एटा: महिला की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने किया थाने का घेराव, छह घंटे तक बंद रहा आगरा- बरेली हाईवे
महिला की हत्या के बाद पुलिस पर आरोप है कि आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। जाम के दौरान थाना पुलिस से ग्रामीणों की नोकझोंक भी हुई। इस दौरान भीड़ ने नारेबाजी भी कर दी।
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विस्तार
शव लेकर थाने पहुंचे परिजन
जिन्हैरा रोड पर नई बस्ती में गांव नगरिया निवासी दुष्यंत की पत्नी वीनू को 26 अक्तूबर की रात लगभग 10 बजे पीठ में गोली मारी गई थी। जिसे गंभीर हाल में आगरा रेफर कर दिया गया। महिला के सुसर राकेश ने गांव निवासी जिपं सदस्य जितेंद्र पाल उर्फ बंटी राजपूत, दीपू, खोजपुर निवासी भागीरथ एवं नगला खार वीरेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। दुष्यंत पत्नी का इलाज आगरा, दिल्ली, जयपुर में कराता रहा। रविवार की रात आगरा में वीनू की मौत हो गई। परिजन शव को लाकर सोमवार सुबह थाने जा पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शन करने लगे। थाना पुलिस का रवैया सही न देख उन्होंने आगरा-बरेली राजमार्ग पर सुबह 10.30 बजे जाम लगा दिया। वो आरोपियों को बचाने और मृतका के पति को फंसाने का आरोप पुलिस पर लगाने लगे।
सूचना मिलने पर पहुंचे अधिकारी
एटा सहित कासगंज के क्षत्रिय समाज, किसान यूनियन के पदाधिकारी भी पहुंच गए। शव रखकर मार्ग जाम करने की सूचना पर वहां एसएसपी उदय शंकर सिंह, एएसपी क्राइम स्नेहलता, एएसपी धनंजय कुशवाह, एसडीएम सदर शिवकुमार, सीओ सदर राघवेन्द्र सिंह राठौर, सीओ सिटी कालूराम, सीओ जलेसर इरफान नासिर खान, सीओ दीपेन्द्र चतुर्वेदी मौके पर पहुंच गए। एहतियात के तौर पर मिरहची के अलावा मारहरा, निधौली कलां, पिलुआ, अवागढ, जलेसर, सकीट, कोतवाली नगर, कोतवाली देहात, जलेसर, अवागढ़ का पुलिसबल बुला लिया गया। इस दौरान अधिकारियों का पदाधिकारियों से वार्तालाप चला लेकिन सहमति नहीं बन पाई। छह शाम करीब 4.30 बजे सहमति बनने पर जाम खुल सका।
घेराव के समय मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि गांव के चार युवक महिला की मौत की सूचना देने के लिए थाने गए थे। चारों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बाद में विरोध पर उनको छोड़ दिया गया।
परिजनों की मांगें
- आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
- थाना प्रभारी को लाइन हाजिर किया जाए।
- मुकदमे को 302 में परिवर्तित किया जाए।
- दुष्यंत के विरुद्ध पुलिस द्वारा की जा रही जांच बंद की जाए।
दो घंटे तक बंद रहा बाजार
मांगे न माने जाने पर परिजन महिला के शव को लेकर बाजारा के मुख्य चौराहा पर आ गए। चौराहे पर आते ही बाजार बंद हो गया। इस दौरान लगभग दो घंटे तक बाजार बंद रहा।
टाइमलाइन
7 बजे शव को लेकर परिजन थाने पहुंचे।
7.30 बजे थाना प्रभारी से वार्ता।
7.45 बजे ग्रामीणों की भीड एकत्रित होकर थाने पहुंची।
8.15 बजे पुलिस और परिजनों के बीच नोकझोंक।
10.30 बजे रोड जाम किया।
11.30 पर अधिकारियों से वार्ता
12 बजे वार्ता विफल होने पर ग्रामीणों ने की नारेबाजी।
12.20 पर फिर एडीएम प्रशासन से वार्ता, बेनतीजा रही।
2.40 पर शव को उठाकर मिरहची चौराहे की ओर लाए।
2.55 पर मिरहची के मेन चौराहे पर शव रखकर जाम लगाया।
3.54 पर एसएसपी उदय शंकर सिंह पहुंचे।
4.30 बजे पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जाम खुला।
पूरे मामले में गंभीरता से विवेचना की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कार्रवाई को लेकर लगाए गए आरोप गलत हैं। जो दोषी होगा, उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी। - उदय शंकर सिंह, एसएसपी
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