{"_id":"5852f2ef4f1c1b0c71649d36","slug":"vidhan-sabha-chunav","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधानसभा चुनाव : खर्च की सीमा 16 से 28 लाख ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधानसभा चुनाव : खर्च की सीमा 16 से 28 लाख
विधानसभा चुनाव : खर्च की सीमा 16 से 28 लाख
Updated Fri, 16 Dec 2016 01:15 AM IST
विज्ञापन
Maharashtra municipal corporation elections
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगामी विधानसभा चुनाव के उम्मीदवारों के लिए राहत भरी खबर है। अब वे अपने चुनाव पर 28 लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे। इसके लिए चुनाव आयोग ने दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। इतनी रकम खर्च करने पर आयोग को कोई आपत्ति नहीं होगी। अभी तक यह सीमा 16 लाख रुपये थी।
साल दर साल चुनाव महंगा होता जा रहा है। ऐसे में चुनाव आयोग ने भी विधानसभा चुनाव उम्मीदवारों के बजट में इजाफा कर दिया है। महंगाई को देखते हुए चुनाव प्रचार और प्रबंधन के लिए निर्धारित चुनाव खर्च में 12 लाख रुपये की बढ़ोत्तरी कर दी है। स्थानीय जिला निर्वाचन विभाग को इस संबंध में दिशा-निर्देश प्राप्त हो गए हैं। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी भारत सिंह के अनुसार, चुनाव आयोग के नए निर्देशों के हिसाब से ही उम्मीदवारों के खर्च पर नजर रखी जाएगी। आयोग ने वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए ही चुनाव खर्च सीमा 28 लाख रुपये की है। बता दें कि इससे पहले वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव खर्च की सीमा 40 लाख से बढ़ाकर 70 लाख रुपये कर दी गई थी। इससे उम्मीदवारों ने काफी राहत महसूस की थी। हालांकि यह अलग बात है कि लोकसभा चुनाव पर उम्मीदवारों ने खर्च इससे भी ज्यादा किया था।
कभी घोषित हो सकती है चुनाव की तिथि
पिछले दिनों यूपी बोर्ड परीक्षाओं के कार्यक्रम पर चुनाव आयोग द्वारा लगाई गई रोक से कयास लगाए जा रहे हैं कि फरवरी में विधानसभा के चुनाव हो सकते हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि महीने के अंत तक चुनाव की तारीखें भी घोषित की जा सकती हैं। बता दें कि जिले में नौ विधानसभाएं हैं।
विज्ञापन
कांग्रेस-भाजपा के उम्मीदवार तय नहीं
आगामी चुनाव को देखते हुए सपा और बसपा ने तो अपने-अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं लेकिन अभी तक भाजपा और कांग्रेस ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। राजनीतिक चर्चाओं की मानें तो जनवरी के पहले सप्ताह के बाद भाजपा अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर सकती है।
132 उम्मीदवार थे पिछले विस चुनाव में
जिले की नौ विधानसभा सीटों पर वर्ष 2012 के विस चुनाव में 132 उम्मीदवारों ने भाग्य आजमाया था। इसमें कुछ विभिन्न पार्टियों के प्रत्याशी थे तो तमाम निर्दलीय उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे।
विज्ञापन
साल दर साल चुनाव महंगा होता जा रहा है। ऐसे में चुनाव आयोग ने भी विधानसभा चुनाव उम्मीदवारों के बजट में इजाफा कर दिया है। महंगाई को देखते हुए चुनाव प्रचार और प्रबंधन के लिए निर्धारित चुनाव खर्च में 12 लाख रुपये की बढ़ोत्तरी कर दी है। स्थानीय जिला निर्वाचन विभाग को इस संबंध में दिशा-निर्देश प्राप्त हो गए हैं। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी भारत सिंह के अनुसार, चुनाव आयोग के नए निर्देशों के हिसाब से ही उम्मीदवारों के खर्च पर नजर रखी जाएगी। आयोग ने वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए ही चुनाव खर्च सीमा 28 लाख रुपये की है। बता दें कि इससे पहले वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव खर्च की सीमा 40 लाख से बढ़ाकर 70 लाख रुपये कर दी गई थी। इससे उम्मीदवारों ने काफी राहत महसूस की थी। हालांकि यह अलग बात है कि लोकसभा चुनाव पर उम्मीदवारों ने खर्च इससे भी ज्यादा किया था।
विज्ञापन
कभी घोषित हो सकती है चुनाव की तिथि
पिछले दिनों यूपी बोर्ड परीक्षाओं के कार्यक्रम पर चुनाव आयोग द्वारा लगाई गई रोक से कयास लगाए जा रहे हैं कि फरवरी में विधानसभा के चुनाव हो सकते हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि महीने के अंत तक चुनाव की तारीखें भी घोषित की जा सकती हैं। बता दें कि जिले में नौ विधानसभाएं हैं।
विज्ञापन
कांग्रेस-भाजपा के उम्मीदवार तय नहीं
आगामी चुनाव को देखते हुए सपा और बसपा ने तो अपने-अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं लेकिन अभी तक भाजपा और कांग्रेस ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। राजनीतिक चर्चाओं की मानें तो जनवरी के पहले सप्ताह के बाद भाजपा अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर सकती है।
132 उम्मीदवार थे पिछले विस चुनाव में
जिले की नौ विधानसभा सीटों पर वर्ष 2012 के विस चुनाव में 132 उम्मीदवारों ने भाग्य आजमाया था। इसमें कुछ विभिन्न पार्टियों के प्रत्याशी थे तो तमाम निर्दलीय उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे।