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पुलिस के 'त्रिनेत्र' से नहीं बच पाएंगे अपराधी, बनाई जा रही कुंडली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मैनपुरी
Updated Mon, 28 May 2018 05:07 PM IST
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एसपी अजय शंकर राय- फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी जिले के अपराधियों पर त्रिनेत्र एप की मदद से पुलिस नजर रखेगी। एप के जरिए अपराधियों की कुंडली बनाई जा रही है। जिले में 372 अपराधियों का आपराधिक इतिहास अभी तक एप के जरिए ऑनलाइन किया जा चुका है।
आगे भी पुलिस की कवायद जारी है। जिले में इस कार्य की निगरानी के लिए एएसपी ओमप्रकाश सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है। टीम में डीसीआरबी प्रभारी सहित छह सिपाहियों को भी शामिल किया गया है।
त्रिनेत्र एप की मदद से अपराधी का अपराधिक इतिहास खंगालने के लिए पुलिस को रजिस्ट्रर नहीं पलटने होंगे। कहीं पर भी एप की मदद से किसी भी अपराधी का इतिहास देखा जा सकेगा। अपराधी की फोटो भी अपलोड रहेगी।
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आगे भी पुलिस की कवायद जारी है। जिले में इस कार्य की निगरानी के लिए एएसपी ओमप्रकाश सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है। टीम में डीसीआरबी प्रभारी सहित छह सिपाहियों को भी शामिल किया गया है।
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त्रिनेत्र एप की मदद से अपराधी का अपराधिक इतिहास खंगालने के लिए पुलिस को रजिस्ट्रर नहीं पलटने होंगे। कहीं पर भी एप की मदद से किसी भी अपराधी का इतिहास देखा जा सकेगा। अपराधी की फोटो भी अपलोड रहेगी।
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यह होगा फायदा
पुलिस अधीक्षक अजय शंकर राय ने बताया कि जिले के अपराधियों का डोजियर बनाकर उसे ऑनलाइन अपलोड किया जा रहा है। त्रिनेत्र एप पर हर अपराधी का अपराधिक इतिहास ऑनलाइन रहेगा।
उन्होंने बताया कि 'त्रिनेत्र' के जरिए जरूरत पड़ने पर किसी भी अपराधी के अपराधिक इतिहास को कुछ ही पल में देख जा सकेगा। जिले में अभी तक 372 अपराधियों का डाटा अपलोड किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि 'त्रिनेत्र' के जरिए जरूरत पड़ने पर किसी भी अपराधी के अपराधिक इतिहास को कुछ ही पल में देख जा सकेगा। जिले में अभी तक 372 अपराधियों का डाटा अपलोड किया जा चुका है।