फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   waiting in line to cash

कैश के लिए कतार में ठिठुरते हुए इंतजार

Thu, 08 Dec 2016 12:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/आगरा
अमर उजाला ब्यूरो/आगरा Updated Thu, 08 Dec 2016 12:21 AM IST
विज्ञापन
waiting in line to cash
मौसम और नोटबंदी की दोहरी मार, - फोटो : अमर उजाला
एक दिन की बैंकबंदी के बाद बुधवार सुबह जब बैंक खुले तो ग्राहकों पर मौसम और कैश की किल्लत से दोहरी मार पड़ गई। जीरो दृश्यता के बीच घने कोहरे में सुबह सात बजे से ही लोग बैंक शाखाओं के बाहर कतार में लग गए। गलन भरी सर्दी में ठिठुरते हुए लोगों ने कैश के लिए घंटों कतार में लगकर इंतजार किया लेकिन उनका नंबर फिर भी न आया। कैश जल्दी खत्म हो जाने से जिले की 250 से ज्यादा शाखाओं में लोग बैंक मैनेजरों से आक्रोश जताते हुए लौटे।
विज्ञापन

सीजन के सबसे सर्द दिन बुधवार को बैंकों के बाहर कांपते हुए बुजुर्ग, महिलाएं और किशोर पूरे दिन नजर आए। सुबह सात बजे से ही घने कोहरे में लोग बैंकों के बाहर कतार में जाकर लग गए। कैश उन्हें फिर भी न मिल पाया। पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, स्टेट बैंक, आरियंटल बैंक आफ कामर्स, यूनियन बैंक, बैंक आफ बड़ौदा, सिंडीकेट बैंक की शाखाओं में कैश न पहुंचने से ग्राहक चार से पांच घंटे तक कतार में लगे रहे। के नरा बैंक, खंदारी समेत एक दर्जन शाखाओं के ताले 11:30 बजे तक खुले ही नहीं। इस पर लोगों ने हंगामा काटा। संजय प्लेस की ओरियंटल बैंक आफ कामर्स में नौ दिनों से कैश न होने से लोग परेशान हैं। सबसे ज्यादा दिक्कतें देहात के खाताधारकों को हो रही हैं। रबी की फसल के लिए भी उनके पास पैसे नहीं है। बैंकों में कैश न पहुंचने से देहात में कानून व्यवस्था का संकट खड़ा हो गया है। बुधवार को जगनेर में पुलिस पर पथराव से पहले कई ब्रांच में हंगामा, नारेबाजी और पथराव बीते सप्ताह ही हो चुकी है।
विज्ञापन

एटीएम में कैश मिले तभी कम होगी ब्रांच में भीड़
लीड बैंक मैनेजर पंकज सक्सेना और बैंकों के जोनल मैनेजर दावा कर रहे हैं कि 90 फीसदी से ज्यादा एटीएम नए नोटों के साइज के मुताबिक, कैलिब्रेट किए जा चुके हैं लेकिन ऐसा है नहीं। अधिकांश एटीएम का एक महीने से ताला ही नहीं खुला। औसतन दो से तीन दिन ही एक महीने में एटीएम खुल पाए हैं। कैश की कमी के कारण बैंक एटीएम में नोट लोड नहीं करवा रहे। इसी के चलते ज्यादा दिक्कतें बढ़ रही हैं। नगदी की निकासी का पूरा दबाव बैंक शाखाओं पर है। बैंकों में भी कैश न होने से लोगों को उनकी जरूरत से कहीं कम, महज दो हजार रुपये तक ही दिए जा रहे हैं जबकि एटीएम से भी दो हजार रुपये तक की निकासी संभव है। बैंकरों का मानना है कि एटीएम में कैश लोड होने पर ही शाखाओं की भीड़ कम हो पाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed