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वृंदावन: लोटस गार्डन बिल्डर को रेरा ने दिया कारण बताओ नोटिस
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वृंदावन (मथुरा)। सुनरख रोड स्थित लोटस गार्डन होम्स आवासीय परियोजना को उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) द्वारा परियोजना का पंजीयन न कराने के लिए नोटिस जारी किया गया है। केतकी चौहान और मोहन स्वरूप चौहान की शिकायतों पर इसी 11 जनवरी को रेरा के अधिकारियों द्वारा परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस दौरान उनके साथ अभद्रता की गई, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
बॉक्सहिल कंस्ट्रक्शन प्रालि के निदेशक धर्मेंद्र गोस्वामी को जारी कारण बताओ नोटिस के अनुसार निरीक्षण में पाया गया कि परियोजना में 49 विला का निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें डवलपमेंट वर्क जैसे फायर फायटिंग, स्ट्रीट लाइट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, फुटपाथ वर्क, बाउंड्रीवाल, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, सीवर लाइन, वाटर सप्लाई और रोडवर्क का कार्य पूर्ण नहीं किया गया है। वहीं, अधिकांश विला में भी काम अधूरे पड़े हैं। नोटिस के मुताबिक 26 करोड़ की लागत वाली परियोजना में 40 से 45 प्रतिशत कार्य अधूरे हैं। नियमानुसार रेरा में पंजीयन न होने की दशा में 10 प्रतिशत जुर्माने का प्रावधान है। कारण बताओ नोटिस में बिल्डर को इसी 22 जनवरी तक साक्ष्यों सहित अपना पक्ष रखने की मोहलत दी गई है। नोटिस की प्रतिलिपि उपाध्यक्ष मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण को भी भेजी गई है।
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बॉक्सहिल कंस्ट्रक्शन प्रालि के निदेशक धर्मेंद्र गोस्वामी को जारी कारण बताओ नोटिस के अनुसार निरीक्षण में पाया गया कि परियोजना में 49 विला का निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें डवलपमेंट वर्क जैसे फायर फायटिंग, स्ट्रीट लाइट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, फुटपाथ वर्क, बाउंड्रीवाल, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, सीवर लाइन, वाटर सप्लाई और रोडवर्क का कार्य पूर्ण नहीं किया गया है। वहीं, अधिकांश विला में भी काम अधूरे पड़े हैं। नोटिस के मुताबिक 26 करोड़ की लागत वाली परियोजना में 40 से 45 प्रतिशत कार्य अधूरे हैं। नियमानुसार रेरा में पंजीयन न होने की दशा में 10 प्रतिशत जुर्माने का प्रावधान है। कारण बताओ नोटिस में बिल्डर को इसी 22 जनवरी तक साक्ष्यों सहित अपना पक्ष रखने की मोहलत दी गई है। नोटिस की प्रतिलिपि उपाध्यक्ष मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण को भी भेजी गई है।
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