{"_id":"5d907c7b8ebc3e014f25e394","slug":"up-news-rss-leader-indresh-kumar-says-pakistan-will-have-four-pieces-soon","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"संघ के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार का बड़ा बयान, कहा- जल्द होंगे पाकिस्तान के चार टुकड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संघ के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार का बड़ा बयान, कहा- जल्द होंगे पाकिस्तान के चार टुकड़े
Sun, 29 Sep 2019 03:13 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 29 Sep 2019 03:13 PM IST
विज्ञापन
कार्यक्रम को संबोधित करते संघ नेता इंद्रेश कुमार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ नेता एवं राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के मुख्य संरक्षक इंद्रेश कुमार ने कहा कि पाकिस्तान के हालात बहुत खराब हो गए हैं। वहां चार मोर्चों पर गृहयुद्ध के हालात हैं। वो शनिवार को आगरा में हिमलायन हिंद महासागर राष्ट्रीय समूह के 54 देशों के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
इंद्रेश कुमार ने कहा कि जल्द ही पाकिस्तान के बलूचिस्तान, बाल्टिस्तान, जियो सिंध और पख्तूननिस्तान के रूप में चार टुकड़े होंगे। आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान का कोई भविष्य नहीं है। यही कारण है कि पाकिस्तान अब धमकियां देने पर उतारू हो गया है।
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत के साथ एतिहासिक व सांस्कृतिक रूप से जुड़े 54 देशों के साथ सामाजिक, आर्थिक और सुरक्षा के मुद्दों पर एकजुट होकर कार्य करने पर बल दिया गया। वक्ताओं ने इस संगठन को वक्त की जरूरत बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
इंद्रेश कुमार ने कहा कि जल्द ही पाकिस्तान के बलूचिस्तान, बाल्टिस्तान, जियो सिंध और पख्तूननिस्तान के रूप में चार टुकड़े होंगे। आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान का कोई भविष्य नहीं है। यही कारण है कि पाकिस्तान अब धमकियां देने पर उतारू हो गया है।
विज्ञापन
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत के साथ एतिहासिक व सांस्कृतिक रूप से जुड़े 54 देशों के साथ सामाजिक, आर्थिक और सुरक्षा के मुद्दों पर एकजुट होकर कार्य करने पर बल दिया गया। वक्ताओं ने इस संगठन को वक्त की जरूरत बताया।
विज्ञापन
इंद्रेश ने कहा कि हिंद महासागर के साथ जुड़े देशों से प्राचीनकाल से रिश्ते हैं। यूरोपियन यूनियन का उदाहरण देते हुए बताया कि इस समूह के एक देश की आबादी 142 है तो दूसरे की 199 है। जब यह यूरोपियन यूनियन बना सकते हैं तो 350 करोड़ की आबादी के भूभाग वाला यह क्षेत्र एक मजबूत संगठन के रूप में क्यों नहीं उभर सकता है।
सीमाओं पर होने वाला खर्च कम होगा
उन्होंने बताया कि भारत के साथ चीन की सीमा पर एक दिन में जितना धन व्यय होता है, वो भूटान भारत की सीमा पर दस साल में खर्च किए जाने वाले व्यय के बराबर है। इसी तरह पाकिस्तान की सीमा पर जितना व्यय एक दिन में होता है उतना भारत-नेपाल की सीमा पर एक साल में भी नहीं होता है। जब मित्र देशों की सीमाओं पर होने वाले खर्च में कटौती होगी तो इस धनराशि से सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य पर कार्य किया जा सकेगा।
दुनिया अब भारत केंद्रित हो गई
इंद्रेश ने कहा कि अब भारत का प्रधानमंत्री विश्व के सबसे शक्तिशाली देश के अगले राष्ट्रपति के लिए घोषणा कर रहा है। पहले कभी रूस केंद्रित दुनिया थी, फिर फ्रांस केंद्रित हुई। लंबे समय से अमेरिका केंद्रित दुनिया चली और अब विश्व भारत केंद्रित हो गया है। मोजाम्बिक, पनामा, नाइजीरिया, फगानिस्तान, भूटान, वियतनाम, तंजानिया, म्यांमार, पापुआ न्यूगिनी आदि देशों से आए प्रतिनिधियों ने भी एकजुटता की जरूरत बताई।
सीमाओं पर होने वाला खर्च कम होगा
उन्होंने बताया कि भारत के साथ चीन की सीमा पर एक दिन में जितना धन व्यय होता है, वो भूटान भारत की सीमा पर दस साल में खर्च किए जाने वाले व्यय के बराबर है। इसी तरह पाकिस्तान की सीमा पर जितना व्यय एक दिन में होता है उतना भारत-नेपाल की सीमा पर एक साल में भी नहीं होता है। जब मित्र देशों की सीमाओं पर होने वाले खर्च में कटौती होगी तो इस धनराशि से सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य पर कार्य किया जा सकेगा।
दुनिया अब भारत केंद्रित हो गई
इंद्रेश ने कहा कि अब भारत का प्रधानमंत्री विश्व के सबसे शक्तिशाली देश के अगले राष्ट्रपति के लिए घोषणा कर रहा है। पहले कभी रूस केंद्रित दुनिया थी, फिर फ्रांस केंद्रित हुई। लंबे समय से अमेरिका केंद्रित दुनिया चली और अब विश्व भारत केंद्रित हो गया है। मोजाम्बिक, पनामा, नाइजीरिया, फगानिस्तान, भूटान, वियतनाम, तंजानिया, म्यांमार, पापुआ न्यूगिनी आदि देशों से आए प्रतिनिधियों ने भी एकजुटता की जरूरत बताई।