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रोडवेज में बड़ा विवाद: 42 बिना टिकट यात्रियों के मामले में पूर्व चालक ने लगाए गंभीर आरोप, एमडी से लगाई गुहार
Wed, 22 Apr 2026 12:17 PM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 22 Apr 2026 12:17 PM IST
सार
आगरा में रोडवेज बस में 42 बिना टिकट यात्रियों के मामले को लेकर पूर्व संविदा चालक ने संविदा समाप्ति को अन्यायपूर्ण बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं परिवहन निगम के अधिकारियों ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चेकिंग में अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
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रोडवेज बस अड्डा संवाद
- फोटो : 1
विस्तार
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के पूर्व संविदा चालक ने प्रबंध निदेशक, परिवहन निगम लखनऊ को प्रार्थना पत्र भेजकर अपनी संविदा समाप्ति को अन्यायपूर्ण बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि 30 नवंबर 2025 को बस को फतेहाबाद से रुनकता के एक लगन-सगाई कार्यक्रम में भेजा गया था, जहां प्रवर्तन टीम की जांच में 43 यात्री बिना टिकट पाए गए थे।
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पूर्व चालक मिथुन तोमर ने बताया कि उस समय एआरएम ताज डिपो राजेश यादव के निर्देश पर बस संचालित हो रही थी। जांच के दौरान एआरएम ईदगाह डिपो हेमंत तिवारी एवं यातायात निरीक्षक योगेंद्र कुमार ने परिचालक से 30 टिकट बनाकर डबल ड्यूटी लिखने को कहा। चालक होने के नाते टिकट व्यवस्था में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। स्थिति संदिग्ध लगने पर उन्होंने अपने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। आरोप है कि इसकी जानकारी होने पर अधिकारियों ने गाड़ी को ओके करने के निर्देश दिए और बाद में वीडियो डिलीट करने का दबाव बनाया गया, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।
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पूर्व चालक चालक ने बताया कि ताज डिपो की बस पिनाहट से दिल्ली जानी थी। बस को पहले आगरा से पिनाहट ले जाया गया। इसके बाद जैसा कि चालक का आरोप है कि ताज डिपो के एआरएम राजेश कुमार ने उनसे रुनकता के रतन गार्डन से लगन सगाई उठाने को कहा, वहां से उन्होंने 42 सवारियां उठाईं। इसी दाैरान चेकिंग में 42 यात्री बिना टिकट के मिले। बाद में कहा गया कि सभी की टिकट बना दो, 8,9 सवारी बिना टिकट के दिखा देते हैं। इस पर मैंने कहा कि ऐसे तो संविदा समाप्त हो जाएगी। इस पर मैंने 112 पर काॅल कर पीआरवी को माैके पर बुला लिया। बाद में 41 यात्रियों के टिकट बना दिए गए। 1 को बिना टिकट के दिखा दिया गया। इसके बाद मेरा स्थानांतरण बाह डिपो कर दिया।
मुझे बस संचालन से रोक दिया। मैंने गुहार लगाई कि बस का जीपीएस चेक कर लें, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई। वहां समय व्यवस्थापक अभिषेक शर्मा से उनके खिलाफ झूठी रिपोर्ट तैयार कराई गई और उनकी संविदा समाप्त कर दी गई। उन्होंने कहा कि जिस दिन की घटना को आधार बनाया गया, उस दिन वह अपनी पत्नी के संबंध में सूचना देने डिपो गए थे, जिसकी पुष्टि डिपो परिसर के सीसीटीवी फुटेज से हो सकती है। वहीं ताज डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश कुमार ने बताया कि चालक के आरोप निराधार हैं। गाड़ी चेकिंग में रुनकता पकड़ी गई थीं। 42 यात्री बिना टिकट के पकड़े गए। उच्चाधिकारियों ने कार्रवाई की है।