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मैनपुरी में भूगर्भ जल के व्यावसायिक प्रयोग के लिए अब चुकाना होगा शुल्क
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मैनपुरी। लगातार घट रहे भूगर्भ जल के संबंध में शासन प्रशासन चिंतित है। इसी के चलते अब भूगर्भ जल के व्यावसायिक प्रयोग के लिए शुल्क चुकाना होगा। बिना शुल्क चुकाए पानी का व्यावसायिक प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। इस संबंध में जिलाधिकारी ने आदेश जारी कर दिया है।
भूगर्भ जल का स्तर तेजी से घट रहा है। इसे सुधारने के लिए शासन और प्रशासन चिंतित है। इसी के तहत अब जल के व्यावसायिक प्रयोग पर नजर रखने के साथ ही उनसे शुल्क भी वसूल किया जाएगा। नियमानुसार किसी भी व्यावसायिक कार्य के लिए प्रयोग होने वाले सबमर्सिबल का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए प्रति तीन वर्ष के लिए पांच हजार रुपये का शुल्क अदा करना होगा।
उद्योगों को पांच साल के लिए पांच हजार रुपये का अतिरिक्त शुल्क चुकाकर एक अनापत्ति प्रमाण पत्र भी लेना होगा। इस संबंध में जिलाधिकारी ने आदेश जारी कर दिया है। एक माह में पंजीकरण न लेने वाले लोगों को चिह्नित करने के बाद कार्रवाई की जाएगी। हालांकि निजी सबमर्सिबल और कृषि में प्रयोग होने वाली सबमर्सिबल का भी पंजीकरण अनिवार्य किया गया है, लेकिन इसके पंजीकरण के लिए कोई शुल्क नहीं चुकाना पड़ेगा। पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। अधिक जानकारी के लिए लघु सिंचाई विभाग में संपर्क किया जा सकता है।
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बोरिंग मशीनों का भी कराना होगा पंजीकरण
केवल सबमर्सिबल का ही नहीं बल्कि बोरिंग मशीनों का भी पंजीकरण भी भूगर्भ जल परिषद ने अनिवार्य कर दिया है। बिना पंजीकरण के बोरिंग मशीन का संचालन करने पर उन्हें सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी की ओर से सभी व्यावसायिक सबमर्सिबल और बोरिंग मशीनों को पंजीकृत होने का आदेश जारी किया है। इसके लिए पांच हजार रुपये का शुल्क चुकाना पड़ेगा। जल्द से जल्द सभी पंजीकरण करा लें। ।
पीके अग्रवाल, सहायक अभियंता लघु सिंचाई।
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भूगर्भ जल का स्तर तेजी से घट रहा है। इसे सुधारने के लिए शासन और प्रशासन चिंतित है। इसी के तहत अब जल के व्यावसायिक प्रयोग पर नजर रखने के साथ ही उनसे शुल्क भी वसूल किया जाएगा। नियमानुसार किसी भी व्यावसायिक कार्य के लिए प्रयोग होने वाले सबमर्सिबल का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए प्रति तीन वर्ष के लिए पांच हजार रुपये का शुल्क अदा करना होगा।
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उद्योगों को पांच साल के लिए पांच हजार रुपये का अतिरिक्त शुल्क चुकाकर एक अनापत्ति प्रमाण पत्र भी लेना होगा। इस संबंध में जिलाधिकारी ने आदेश जारी कर दिया है। एक माह में पंजीकरण न लेने वाले लोगों को चिह्नित करने के बाद कार्रवाई की जाएगी। हालांकि निजी सबमर्सिबल और कृषि में प्रयोग होने वाली सबमर्सिबल का भी पंजीकरण अनिवार्य किया गया है, लेकिन इसके पंजीकरण के लिए कोई शुल्क नहीं चुकाना पड़ेगा। पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। अधिक जानकारी के लिए लघु सिंचाई विभाग में संपर्क किया जा सकता है।
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बोरिंग मशीनों का भी कराना होगा पंजीकरण
केवल सबमर्सिबल का ही नहीं बल्कि बोरिंग मशीनों का भी पंजीकरण भी भूगर्भ जल परिषद ने अनिवार्य कर दिया है। बिना पंजीकरण के बोरिंग मशीन का संचालन करने पर उन्हें सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी की ओर से सभी व्यावसायिक सबमर्सिबल और बोरिंग मशीनों को पंजीकृत होने का आदेश जारी किया है। इसके लिए पांच हजार रुपये का शुल्क चुकाना पड़ेगा। जल्द से जल्द सभी पंजीकरण करा लें। ।
पीके अग्रवाल, सहायक अभियंता लघु सिंचाई।