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वीरांगना सम्मान समारोह: फौजी की पत्नी बनना फौजी से भी मुश्किल, एयर कमोडोर ने बताया कितना कठिन है ये सफर

Wed, 14 Aug 2024 11:58 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Wed, 14 Aug 2024 11:58 AM IST
सार

वीरांगना सम्मान समारोह में एयर कमोडोर सतीश कुमार गुप्ता ने किया जो वीर नारियों ने देश को दिया वह अनमोल है। फौजी की पत्नी बनना फौजी से भी मुश्किल है। 

 

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Virangana Samman Samaroh Maa Tujhe Pranam Air Commodore Became Emotional in agra
एयर कमोडोर सतीश कुमार गुप्ता - फोटो : संवाद

विस्तार

आगरा में  वीरांगना सम्मान समारोह में वायु सेना मेडल प्राप्त एयर कमोडोर सतीश कुमार गुप्ता वीर नारियों के संघर्ष की दास्तां सुनकर भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि वीर नारियों ने देश को जो दिया है, वह अनमोल है और उसे कोई नहीं दे सकता। जब वह वीर नारियों, वीर माताओं को देखते हैं तो खुद को छोटा महसूस करते हैं।
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7 हजार घंटों की उड़ान का अनुभव रखने वाले एओसी सतीश कुमार गुप्ता ने समारोह में कहा कि जब वह एयरफोर्स की यूनिफॉर्म पहनते हैं तो सोचते हैं कि अपने देश के लिए कुछ कर पाएं। हममें से कुछ कोशिश करते हुए चले जाते हैं। जो साथ नहीं रहते, उनका दुख भी हर सैनिक को परिजन की तरह ही होता है।
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वीर नारियों से मुखातिब एयर कमोडोर ने कहा कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आप हैं। आपको नमन है। हम जैसे सिपाहियों को आशीर्वाद दें कि देश की सीमाओं को सुरक्षित रख सकें। अपने जवानों के बलिदान का जो दुख सेना महसूस कर सकती है, वह कोई नहीं कर सकता।

 

फौजी की पत्नी बनना फौजी से भी मुश्किल
एयर कमोडोर की पत्नी श्वेता गुप्ता ने सम्मान समारोह में भावुक हुईं वीर नारियों को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि फौजी की पत्नी बनना फौजी बनने से भी मुश्किल है। फौजी की पत्नी को पति के बलिदान के बाद उसी साहस के साथ दुनिया का सामना कर परिवार को संबल देना होता है। उन्होंने एनसीसी कैडेटों और समारोह में मौजूद युवाओं से कहा कि देश की सेवा के लिए डिफेंस सर्विसेज से बेहतर कुछ भी नहीं है। वह सेना के तीनों अंगों में से किसी में भी शामिल हों। फौजियों के पास पैसा तो नहीं, लेकिन इज्जत बहुत होती है।
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