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Agra News: आयुक्त से मिला पीड़ित, 20 लाख रुपये की रिश्वतखोरी की जांच शुरू
Fri, 20 Mar 2026 03:03 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Fri, 20 Mar 2026 03:03 AM IST
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आगरा। बीस लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में निलंबित दरोगा मानवेंद्र गंगवार के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है। अपर पुलिस आयुक्त रामबदन सिंह ने भी पीड़ित पूर्व फौजी से जानकारी ली है। धोखाधड़ी के मामले के निस्तारण में देरी पर सवाल भी उठ रहे हैं। उधर, थाना अछनेरा के सीसीटीवी फुटेज वायरल करने वाले की भी तलाश की जा रही है।
रोहता, सदर निवासी पूर्व फौजी नगेंद्र सिंह ने पुलिस आयुक्त के भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत की थी। बृहस्पतिवार को वह पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से मिले। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी दी। बताया कि उन्होंने आरोप लगाया था कि उन पर थाना इरादत नगर में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में दरोगा मानवेंद्र गंगवार ने रिश्वत की मांग की थी। उनका एक वीडियो भी बनाया गया। यह वायरल हो गया था।
वीडियो में दरोगा एक नाम निकालने के लिए पांच लाख रुपये मांग रहा था। चार नाम के लिए 20 लाख रुपये की मांग का आरोप था। वीडियो में दरोगा ने पुलिस उपायुक्त को भी अपशब्द बोले थे। पूर्व फौजी ने रकम देने से मना कर दिया था। बाद में दरोगा ने उन्हें संदेश किया था। इसमें आधार कार्ड लेकर बुलाया था। लिखा था कि घर पर आकर नोटिस चस्पा किया जाएगा।
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थाने के फुटेज वायरल करने का नहीं चला पता
उधर, थाना अछनेरा में तैनात वरिष्ठ उपनिरीक्षक जितेंद्र यादव को भी निलंबित किया गया था। उन पर आरोप है कि डायरी में घूस ली थी। थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। अब सवाल उठ रहा है कि थाने में जो कैमरे लगे हैं, उनकी डीवीआर थाने के अंदर ही होती है। इसके बावजूद डीवीआर से फुटेज निकालकर वायरल किए गए। यह काम कोई पुलिसकर्मी ही कर सकता है। रिश्वत के मामले में तो कार्रवाई हो गई, अब फुटेज वायरल करने वाले की जानकारी जुटाई जा रही है। अपर पुलिस उपायुक्त पश्चिमी जोन आदित्य सिंह ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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रोहता, सदर निवासी पूर्व फौजी नगेंद्र सिंह ने पुलिस आयुक्त के भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत की थी। बृहस्पतिवार को वह पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से मिले। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी दी। बताया कि उन्होंने आरोप लगाया था कि उन पर थाना इरादत नगर में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में दरोगा मानवेंद्र गंगवार ने रिश्वत की मांग की थी। उनका एक वीडियो भी बनाया गया। यह वायरल हो गया था।
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वीडियो में दरोगा एक नाम निकालने के लिए पांच लाख रुपये मांग रहा था। चार नाम के लिए 20 लाख रुपये की मांग का आरोप था। वीडियो में दरोगा ने पुलिस उपायुक्त को भी अपशब्द बोले थे। पूर्व फौजी ने रकम देने से मना कर दिया था। बाद में दरोगा ने उन्हें संदेश किया था। इसमें आधार कार्ड लेकर बुलाया था। लिखा था कि घर पर आकर नोटिस चस्पा किया जाएगा।
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थाने के फुटेज वायरल करने का नहीं चला पता
उधर, थाना अछनेरा में तैनात वरिष्ठ उपनिरीक्षक जितेंद्र यादव को भी निलंबित किया गया था। उन पर आरोप है कि डायरी में घूस ली थी। थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। अब सवाल उठ रहा है कि थाने में जो कैमरे लगे हैं, उनकी डीवीआर थाने के अंदर ही होती है। इसके बावजूद डीवीआर से फुटेज निकालकर वायरल किए गए। यह काम कोई पुलिसकर्मी ही कर सकता है। रिश्वत के मामले में तो कार्रवाई हो गई, अब फुटेज वायरल करने वाले की जानकारी जुटाई जा रही है। अपर पुलिस उपायुक्त पश्चिमी जोन आदित्य सिंह ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।