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यादों के झरोखे: समूह में गाने गाती हुई डालने जातीं थीं वोट, किस्से-कहानियां सुनाते हुए होता था प्रचार

Wed, 14 Apr 2021 11:36 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 14 Apr 2021 11:36 AM IST
सार

चंबल क्षेत्र के गांव हरि सिंह की ढारि की रहने वाली 80 वर्षीय रामकली देवी बताती हैं कि पहले चुनाव लड़ने से महिलाओं का दूर-दूर तक वास्ता नहीं था। गांव की बड़ी बुजुर्ग महिलाएं ही एकजुट होकर वोट डालने जाती थीं। बाद में गांव की अन्य महिलाएं भी जाने लगीं।

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Up Panchayat Chunav History Of Agra Told By 102 Year Woman
पंचायत चुनाव के किस्से बताने वाले विजय सिंह व रामकली देवी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पिनाहट में पडुआपुरा के 102 साल के विजय सिंह ने आजादी के बाद से लेकर अब तक के सभी पंचायत चुनाव देखे हैं। चुनाव का जिक्र छिड़ने पर वह पुराने समय को याद करने लगते हैं। उन्होंने बताया कि पहले गांव वाले मिलकर किसी एक व्यक्ति को मुखिया चुन लेते थे। वही चुनाव लड़ता था।
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घर-घर प्रचार नहीं किया जाता था। चौपाल, खलिहान में महफिल जुटती। वहीं किस्से-कहानियां सुनी-सुनाई जातीं थीं। अब जमाना बदल गया है। गांव-गांव में वैमनस्यता बढ़ गई है। एक-एक पुरवे से कई-कई लोग प्रधान बनने के लिए खड़े होते हैं। एक-दूसरे को नीचा दिखाने के लिए प्रचार में खामियां गिनाते हैं। इससे आपस में दुश्मनी हो जाती है। 
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समूह में गाने गाती हुई डालने जातीं थीं वोट
चंबल क्षेत्र के गांव हरि सिंह की ढारि की रहने वाली 80 वर्षीय रामकली देवी बताती हैं कि पहले चुनाव लड़ने से महिलाओं का दूर-दूर तक वास्ता नहीं था। गांव की बड़ी बुजुर्ग महिलाएं ही एकजुट होकर वोट डालने जाती थीं। बाद में गांव की अन्य महिलाएं भी जाने लगीं। घर के कामकाज निपटाने के बाद दोपहर में पूरे गांव की महिलाएं सज-धजकर वोट डालने के लिए समूह में निकलतीं थीं और रास्ते में गाने गाते हुए जाती थीं।
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Up Panchayat Chunav History Of Agra Told By 102 Year Woman
पंचायत चुनाव के बारे में बताने वाले जगदीश व सौमोती देवी - फोटो : अमर उजाला
खेत में किसानों के बीच होता था खाना-पीना
फतेहाबाद जगराजपुरा गांव के शिशुपाल (70) किसान हैं। पंचायत चुनाव के पुराने दिनों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि पहले इतना दिखावा नहीं था। शुरुआत में तो ज्यादातर गांवों में निर्विरोध प्रधान चुन लिए जाते थे। मैदान में उतरने पर भी प्रचार पर इतना जोर नहीं दिया जाता था। खेतों में काम कर रहे किसानों के बीच प्रत्याशी मेड़ पर बैठकर घंटों बतियाते थे। उन्हीं के साथ खेत में ही कलेवा, दोपहर का खाना भी खा लेते थे। शाम को खलिहान में बातें करते करते सो भी जाते थे। दो-तीन लोग ही चुनाव लड़ते थे।

फिर वही हैंडपंप, आवास का झुनझुना
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मैदान में उतरे प्रत्याशी घर-घर दस्तक देकर मतदाताओं को लुभाने में जुटे हैं। इस दौरान वे ग्रामीणों को आवास, हैंडपंप जैसी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने का झुनझुना थमाकर वोट हथियाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।

हैंडपंप नहीं अब तो सबमर्सिबल पंप चाहिए 
पंचायत चुनाव में प्रधान पद के प्रत्याशी लोगों को हैंडपंप, आवास, पेंशन आदि योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन देकर वोट मांग रहे हैं। सोमवार को ही ग्राम चार विषा में प्रचार करने निकले प्रत्याशी ग्रामीणों को ऐसा ही आश्वासन दे रहे थे। तभी गांव के लोगों ने पानी की समस्या उनके सामने रखी। साथ ही कहा कि अब हैंडपंप नहीं उन्हें तो सबमर्सिबल पंप चाहिए। मीरपुरा गांव में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला। जो भी प्रत्याशी आता है, गांववाले उसे पानी की समस्या दिखाते हैं। यहां भी लोग टंकी अथवा सबमर्सिबल पंप की ही मांग उठा रहे हैं।

सबमर्सिबल से ही दूर होगी समस्या
गांव में पानी की समस्या विकराल है। हर चुनाव में प्रत्याशी इससे निजात दिलाने का आश्वासन देते हैं। पर, अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। गांव में सबमर्सिबल पंप लगने से ही पानी की समस्या दूर होगी। - सोमौती देवी, एत्मादपुर अजनेरा।

पिछले साल भी किया था हैंडपंप का वादा
पिछले चुनाव में हैंडपंप लगवाने का वादा प्रत्याशियों ने किया था। पर, अब तक पानी की समस्या दूर नहीं की जा सकी है। इस बार भी प्रत्याशी हैंडपंप, आवास का ही दिलासा दे रहे हैं। - जगदीश शर्मा, निवासी मीरपुरा 
 

प्रचार में तो सभी बहा रहे विकास की गंगा
फतेहाबाद ब्लॉक के 70 ग्राम पंचायत में प्रधान पद के 600 प्रत्याशी मैदान में हैं। प्रचार के दौरान सभी विकास की गंगा बहा रहे हैं। गांववाले बताते हैं कि सारा दिन कोई न कोई प्रत्याशी गांव आता ही रहता है। कोई पानी, जलभराव की समस्या दूर कराने का वादा करता है, तो कोई पेंशन, आवास का सब्जबाग दिखा रहा है। पर, जीतने के बाद कोई कुछ नहीं करता है। जटपुरा, पलिया, नगरचंद, रनपुरा, सांकुरी खुर्द, बलौनी आदि के ग्रामीणों ने बताया कि बरसों से जलभराव की समस्या है। जिसे अब तक दूर नहीं किया जा सका है। 

गांव में पानी और जलभराव बड़ी समस्या है। पिछले कई चुनावों में प्रत्याशियों के सामने इसे रखा जाता है। सभी जीतते ही इसे दूर कराने की बात करते हैं। पर, जलनिकासी की व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी है। -शुभम शर्मा, पलिया। 

गांव में रास्ता, नाली आदि की समस्या है। बरसात में पानी नहीं निकलने से गांव की गलियों तक भर जाता है। चुनाव लड़ने वालों को कई बार बताया गया है। पर कोई भी नेता अब तक इसे समस्या को दूर नहीं कर सका है। रेशम देवी, लोहिया उझावली। 

नेता जी नासूर बना है पानी का संकट
फतेहपुर सीकरी। राजस्थान सीमा से सटे नगला दधिराम आदि गांवों के लोग बरसों से पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। इसका फायदा पंचायत चुनाव के प्रत्याशी भी उठाने से चूक नहीं रहे हैं। वे ग्रामीणों को गांववालों को जीतने पर हैंडपंप, टंकी आदि लगवाने का भरोसा दिला रहे हैं। गांव के निरोत्तम शर्मा ने बताया कि जिला पंचायत के प्रत्याशी रविवार को प्रचार करने आए थे। पानी की समस्या के निदान का वादा कर रहे थे। जौताना और दूरा गांव में भी लोग पानी की समस्या से ही निजात चाहते हैं। दूरा निवासी विराट कहरवार ने बताया कि जिला पंचायत के सभी प्रत्याशी ने गांव में पेयजल समस्या के निदान की बात कह रहे हैं।

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