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शासन से आया फरमान, इन शिक्षकों का रोका जाए वेतन, विभाग तैयार कर रहा सूची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मैनपुरी
Updated Sat, 17 Nov 2018 03:59 PM IST
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मैनपुरी जिले के 900 से अधिक शिक्षकों का वेतन रुक सकता है। यदि समय रहते उन्होंने परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर के लिए आवेदन नहीं किया तो उनका वेतन रोक दिया जाएगा। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद लेखाधिकारी ने खंड शिक्षाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने लेखाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि जिन शिक्षकों के परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN) नहीं हैं। उनका वेतन रोक दिया जाए। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। सभी शिक्षकों को प्रान नंबर आवंटित किया जाए।
शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि बिना 'प्रान' के किसी भी शिक्षक को वेतन जारी न किया जाए। जिले में 900 से अधिक शिक्षकों को अभी 'प्रान' जारी नहीं हो सका है। इसका कारण यह है कि इन शिक्षकों ने पुरानी पेंशन के चक्कर में अभी तक 'प्रान' के लिए आवेदन नहीं किया है।
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जिलाधिकारी ने लेखाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि जिन शिक्षकों के परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN) नहीं हैं। उनका वेतन रोक दिया जाए। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। सभी शिक्षकों को प्रान नंबर आवंटित किया जाए।
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शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि बिना 'प्रान' के किसी भी शिक्षक को वेतन जारी न किया जाए। जिले में 900 से अधिक शिक्षकों को अभी 'प्रान' जारी नहीं हो सका है। इसका कारण यह है कि इन शिक्षकों ने पुरानी पेंशन के चक्कर में अभी तक 'प्रान' के लिए आवेदन नहीं किया है।
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ऐसे शिक्षकों की बनाई जा रही सूची
पुरानी पेंशन को लेकर कोर्ट में विशिष्ट बीटीसी शिक्षक संघ की लड़ाई चल रही है। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद विभाग ने ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार करना शुरू कर दी है जिनके प्रान नंबर अभी तक नहीं उपलब्ध है।
वहीं लेखाधिकारी ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों से कहा है कि वे अपने क्षेत्र के प्रान नंबर के लिए आवेदन न करने वाले शिक्षकों से शीघ्र आवेदन कराएं नहीं तो उनका वेतन रोक दिया जाएगा।
कई शिक्षकों का कोर्ट में चल रहा है मामला
जिले में विशिष्ट बीटीसी के तहत नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों का मामला कोर्ट में लंबित है। ऐसे में ये शिक्षक किसी कीमत पर 'प्रान' के लिए आवेदन नहीं करना चाहते हैं। जब तक कोर्ट का निर्णय नहीं होता उन पर विभाग दबाव भी नहीं बना सकता है।
वहीं लेखाधिकारी ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों से कहा है कि वे अपने क्षेत्र के प्रान नंबर के लिए आवेदन न करने वाले शिक्षकों से शीघ्र आवेदन कराएं नहीं तो उनका वेतन रोक दिया जाएगा।
कई शिक्षकों का कोर्ट में चल रहा है मामला
जिले में विशिष्ट बीटीसी के तहत नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों का मामला कोर्ट में लंबित है। ऐसे में ये शिक्षक किसी कीमत पर 'प्रान' के लिए आवेदन नहीं करना चाहते हैं। जब तक कोर्ट का निर्णय नहीं होता उन पर विभाग दबाव भी नहीं बना सकता है।
वेतना रोकना होगा चुनौती
शिक्षा विभाग के लिए उनका वेतन रोकना चुनौती है। विभाग को उनका वेतन रोकने से पहले सोचना होगा कि कहीं कोर्ट के आदेशों की अवमानना न हो जाए। कोर्ट ने उनका वेतन जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
लेखाधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी ने बैठक में निर्देश दिए हैं। निर्देशों के पालन के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। खंड शिक्षाधिकारियों से कहा गया है कि वे छूटे हुए शिक्षकों से शीघ्र प्रान नंबर के लिए आवेदन कराएं। इससे कि उनको नियमित वेतन जारी रखा जा सके।
लेखाधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी ने बैठक में निर्देश दिए हैं। निर्देशों के पालन के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। खंड शिक्षाधिकारियों से कहा गया है कि वे छूटे हुए शिक्षकों से शीघ्र प्रान नंबर के लिए आवेदन कराएं। इससे कि उनको नियमित वेतन जारी रखा जा सके।