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पड़ोसी को मुकदमे में फंसाने के लिए सिपाही ने रची ऐसी साजिश, पुलिसवाले भी रह गए हैरान

Tue, 28 Jan 2020 12:21 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 28 Jan 2020 12:21 AM IST
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up police constable plotted a conspiracy to implicate a neighbor in fake case
आरोपी सिपाही का भाई समेत दो गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
फिरोजाबाद के थाना टूंडला में तैनात एक सिपाही ने रंजिश में गांव के युवक को फंसाने के लिए ऐसी साजिश रची, जिसका पर्दाफाश होने पर पुलिसवाले भी हैरान रह गए। सिपाही ने एक गोदाम के सुरक्षा कर्मी को 10 हजार रुपये देकर चोरी की बाइक के साथ भेज दिया। 
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बाद में खुद ही आगरा की थाना सिकंदरा पुलिस को सूचना देकर उसे पकड़वा दिया। सुरक्षा कर्मी ने एक युवक का नाम लिया। जब पुलिस ने जांच की तो साजिश का पर्दाफाश हो गया। पुलिस ने सिपाही के भाई को पकड़ लिया है, वहीं सिपाही फरार है।
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थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि रविवार को सूचना मिली थी कि कैलाश मोड़ की तरफ एक वाहन चोर आ रहा है। इस पर पुलिस ने घेराबंदी कर ली। एक आरोपी को पकड़ लिया गया। 
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युवक से रंजिश मानता है सिपाही

आरोपी ने पूछताछ में अपना नाम खंदौली के गांव लहलर निवासी जगमोहन पुत्र देवप्रकाश बताया। कहा कि बाइक थालूगढ़ी निवासी अशोक और उसके भाई पुष्पेंद्र ने दी है। अशोक थाना टूंडला का सिपाही ही था। पुलिस को सूचना भी उसी ने दी थी। 

अगस्त 2018 में अशोक के पिता नेत्रपाल की हादसे में मौत हो गई थी। इस हादसे में अशोक के साथ गांव के ही अनुज के पिता ज्ञानेंद्र भी थे। वो घायल हो गए थे। अशोक को लगता है कि यह हादसा ज्ञानेंद्र ने कराया है।

इसलिए वो ज्ञानेंद्र के परिवार से रंजिश मानता है। अनुज की हाल में नेवी में नौकरी लगी है। पांच फरवरी से प्रशिक्षण पर जाने वाला है। इससे अशोक परेशान था। इसके लिए खंदौली में एक गोदाम के गार्ड जगमोहन से संपर्क किया। 

उससे कहा कि 10 हजार रुपये देंगे। चोरी की बाइक ले जानी होगी। प्लान बनाया कि पुलिस को सूचना अशोक ही देगा। जगमोहन पुलिस की पूछताछ में बाइक अनुज की बताएगा, जिससे अनुज को पुलिस पकड़ लेगी। 

इस पर जगमोहन चोरी की बाइक ले जाने को तैयार हो गया। मगर, पुलिस की जांच में सच सामने आ गया। अशोक न्यू आगरा के सुरेंद्र नगर में रहता है। बाइक मथुरा से चोरी हुई है। पुलिस ने जगमोहन की मदद से आरोपी पुष्पेंद्र को पकड़ लिया। वहीं अशोक की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है।

वाहन जानकारी एप ने खोली हकीकत

पुलिस आरोपी जगमोहन की बात पर भरोसा कर लेती, लेकिन पुलिस ने बाइक के मालिक के बारे में जानकारी के लिए वाहन जानकारी वाले एप की मदद ली। जगमोहन ने पहले अपना नाम मथुरा के बल्देव निवासी रविंद्र बताया था। 

उसने कहा कि बाइक हाथरस के सादाबाद स्थित गांव थालूगढ़ी के अनुज ने दी है। मगर, पुलिस ने एप की मदद से बाइक की डिटेलनिकाली। इससे पता चला कि नंबर खंदौली के नगला हरकेश निवासी मनोज कुमार के नाम पर पंजीकृत है। बाइक का रंग लाल है, जबकि बरामद बाइक का रंग काला था। 

इस पर पुलिस को शक हो गया। इस बार बाइक के चेसिस नंबर से पता किया। इस पर बाइक मथुरा के यमुनापार स्थित गांव रावलनिवासी जगमोहन की निकली। पुलिस ने जगमोहन से सख्ती से पूछताछ की। इसके बाद उसने सच उगल दिया। बाइक मथुरा से चोरी हुई है। 
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