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शहीद वीरेंद्र की शहादत पर सभी को है गर्व
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07एमएनपी-05-पुष्पचक्र अर्पित करके शहीद को श्रद्धांजलि देते एसपी अजय कुमार पांडेय।
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। उग्रवादी हमले में शहीद हुए असम राइफल्स के जवान वीरेंद्र सिंह यादव की शहादत पर परिवार और गांव के प्रत्येक व्यक्ति को गर्व है। बुधवार को वीर सपूत की अंतिम यात्रा लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। नम आंखों से शहीद को सभी ने अंतिम विदाई दी।
नायब सूबेदार वीरेंद्र सिंह यादव वर्ष 1985 में असम राइफल्स में राइफल मैन के पद पर भर्ती हुए थे। मंगलवार रात करीब साढ़े 11 बजे पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही श्रद्धांजलि देने के लिए ग्रामीण एकत्रित हो गए। सुबह होते ही आसपास के ग्रामीण व जनप्रतिनिधि गांव पहुंचे। सभी ने नम आंखों के बीच शहीद को श्रद्धांजलि दी। पत्नी मुकेश देवी ने शहीद को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका पहला कर्तव्य देश की सेवा था। उन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। पति की शहादत पर मुझे गर्व है।
भारत माता की रक्षा के लिए मेरे पिता शहीद हो गए। उग्रवादियों के खिलाफ भी सेना को सर्जिकल स्ट्राइक करनी चाहिए।
-दीपक यादव, शहीद का पुत्र
उग्रवादियों को सरकार करार जवाब दे, जिससे वह दोबारा इस तरह की हरकत न कर सकें। मुझे अपने पिता की शहादत पर गर्व है।
-तपन चंद्र उर्फ रिंकू यादव, शहीद का पुत्र
मेरे भाई ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। ऐसे वीर सपूत की शहादत पर गांव को गर्व है।
-बलवीर सिंह, चचेरे भाई
चाचा वीरेंद्र सिंह सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। वह जब भी छुट्टी आते थे, घर-परिवार और आसपड़ोस के हर व्यक्ति का हालचाल लेते।
अवधेश सिंह, ग्रामीण
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नायब सूबेदार वीरेंद्र सिंह यादव वर्ष 1985 में असम राइफल्स में राइफल मैन के पद पर भर्ती हुए थे। मंगलवार रात करीब साढ़े 11 बजे पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही श्रद्धांजलि देने के लिए ग्रामीण एकत्रित हो गए। सुबह होते ही आसपास के ग्रामीण व जनप्रतिनिधि गांव पहुंचे। सभी ने नम आंखों के बीच शहीद को श्रद्धांजलि दी। पत्नी मुकेश देवी ने शहीद को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका पहला कर्तव्य देश की सेवा था। उन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। पति की शहादत पर मुझे गर्व है।
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भारत माता की रक्षा के लिए मेरे पिता शहीद हो गए। उग्रवादियों के खिलाफ भी सेना को सर्जिकल स्ट्राइक करनी चाहिए।
-दीपक यादव, शहीद का पुत्र
उग्रवादियों को सरकार करार जवाब दे, जिससे वह दोबारा इस तरह की हरकत न कर सकें। मुझे अपने पिता की शहादत पर गर्व है।
-तपन चंद्र उर्फ रिंकू यादव, शहीद का पुत्र
मेरे भाई ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। ऐसे वीर सपूत की शहादत पर गांव को गर्व है।
-बलवीर सिंह, चचेरे भाई
चाचा वीरेंद्र सिंह सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। वह जब भी छुट्टी आते थे, घर-परिवार और आसपड़ोस के हर व्यक्ति का हालचाल लेते।
अवधेश सिंह, ग्रामीण