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मैनपुरी में दो साल में ही चटक गईं बस स्टैंड की दीवारें

Fri, 29 Jan 2021 11:27 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 29 Jan 2021 11:27 PM IST
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Wall damage in bus stand
रोडवेज बस स्टैंड की दीवार में आई दरार - फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। शहर में 11.18 करोड़ की लागत से बने आदर्श रोडवेज बस स्टैंड की दीवारें दो साल में ही चटक गई हैं। जगह-जगह दीवारों में दरारें हैं। बस स्टैंड से हर रोज हजारों यात्रियों का आवागमन होता है।
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मार्च 2015 में सांसद मुलायम सिंह यादव ने शहर में आदर्श बस स्टैंड का शिलान्यास किया था। निर्माण की जिम्मेदारी उप्र राज्य निर्माण निगम को सौंपी थी। जुलाई 2018 में बस स्टैंड से बसों का संचालन शुरू हो गया। मैनपुरी बस स्टैंड से दिल्ली, आगरा, कानपुर, इटावा आदि रूटों पर बसों का संचालन होता है। हर रोज बड़ी संख्या में यात्री बस स्टैंड पर पहुंचकर अपनी यात्रा शुरू करते हैं। वर्तमान में बस स्टैंड की दीवारें कई जगह चटक गई हैं। बावजूद इसके उस हिस्से की मरम्मत नहीं कराई गई है।
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श्मशान घाट हादसे के बाद भी नहीं दिया ध्यान
हाल ही में गाजियाबाद के श्मशान घाट में हुए हादसे के बाद से 50 लाख रुपये से अधिक की परियोजनाओं की जिला प्रशासन की ओर से जांच कराई जा रही है। हालांकि अभी तक रोडवेज बस स्टैंड पर अफसरों ने ध्यान नहीं दिया है। अफसरों की अनदेखी घातक हो सकती है।
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फर्श पर भी उठे थे सवाल
शासन के निर्देश पर बस स्टैंड परिसर में बने फर्श की तकनीकी टीम ने आठ महीने पहले जांच की गई थी। जांच में फर्श मानकविहीन मिलने पर शासन ने कार्यदायी संस्था को दोबारा फर्श बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद करीब दो महीने पहले फर्श का दोबारा निर्माण कराया गया था।

हाईलाइर्ट्स
-11.18 करोड़ की लागत से बना है आदर्श रोडवेज बस स्टैंड
-मार्च 2015 में सांसद मुलायम सिंह यादव ने किया था शिलान्यास
-जुलाई 2018 में निर्माण कार्य पूरा होने के बाद बसों का संचालन हुआ शुरू
बोले यात्री
बस स्टैंड की दीवारें चटक रहीं है, अफसरों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। अनदेखी घातक साबित हो सकती है।
सुधीर कुमार, चालक
बस स्टैंड की गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए। जिला प्रशासन को इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए मरम्मत करानी चाहिए।
अनिल कुमार, यात्री
11 करोड़ से बस स्टैंड बना है, तो धनराशि कम नहीं है। कमी किस स्तर पर हुई है इसकी जांच जनहित में होनी चाहिए।
शिवम कुमार, यात्री
यह सरकारी व्यवस्था है, नहीं तो क्या दो साल में निजी आवास या बिल्डिंग चटकती है। निर्माण कार्य की जांच होनी चाहिए।
सौरभ कुमार, यात्री
वर्जन
किसी भी सरकारी भवन का निर्माण करने वाली संस्था से एक नियत धनराशि निश्चित समय के लिए बंधक की जाती है। अगर भवन निर्माण में कोई कमी पाई जाती है तो कार्यदायी संस्था या फिर उस धनराशि से मरम्मत कार्य कराया जा सकता है। बस स्टैंड के भवन के संबंध में जानकारी करके उचित कार्रवाई की जाएगी। -ऋषिराज, एसडीएम।
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