्त है, लेकिन सेब के साथ गड़बड़ी की जा रही है। इस पर मोम की परत चढ़ाकर बेचा जा रहा है। ज्यादातर लोग इससे अनजान है। सेब के साथ मोम को भी खा रहे हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि मोम खाना सेहत के लिए नुकसानदेह है। अब सवाल यह है कि फिर सेब पर वैक्स कोटिंग क्यों होने दी जा रही है? एफएसडीए के अधिकारियों का कहना है कि सरकार ने इसकी अनुमति दे रखी है।
दरअसल, वैक्स कोटिंग के बाद सेब जल्दी खराब नहीं होता है। पहले विदेश में निर्यात के लिए सेब पर यह परत चढ़ाई जा रही थी, लेकिन अब कश्मीर और हिमाचल प्रदेश से देश के अन्य राज्यों में भी वैक्स कोटिंग वाला सेब ही भेजा जा रहा है। दूसरा, कोटिंग के लिए मोम भी घटिया क्वालिटी का इस्तेमाल किया जा रहा है। डॉक्टर कह रहे हैं कि मोम लगे फल खाने से किडनी तक में संक्रमण हो जाता है।
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डॉक्टरों का कहना है कि मोम खाना सेहत के लिए नुकसानदेह है। अब सवाल यह है कि फिर सेब पर वैक्स कोटिंग क्यों होने दी जा रही है? एफएसडीए के अधिकारियों का कहना है कि सरकार ने इसकी अनुमति दे रखी है।
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दरअसल, वैक्स कोटिंग के बाद सेब जल्दी खराब नहीं होता है। पहले विदेश में निर्यात के लिए सेब पर यह परत चढ़ाई जा रही थी, लेकिन अब कश्मीर और हिमाचल प्रदेश से देश के अन्य राज्यों में भी वैक्स कोटिंग वाला सेब ही भेजा जा रहा है। दूसरा, कोटिंग के लिए मोम भी घटिया क्वालिटी का इस्तेमाल किया जा रहा है। डॉक्टर कह रहे हैं कि मोम लगे फल खाने से किडनी तक में संक्रमण हो जाता है।
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ऐसे करें जांच
सेब को चाकू से धीरे-धीरे खुरचिए। आपको मोम की परत उतरती नजर आएगी। आप मोम को एकत्र करेंगे तो यह काफी हो जाएगा। सेब जितना ज्यादा चमकदार होगा, उस पर मोम की परत उतनी ही ज्यादा मोटी होगी।
ऐसे कर सकते हैं बचाव
सेब को गर्म पानी में डालिए। मोम पिघल जाएगा। इसके बाद सेब को फिर से धो लीजिए और कपड़े से पौंछ लीजिए। सबसे बेहतर यह रहेगा कि आप सेब का छिलका उतारकर खाएं तो मोम उसके साथ अलग हो जाएगा।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राम आशीष मौर्य का कहना है कि सेब पर वैक्स कोटिंग अनुमन्य है, लेकिन इसमें घटिया क्वालिटी के मोम के इस्तेमाल की आशंका पर नमूने लिए जा रहे हैं। इनकी जांच कराई जाएगी। गड़बड़ मिलती है तो कार्रवाई होगी।
एसएन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर आशीष गौतम ने बताया कि लंबे समय तक मोम लगे फल खाने से किडनी में संक्रमण और नसों के कमजोर होने की संभावना रहती है। बच्चों में डायरिया का खतरा बढ़ जाता है।
ऐसे कर सकते हैं बचाव
सेब को गर्म पानी में डालिए। मोम पिघल जाएगा। इसके बाद सेब को फिर से धो लीजिए और कपड़े से पौंछ लीजिए। सबसे बेहतर यह रहेगा कि आप सेब का छिलका उतारकर खाएं तो मोम उसके साथ अलग हो जाएगा।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राम आशीष मौर्य का कहना है कि सेब पर वैक्स कोटिंग अनुमन्य है, लेकिन इसमें घटिया क्वालिटी के मोम के इस्तेमाल की आशंका पर नमूने लिए जा रहे हैं। इनकी जांच कराई जाएगी। गड़बड़ मिलती है तो कार्रवाई होगी।
एसएन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर आशीष गौतम ने बताया कि लंबे समय तक मोम लगे फल खाने से किडनी में संक्रमण और नसों के कमजोर होने की संभावना रहती है। बच्चों में डायरिया का खतरा बढ़ जाता है।