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वसंत पंचमी पर अलौकिक आभा से सजा वसंती कमरा, गूंजे राधारमण लाल के जयकारे
Sun, 10 Feb 2019 08:06 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 10 Feb 2019 08:06 PM IST
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वसंती कमरे में बिखरी अलौकिक आभा
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वृंदावन में रविवार को वसंत पंचमी पर शाहजी मंदिर का वसंती कमरा भक्तों के लिए खोला गया। जैसे ही वसंती कमरे के पट खोले गए, मंदिर परिसर श्रीराधा रमण लाल जू की जयकारों से गुंजामान हो गया। कमरे की अलौकिक आभा देखकर भक्त भक्ति और उल्लास से सराबोर हो गए।
राजशाही झाड़-फनूसों के मध्य से निकलती रंग-बिरंगी रोशनी, स्वर्णमयी दीवार, दर्पण और झूमर की अलौकिक आभा के बीच राधारमण लाल जू ने भक्तों को दर्शन दिए। इससे पूर्व वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य ठाकुर जी का अभिषेक किया गया।
सुबह पौने 10 बजे जैसे ही दर्शन हुए, समूचा परिसर ठाकुर जी के जयकारों से गूंज उठा। विभिन्न रंगों के बेशकीमती झाड़-फनूसों, गोलाकार छत पर की गई पच्चीकारी, विभिन्न रंगों के दर्पण भक्तों को आकर्षित कर रहे थे। इस अद्भुत और अलौकिक कमरे में विराजमान अपने आराध्य के दर्शन पाकर भक्त धन्य हो गए।
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मंदिर के व्यवस्थापक प्रशांत शाह ने बताया कि वृंदावन के शाहजी मंदिर का यह कमरा वर्ष में सिर्फ दो बार ही खुलता है। प्रथम बार वसंत पंचमी पर दो दिन व दूसरी बार श्रावण मास में दो दिन ठाकुर जी इस कमरे में भक्तों को दर्शन देते हैं। 11 फरवरी को भी शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक भक्तों को कमरे के दर्शन हो सकेंगे।
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राजशाही झाड़-फनूसों के मध्य से निकलती रंग-बिरंगी रोशनी, स्वर्णमयी दीवार, दर्पण और झूमर की अलौकिक आभा के बीच राधारमण लाल जू ने भक्तों को दर्शन दिए। इससे पूर्व वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य ठाकुर जी का अभिषेक किया गया।
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सुबह पौने 10 बजे जैसे ही दर्शन हुए, समूचा परिसर ठाकुर जी के जयकारों से गूंज उठा। विभिन्न रंगों के बेशकीमती झाड़-फनूसों, गोलाकार छत पर की गई पच्चीकारी, विभिन्न रंगों के दर्पण भक्तों को आकर्षित कर रहे थे। इस अद्भुत और अलौकिक कमरे में विराजमान अपने आराध्य के दर्शन पाकर भक्त धन्य हो गए।
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मंदिर के व्यवस्थापक प्रशांत शाह ने बताया कि वृंदावन के शाहजी मंदिर का यह कमरा वर्ष में सिर्फ दो बार ही खुलता है। प्रथम बार वसंत पंचमी पर दो दिन व दूसरी बार श्रावण मास में दो दिन ठाकुर जी इस कमरे में भक्तों को दर्शन देते हैं। 11 फरवरी को भी शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक भक्तों को कमरे के दर्शन हो सकेंगे।