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पानी और पौधों से बचेगी दुनिया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 16 Nov 2016 11:13 PM IST
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इजरायल के राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन ने ताज के शहर से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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ताजमहल का दीदार का करने आए इजरायल के राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन ने सिकंदरा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। ट्रीटमेंट प्लांट के परिसर में कदंब का पौधा रोपकर दुनिया को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। यह पहली बार हुआ कि किसी राष्ट्राध्यक्ष ने शहर के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया हो।
राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन बुधवार को पत्नी के साथ विशेष विमान से करीब 11.30 बजे आगरा पहुंचे। ताजमहल देखने के बाद वह इजरायली प्रतिनिधिमंडल के साथ सिकंदरा में कैलाश रोड स्थिति 144 एमएलडी के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को देखने पहुंचे। इजरायल की मूविंग बेड बायोफिल्म रियेक्टर (एमबीबीआर) तकनीकी पर आधारित इस प्लांट का निर्माण जापान सरकार की मदद से किया है।
करीब 45 मिनट के भ्रमण कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने पैदल ही प्लांट का निरीक्षण किया। परिसर में कदंब का पौधा रोपने के बाद उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि दुनिया को बचाने के लिए स्वच्छ हवा, पानी और पेड़ सबसे अहम हैं। हमारे देश में भी पानी की गंभीर समस्या थी। केवल उत्तरी भाग में पानी था लेकिन तकनीकी विकास के दम पर हमने न केवल अपने देश में जल संकट पर काबू पाया बल्कि अन्य देशों को भी सहयोग दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से भारत और इजरायल की सरकार के बीच सहयोग है मैं चाहता हूं दोनों देशों के नागरिकों की बीच भी ऐसे संबंध स्थापित हों। अंत में उन्होंने कहा कि ‘गॉड ब्लेस ट्री, गॉड ब्लेस इंडिया।’
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जब प्लांट से ट्रीटेड पानी पिया
सिकंदरा वाटर वर्क्स में इजरायली प्रतिनिधिमंडल के सदस्य और स्थानीय अधिकारी उस समय हैरत में पड़ गए जब राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन ने डेमो के लिए रखे गए प्लांट से ट्रीटेड पानी को पीकर देखा। वहां चार ग्लास रखे थे जिनमें एक यमुना का प्रदूषित रा वाटर और तीन ग्लासों में शोधन की प्रक्रिया से गुजरने के बाद शुद्ध हुआ पानी रखा था। जबकि वहां बोतल बंद पानी का भी इंतजाम था।
ताज के साए से क्लिंटन भी दे चुके हैं संदेश
भारत यात्रा के दौरान मार्च 2000 में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन भी दुनिया को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे चुके हैं। उन्होंने ताजमहल के साए में स्थिति होटल ताजखेमा से दुनिया को संबोधित किया। इस यात्रा में भारत और अमेरिका के बीच पर्यावरण संरक्षण एमओयू साइन हुआ था। इस विजिट में उनकी पुत्री चेल्सिया भी साथ थीं।
हिब्रू में बताएंगे या अंग्रेजी में
इस्राइल के राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन का सिकंदरा वाटर वर्क्स पहुंचने पर जल निगम और प्लांट का संचालन कर रही कंपनी त्रिवेणी इंजीनियरिंग के अधिकारियों ने गुलदस्ते भेंटकर स्वागत किया। जब प्लांट के माडल के पास राष्ट्रपति पहुंचे तो उन्होंने पूछा कि ट्रीटमेंट प्लांट के संबंध में मुझे हिब्रू (इजरायल की आधिकारिक भाषा) में बताएंगे या अंग्रेजी में। तब इस्राइल के ही अधिकारी ने उन्हें अंग्रेजी में प्लांट के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्लांट से शहर की करीब 20 लाख की आबादी को पेयजल की सप्लाई की जाती है। इस पर राष्ट्रपति ने हैरत जताई। उन्होंने पूछा कि पेयजल के बदले जनता से टैक्स की वसूली कैसे होती है। उन्होंने बताया कि सरकार वाटर टैक्स पर जनता को सब्सिडी देती है।
हाथ जोड़कर किया अभिवादन
इस्राइल के राष्ट्रपति जब सिकंदरा वाटर वर्क्स से जाने लगे तो उन्होंने वहां खड़े लोगों को ब्लेसिंग्स दीं और जाते समय भारतीय परंपरा के तहत लोगों का हाथ जोड़कर अभिवादन किया। राष्ट्रपति जब कदंब का पौधा रोप रहे थे तब लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया और उनके संदेश के बाद लोगों ने वहां खड़े लोगों ने गर्मजोशी के साथ तालियां बजाईं।
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राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन बुधवार को पत्नी के साथ विशेष विमान से करीब 11.30 बजे आगरा पहुंचे। ताजमहल देखने के बाद वह इजरायली प्रतिनिधिमंडल के साथ सिकंदरा में कैलाश रोड स्थिति 144 एमएलडी के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को देखने पहुंचे। इजरायल की मूविंग बेड बायोफिल्म रियेक्टर (एमबीबीआर) तकनीकी पर आधारित इस प्लांट का निर्माण जापान सरकार की मदद से किया है।
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करीब 45 मिनट के भ्रमण कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने पैदल ही प्लांट का निरीक्षण किया। परिसर में कदंब का पौधा रोपने के बाद उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि दुनिया को बचाने के लिए स्वच्छ हवा, पानी और पेड़ सबसे अहम हैं। हमारे देश में भी पानी की गंभीर समस्या थी। केवल उत्तरी भाग में पानी था लेकिन तकनीकी विकास के दम पर हमने न केवल अपने देश में जल संकट पर काबू पाया बल्कि अन्य देशों को भी सहयोग दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से भारत और इजरायल की सरकार के बीच सहयोग है मैं चाहता हूं दोनों देशों के नागरिकों की बीच भी ऐसे संबंध स्थापित हों। अंत में उन्होंने कहा कि ‘गॉड ब्लेस ट्री, गॉड ब्लेस इंडिया।’
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जब प्लांट से ट्रीटेड पानी पिया
सिकंदरा वाटर वर्क्स में इजरायली प्रतिनिधिमंडल के सदस्य और स्थानीय अधिकारी उस समय हैरत में पड़ गए जब राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन ने डेमो के लिए रखे गए प्लांट से ट्रीटेड पानी को पीकर देखा। वहां चार ग्लास रखे थे जिनमें एक यमुना का प्रदूषित रा वाटर और तीन ग्लासों में शोधन की प्रक्रिया से गुजरने के बाद शुद्ध हुआ पानी रखा था। जबकि वहां बोतल बंद पानी का भी इंतजाम था।
ताज के साए से क्लिंटन भी दे चुके हैं संदेश
भारत यात्रा के दौरान मार्च 2000 में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन भी दुनिया को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे चुके हैं। उन्होंने ताजमहल के साए में स्थिति होटल ताजखेमा से दुनिया को संबोधित किया। इस यात्रा में भारत और अमेरिका के बीच पर्यावरण संरक्षण एमओयू साइन हुआ था। इस विजिट में उनकी पुत्री चेल्सिया भी साथ थीं।
हिब्रू में बताएंगे या अंग्रेजी में
इस्राइल के राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन का सिकंदरा वाटर वर्क्स पहुंचने पर जल निगम और प्लांट का संचालन कर रही कंपनी त्रिवेणी इंजीनियरिंग के अधिकारियों ने गुलदस्ते भेंटकर स्वागत किया। जब प्लांट के माडल के पास राष्ट्रपति पहुंचे तो उन्होंने पूछा कि ट्रीटमेंट प्लांट के संबंध में मुझे हिब्रू (इजरायल की आधिकारिक भाषा) में बताएंगे या अंग्रेजी में। तब इस्राइल के ही अधिकारी ने उन्हें अंग्रेजी में प्लांट के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्लांट से शहर की करीब 20 लाख की आबादी को पेयजल की सप्लाई की जाती है। इस पर राष्ट्रपति ने हैरत जताई। उन्होंने पूछा कि पेयजल के बदले जनता से टैक्स की वसूली कैसे होती है। उन्होंने बताया कि सरकार वाटर टैक्स पर जनता को सब्सिडी देती है।
हाथ जोड़कर किया अभिवादन
इस्राइल के राष्ट्रपति जब सिकंदरा वाटर वर्क्स से जाने लगे तो उन्होंने वहां खड़े लोगों को ब्लेसिंग्स दीं और जाते समय भारतीय परंपरा के तहत लोगों का हाथ जोड़कर अभिवादन किया। राष्ट्रपति जब कदंब का पौधा रोप रहे थे तब लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया और उनके संदेश के बाद लोगों ने वहां खड़े लोगों ने गर्मजोशी के साथ तालियां बजाईं।