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शीतगृह उद्यमियों की समस्याओं को हल करने के लिए सरकार गंभीर: उद्यान मंत्री
Sun, 14 Jul 2019 06:58 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 14 Jul 2019 06:58 PM IST
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कार्यक्रम में उद्यान मंत्री दारा सिंह चौहान व अन्य लोग
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के वन, पर्यावरण एवं उद्यान मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि आगरा में टीटीजेड और एनजीटी की बाध्यताओं के कारण नए उद्योग लगाने में समस्याएं हैं। जल्द ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक करके उद्योगों के हित में सार्थक नतीजे निकालने के प्रयास किए जाएंगे। शीतगृह उद्यमियों की समस्याओं को हल करने को भी सरकार गंभीर है।
आगरा में आयोजित ऑल इंडिया कोल्ड चेन सेमिनार के समापन समारोह में रविवार को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उद्यान मंत्री ने कहा कि शीतगृह उद्योग में लाइसेंस नवीनीकरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वैकल्पिक ऊर्जा और भंडारण आदि की समस्याओं का निदान प्राथमिकता के आधार पर होगा।
उन्होंने बताया कि सरकार किसानों की आय दोगुना करने के लिए प्रयासरत है। परिवहन भाडे़ में सरकार किसानों को सब्सिडी दे रही है। ऐसे ब्लाक जहां आलू का उत्पादन होता है मगर भंडारण के लिए शीतगृह नहीं हैं, वहां शीतगृह लगाने को सरकार विशेष छूट दे रही है।
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उन्होंने बरसात में पेड़ लगाने और वर्षा के जल का संचयन करने का आह्वान किया। कहा कि अपने पर्यावरण को बचाने की जिम्मेदारी सरकार की ही नहीं बल्कि हर जिम्मेदार नागरिक की है। इसके पहले उन्होंने दीप जलाकर तीसरे दिन की सेमिनार की शुरुआत की।
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आगरा में आयोजित ऑल इंडिया कोल्ड चेन सेमिनार के समापन समारोह में रविवार को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उद्यान मंत्री ने कहा कि शीतगृह उद्योग में लाइसेंस नवीनीकरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वैकल्पिक ऊर्जा और भंडारण आदि की समस्याओं का निदान प्राथमिकता के आधार पर होगा।
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उन्होंने बताया कि सरकार किसानों की आय दोगुना करने के लिए प्रयासरत है। परिवहन भाडे़ में सरकार किसानों को सब्सिडी दे रही है। ऐसे ब्लाक जहां आलू का उत्पादन होता है मगर भंडारण के लिए शीतगृह नहीं हैं, वहां शीतगृह लगाने को सरकार विशेष छूट दे रही है।
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उन्होंने बरसात में पेड़ लगाने और वर्षा के जल का संचयन करने का आह्वान किया। कहा कि अपने पर्यावरण को बचाने की जिम्मेदारी सरकार की ही नहीं बल्कि हर जिम्मेदार नागरिक की है। इसके पहले उन्होंने दीप जलाकर तीसरे दिन की सेमिनार की शुरुआत की।
'बंदिशों को दूर करे सरकार'
फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र स्वरूप ने कहा कि भंडारण की अवधि 30 नवंबर तक बढ़ाने का लाभ किसान को नहीं मिलेगा, उसे नुकसान ही होगा, क्योंकि तब तक बाजार में नया आलू आ जाता है और पुराना कोई नहीं खरीदता। आलू सिकुड़ भी जाता है। ऐसे में अवधि 31 अक्टूबर तक करें। शीतगृहों में आलू बिकता था तो किसान को मंडी शुल्क और भाड़े की बचत होती थी, लेकिन सरकार ने बंद करा दिया।
वीरेंद्र राय ने कहा कि शीतगृह से पर्यावरण को कौन से खतरा हो रहा है जोकि पर्यावरण, अग्निशमन की एनओसी जरूरी कर दी हैं, इनसे इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिल रहा है। कार्यकारी अध्यक्ष राजेश गोयल ने कहा कि किसानों का आलू का दाम नहीं मिल पा रहा है। सरकार मंडी समिति खत्म करे। प्रदूषण के लिए एकमुश्त समाधान योजना लागू हो।
सीए दीपेंद्र मोहन ने जीएसटी पर चर्चा की। राष्ट्रीय संयोजक अरविंद अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल ने वर्चुअल नेट मीटरिंग पालिसी लागू करने की मांग की। इस दौरान उद्यान विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. आरके तोमर, उपनिदेशक कौशल कुमार नीरज, मुरारीलाल फतेहपुरिया, राजीव कंसल, आदि मौजूद रहे।
वीरेंद्र राय ने कहा कि शीतगृह से पर्यावरण को कौन से खतरा हो रहा है जोकि पर्यावरण, अग्निशमन की एनओसी जरूरी कर दी हैं, इनसे इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिल रहा है। कार्यकारी अध्यक्ष राजेश गोयल ने कहा कि किसानों का आलू का दाम नहीं मिल पा रहा है। सरकार मंडी समिति खत्म करे। प्रदूषण के लिए एकमुश्त समाधान योजना लागू हो।
सीए दीपेंद्र मोहन ने जीएसटी पर चर्चा की। राष्ट्रीय संयोजक अरविंद अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल ने वर्चुअल नेट मीटरिंग पालिसी लागू करने की मांग की। इस दौरान उद्यान विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. आरके तोमर, उपनिदेशक कौशल कुमार नीरज, मुरारीलाल फतेहपुरिया, राजीव कंसल, आदि मौजूद रहे।