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मान को मृदुल स्वभाव से जीता जाता है
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छीपीटोला स्थित निर्मल सदन में भजनों पर झूमते श्रद्वालु। अमर उजाला
- फोटो : Agra City
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आगरा। दिगंबर जैन समाज के दश लक्षण पर्व के दूसरे दिन शनिवार को मंदिरों में उत्तम मार्दव धर्म की पूजा की गई। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। शाम को आरती की गई। मुनि विशाल सागर महाराज ने ‘मार्दव’ का अर्थ ‘मृदुल स्वभाव’ होता है। मान को मधुर स्वभाव से जीता जाता है। लोग मान को बचाने के लिए मार्दव धर्म खो देते हैं।
मुनि वीर सागर, मुनि विशाल सागर व मुनि धवल सागर महाराज के सानिध्य में निर्मल सदन छीपीटोला में जिनशासन बालिका मंडल की ओर से नृत्य से मंगलाचरण की प्रस्तुति दी गई। इंद्र के स्वरूपों ने अष्टद्रव्य की थाल सजाकर जिनेंद्र भगवान की पूजा की। मुनि वीर सागर महाराज ने भक्तांबर स्रोत की कक्षा लगाई। जिनेंद्र भगवान की आरती की गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम में जैन धर्म पर आधारित खुला प्रश्न मंच आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दिलीप जैन, प्रवीन जैन, दयाचंद जैन, अमित जैन, अभय जैन, मुकेश जैन, प्रदीप जैन, आशू जैन, दीपक जैन आदि मौजूद रहे। मीडिया प्रभारी दिलीप जैन ने बताया कि रविवार को उत्तम आर्जव धर्म की पूजा होगी।
श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, हरीपर्वत परिसर में दश लक्षण पर्व के दूसरे दिन मुनि प्रणम्य सागर व मुनि चंद्र सागर महाराज के सानिध्य में अर्हं स्वधर्म शिविर का आयोजन किया गया। भगवान शांतिनाथ का जिन अभिषेक और शांतिधारा की गई। मुनि प्रणम्य सागर महाराज ने उत्तम मार्दव धर्म पर प्रकाश डाला। मुनि चंद्र सागर ने शिविरार्थियों को तत्वार्थ सूत्र सुनाया। शाम को भगवान शांतिनाथ की आरती की गई। उसके बाद ईदगाह कॉलोनी की महिला मंडल ने नृत्य प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का संचालन मनोज जैन ने किया। कार्यक्रम में जगदीश प्रसाद जैन, सुनील जैन, राकेश जैन, अनंत जैन, राजकुमार जैन, अशोक जैन, सतीश जैन आदि मौजूद रहे।
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श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर, गंगेगौरी बाग, बल्केश्वर में आचार्य आदित्य सागर महाराज के सानिध्य में उत्तम मार्दव धर्म पर अभिषेक व शांतिधारा की गई। मुनिराज का पाद प्रक्षालन ऊषा पाटनी, पारसचंद जैन ने किया। प्रवचन में आचार्यश्री ने कहा कि क्रोध जीवन के लिए आग और अंदरूनी जहर है। क्रोध त्यागकर शांति और संतोष को आत्मसात करें। भगवान चंद्रप्रभु की आरती विमल जैन, विशाल जैन की ओर से की गई। प्रवीन जैन, राहुल जैन, सचिन जैन, रजनीश जैन, अरुण जैन आदि मौजूद रहे।
श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, सेक्टर-सात, आवास विकास कॉलोनी में दश लक्षण पर्व के दूसरे दिन पंडित वीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि मार्दव हमें अपने आप की सही वृत्ति को समझने का जरिया है। सभी को एक न एक दिन जाना है, इसलिए परिग्रहों का नाश करने के लिए खुद को जप, त्याग के साथ साधना रूपी भट्ठी में झोंक देना चाहिए। भगवान महावीर का दीप प्रज्ज्वलन मंदिर कमेटी के अध्यक्ष कमल कुमार जैन, अखिल जैन, मगन जैन, केवल जैन, महेश चंद जैन, विजय जैन ने किया। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। मीडिया प्रभारी राहुल के मुताबिक रविवार को शाम आठ बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
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मुनि वीर सागर, मुनि विशाल सागर व मुनि धवल सागर महाराज के सानिध्य में निर्मल सदन छीपीटोला में जिनशासन बालिका मंडल की ओर से नृत्य से मंगलाचरण की प्रस्तुति दी गई। इंद्र के स्वरूपों ने अष्टद्रव्य की थाल सजाकर जिनेंद्र भगवान की पूजा की। मुनि वीर सागर महाराज ने भक्तांबर स्रोत की कक्षा लगाई। जिनेंद्र भगवान की आरती की गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम में जैन धर्म पर आधारित खुला प्रश्न मंच आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दिलीप जैन, प्रवीन जैन, दयाचंद जैन, अमित जैन, अभय जैन, मुकेश जैन, प्रदीप जैन, आशू जैन, दीपक जैन आदि मौजूद रहे। मीडिया प्रभारी दिलीप जैन ने बताया कि रविवार को उत्तम आर्जव धर्म की पूजा होगी।
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श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, हरीपर्वत परिसर में दश लक्षण पर्व के दूसरे दिन मुनि प्रणम्य सागर व मुनि चंद्र सागर महाराज के सानिध्य में अर्हं स्वधर्म शिविर का आयोजन किया गया। भगवान शांतिनाथ का जिन अभिषेक और शांतिधारा की गई। मुनि प्रणम्य सागर महाराज ने उत्तम मार्दव धर्म पर प्रकाश डाला। मुनि चंद्र सागर ने शिविरार्थियों को तत्वार्थ सूत्र सुनाया। शाम को भगवान शांतिनाथ की आरती की गई। उसके बाद ईदगाह कॉलोनी की महिला मंडल ने नृत्य प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का संचालन मनोज जैन ने किया। कार्यक्रम में जगदीश प्रसाद जैन, सुनील जैन, राकेश जैन, अनंत जैन, राजकुमार जैन, अशोक जैन, सतीश जैन आदि मौजूद रहे।
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श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर, गंगेगौरी बाग, बल्केश्वर में आचार्य आदित्य सागर महाराज के सानिध्य में उत्तम मार्दव धर्म पर अभिषेक व शांतिधारा की गई। मुनिराज का पाद प्रक्षालन ऊषा पाटनी, पारसचंद जैन ने किया। प्रवचन में आचार्यश्री ने कहा कि क्रोध जीवन के लिए आग और अंदरूनी जहर है। क्रोध त्यागकर शांति और संतोष को आत्मसात करें। भगवान चंद्रप्रभु की आरती विमल जैन, विशाल जैन की ओर से की गई। प्रवीन जैन, राहुल जैन, सचिन जैन, रजनीश जैन, अरुण जैन आदि मौजूद रहे।
श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, सेक्टर-सात, आवास विकास कॉलोनी में दश लक्षण पर्व के दूसरे दिन पंडित वीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि मार्दव हमें अपने आप की सही वृत्ति को समझने का जरिया है। सभी को एक न एक दिन जाना है, इसलिए परिग्रहों का नाश करने के लिए खुद को जप, त्याग के साथ साधना रूपी भट्ठी में झोंक देना चाहिए। भगवान महावीर का दीप प्रज्ज्वलन मंदिर कमेटी के अध्यक्ष कमल कुमार जैन, अखिल जैन, मगन जैन, केवल जैन, महेश चंद जैन, विजय जैन ने किया। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। मीडिया प्रभारी राहुल के मुताबिक रविवार को शाम आठ बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।